अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनका देश ईरान पर कहर बरपाने के लिए तैयार है. ऐसा वैसा कहर नहीं. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ऐसी मिलिट्री ताकत से ईरान पर हमला करने के लिए रेडी है, जिसे दुनिया ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद कभी नहीं देखा होगा. लेकिन ट्रंप रुक गए. उन्होंने हमले का आदेश नहीं दिया. वजह भी खुद बताई.
ईरान पर वर्ल्ड वॉर 2 से भी खतरनाक हमला करने को तैयार अमेरिका, ट्रंप ने रुकवा दिया
America एक बड़ी तैयारी के साथ Iran पर अटैक करता. Donald Trump ने दावा किया कि अमेरिकी सेना की ऐसी ताकत इस्तेमाल होती, जिसे दुनिया ने World War II के बाद कभी नहीं देखा होगा.

डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान और अरब देशों के कहने पर अटैक नहीं किया. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी दी. ट्रंप ने 2 अगस्त को एक पोस्ट में लिखा कि समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की वजह से ईरान और अरब देशों ने उनसे हमला रोकने के लिए कहा. ट्रंप ने दावा किया कि डील की रूपरेखा पर सहमति बन गई है.
डील के 2 बड़े मुद्देअमेरिकी प्रेसिडेंट ने और जानकारी देते हुए कहा कि इस डील में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान की परमाणु ताकत बनने की क्षमता को रोकना दो बड़े मुद्दे हैं. उनके मुताबिक, समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत और पूरी तरह से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा.
डॉनल्ड ट्रंप आगे दावा किया कि ईरान और अरब देशों की रिक्वेस्ट को मानते हुए वे दुनिया का फायदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा,
"मैं दुनिया के भविष्य के फायदे के लिए और इसी तरह एक सफल व समृद्ध ईरान का अस्तित्व बनाए रखने के लिए हमला रोकने पर सहमत हो गया हूं, बशर्ते हम जल्दी से एक डील कर सकें."

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पूरे सीन में इजरायल को नहीं भूले. उन्होंने कहा कि इस कमिटमेंट में इजरायल उनके साथ है. उन्होंने अपील की कि डील में शामिल सभी स्टेकहोल्डर्स को डील फाइनल करने में जुट जाना चाहिए और इसे पूरा करना चाहिए.
इजरायल ने इस मुद्दे पर तुरंत कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया. तेहरान ने इस वीकेंड वाशिंगटन को किसी भी 'एडवेंचरस एक्शन' को लेकर सख्त चेतावनी दी थी. ईरान ने चेताया था कि अगर अमेरिकी सेना ईरानी टारगेट पर नए हमलों की ट्रंप की धमकियों पर अमल करती है, तो वह इसका कड़ा जवाब देगा.
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ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार, 1 अगस्त को तुर्की, पाकिस्तानी और सऊदी अरब के सीनियर अफसरों के साथ अलग-अलग फोन कॉल पर ये बातें कहीं. ये बातें कुवैत की सेना के ये कहने के कुछ ही घंटों बाद आईं कि उसने कई अहम ठिकानों पर ईरान के लॉन्च किए गए दुश्मन ड्रोन को तबाह कर दिया है.
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