लोकसभा ने सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है, जिससे सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या में बढ़ गई है. सरकार ने न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का निर्णय क्यों लिया, और लंबित मामलों का बैकलॉग कितना गंभीर है? क्या इस कदम से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और न्यायपालिका के कामकाज में सुधार होगा?
सुप्रीम कोर्ट में क्या नया होने वाला है?
सरकार ने न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का निर्णय क्यों लिया, और लंबित मामलों का बैकलॉग कितना गंभीर है?
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