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UP के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के विवादित बोल, 'मदरसे आतंकी पैदा करने की फैक्ट्री'

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मदरसा पाकिस्तान का हो, बांग्लादेश का हो या फिर भारत का हो आतंवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री है. इससे पहले तस्लीमा नसरीन ने भी ऐसा बयान दिया था.

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने मदरसा पर बड़ा बयान दिया है. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों को आतंकवादियों की फैक्ट्री बताते हुए एक विवादित बयान दिया है, जो विधानसभा चुनाव से पहले आया है।
  • मौर्य का बयान तस्लीमा नसरीन के उग्रवाद से जुड़े मदरसों के आरोपों और उत्तर प्रदेश सरकार के मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम में संशोधन की योजना के संदर्भ में आया है।
  • इस बयान के बाद प्रदेश में मदरसों के संचालन पर कैबिनेट बैठक में प्रस्तावित संशोधन पर चर्चा तेज हुई, जिसमें 12वीं तक की पढ़ाई को मान्यता देने की बात सामने आई है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य फिर से खबरों में है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मदरसों को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवादियों का घर है. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में सियासी गलियारों में उनके बयान पर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, इससे पहले लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी इसी तरह का मिलता जुलता बयान दिया है.  

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तस्लीमा नसरीन के बयान पर डिप्टी CM ने दी प्रतिक्रिया

बता दें कि बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन लगभग 20 साल बाद कोलकाता लौटी थीं. उन्होंने अपने बयान में कहा कि ‘बांग्लादश के कुछ मदरसे जिहादी पैदा करने की फैक्ट्री हैं.’ इसी बयान को लेकर जब पत्रकारों ने यूपी के उपमुख्यमंत्री से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, 

‘मदरसा पाकिस्तान का हो, बांग्लादेश का हो या फिर भारत का हो एक तरह से देखा जाए तो अघोषित तौर से आतंवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री है.’  

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केशव प्रसाद मौर्य का ये बयान तब आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा में मदरसों के संचालन से जुड़े बड़े फैसले ले सकती है. सूत्रों के मुताबिक, 4 अगस्त की कैबिनेट बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा. जिसपर मुहर भी लग सकती है. 

इसके तहत उत्तर प्रदेश में मदरसों में सिर्फ 12वीं तक की ही पढ़ाई मान्य होगी. कामिल और फाजिल यानी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पर रोक लगा दी जाएगी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी इसपर रोक लगाने का आदेश दिया था.

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तस्लीमा नसरीन ने क्या कहा था?

कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तस्लीमा नसरीन ने कहा था, 

‘बांग्लादेश के कई मदरसों में उग्रवादियों को पाला-पोसा जाता है. कुछ मदरसे जिहादी पैदा करने की फैक्ट्री बन गए हैं. यहां बच्चों के साथ शोषण किया जाता है. महिलाओं के साथ रेप के भी मामले सामने आए हैं. मेरी राय में तो इन मदरसों का अस्तित्व ही ख़त्म हो जाना चाहिए.’  

तस्लीमा का कहना है कि भारतीय महाद्वीप के सभी देशों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होना चाहिए. उन्होंने बताया कि धार्मिक कानूनों की वजह से महिलाओं के अधिकार का हनन हो रहा है, इसलिए ये ज़रूरी है. 

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