
आप भी पढ़ लीजिए ये जाहिलाना इश्तेहार.
क्या है मामला दरअसल, चुरू के राजगढ़ इलाके के मोहम्मद अल्ताफ का नाजरा बानो से 2008 में उसका निकाह हुआ था. 29 मार्च 2018 उसका मुकलावा (पति के साथ भेजना) भी हो गया. उस समय ₹51000 नगद में सोने चांदी के जेवर के सामान भी दिया गया था. शिकायत के मुताबिक, इतने से भी ससुराल पक्ष नहीं माना. एक लाख रुपये और कार की डिमांड कर दी. नाजरा के पिता इमामूद्दीन ने एक लाख रुपये तो दे दिए, लेकिन कार नहीं दे पाए. नाजरा बानो का आरोप है कि उसकी सास-ससुर और जेठानी रूबीना ने टॉर्चर किया और घर से निकाल दिया. कुछ दिनों तक सुलह की आस थी. नाजरा की बड़ी बहन हसीना की शादी भी उसी घर में हुई है. उसने अपनी बहन नाजरा का साइड ली तो उसे भी घर से निकाल दिया.
इतना सब होने के बाद सुलह की उम्मीद धुंधली थी. और जिसका डर था, वही हुआ. पति ने तलाक़ दे दिया. लेकिन सामने से नहीं, डाक से. नाजरा ने डाक भेजकर दिए तलाक को मानने से इनकार कर दिया. अल्ताफ ने एक कदम आगे निकला. अख़बार में ही इश्तेहार निकलवा दिया. पर्सनल मामले को पर्सनल रखने के बजाए, मामले के दुनिया के सामने नुमाइश की. अखबार में निकलवाया, जैसे पुराने जमाने में ढोल पीट-पीटकर बताया जाता था. अल्ताफ के इस कदम के बाद नाजरा ने कानूनी रास्ता अपनाया है. अल्ताफ और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज़ करवाया है. आजतक के रिपोर्टर शरत कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. दोनों बहनें मायके में रह रही हैं. अब दोनों को इंतज़ार है तो बस इंसाफ का!
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