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थाईलैंड में भारतीय का दुश्मन भारतीय, किडनैप करके सारे घिनौने काम करवाते हैं

Thailand Indians kidnapping case: 21 जुलाई को तीन भारतीय छुट्टी मनाने बैंकॉक पहुंचे. लेकिन उन्हें पटाया में एक किराए के घर ले जाया गया. बंधक बनाकर रखा. मारपीट की और परिवार से लाखों रुपये की फिरौती मांगी गई. पुलिस ने मामले में पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है.

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2025 में लगभग 2.5 मिलियन भारतीयों ने थाईलैंड में ट्रैवल किया. (फोटो-Pexels)

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  • थाईलैंड में 2025 में तीन भारतीयों की किडनैपिंग का एक मामला सामने आया जिसमें उन्हें फिरौती के लिए बंधक बनाया गया और पुलिस की कार्रवाई से उन्हें बचाया गया।
  • भारत और थाईलैंड के बीच पर्यटन वृद्धि के साथ-साथ कुछ भारतीय गिरोहों द्वारा किडनैपिंग और जबरन अपराध करवाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • इस बढ़ती समस्या के चलते थाई पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और भारतीय समुदाय में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है।

थाईलैंड अपने खूबसूरत बीच, वाइब्रेंट नाइट लाइव और रिच कल्चर हेरिटेज के लिए मशहूर है. दुनिया के कोने-कोने से लोग यहां घूमने आते हैं. भारतीयों की भी यहां कोई कमी नहीं. थाईलैंड के पर्यटन और खेल मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में लगभग 25 लाख भारतीयों ने यहां ट्रैवल किया. भारतीय समुदाय की भी संख्या यहां तेजी से बढ़ रही है. लेकिन साथ ही बढ़ा है एक खतरा. थाईलैंड में भारतीय अगवा किए जा रहे हैं. उन्हें किडनैप करने वाले भी भारतीय ही हैं.

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बीते महीने ही तीन भारतीयों की किडनैपिंग से जुड़े एक केस ने सभी को सन कर दिया. 21 जुलाई को तीनों छुट्टी मनाने बैंकॉक पहुंचे थे. लेकिन उन्हें पटाया लेकर एक कमरे में बंद कर दिया गया. उनके साथ मारपीट की गई. उन्हें परिवार से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगने के लिए मजबूर किया. मगर परिवार ने अधिकारियों को सूचना दी और थाई पुलिस ने 27 जुलाई को तीनों को बचा लिया.

मामले में पांच आरोी भारतीयों को देश से भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि इस ऑपरेशन को दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी मास्टरमाइंड ने अंजाम दिया था.

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तीन महिलाओं को प्रॉस्टिट्यूशन में धकेला

यह कोई पहला मामला नहीं था. इससे पहले भी कई भारतीयों ने आरोप लगाए कि उन्हें काम के सिलसिले में थाईलैंड बुला कर पासपोर्ट जब्त कर प्रॉस्टिट्यूशन में धकेला गया. या परिवार से फिरौती मांगी गई. इंडिया टुडे ने ऐसे कुछ मामलों की जानकारी अपनी रिपोर्ट में दी है.

इसी साल फरवरी में तीन भारतीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि दो इंडियन्स ने उनसे इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया. थाईलैंड में अच्छी सैलरी वाले रेस्टोरेंट में नौकरी लगवाने का वादा किया. ट्रैवल का खर्चा आरोपियों की तरफ से ही था. लेकिन 9 फरवरी को जैसे ही वे पटाया पहुंचीं, उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया. कथित तौर पर पटाया साउथ बीच पर वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया.

बात ना मानने या भागने की कोशिश करने पर उन्हें पीटा जाता, भूखा रखा जाता. परिवार को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने की धमकी दी जाती. लेकिन एक बार महिलाओं ने क्लाइंट के लिए होटल का कमरा बुक करने के बहाने अपने पासपोर्ट वापस लिए और वहां से भाग निकलीं. इसके बाद पुलिस ने 27 फरवरी को दो आरोपी भारतीयों को गिरफ्तार किया.

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होटल के बाहर से किया अगवा

फरवरी 2026 में ही पटाया के फ्रातमनाक इलाके में एक आलीशान कॉन्डोमिनियम से थाई पुलिस ने दो भारतीय पर्यटकों को बचाया. आरोप था कि पीड़ित होटल के बाहर खड़े थे. तभी कुछ भारतीय नागरिकों का ही एक समूह उन पर हमला कर कॉन्डो में ले गया. एक की मां को फोन कर करीब 60 लाख रुपये की फिरौती मांगी. पीड़ित की मां ने पैसे देने के बजाय चोन बुरी में इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष से संपर्क किया, जिन्होंने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी.

तब पुलिस ने कॉन्डो में छापा मारकर 4 भारतीय नागरिकों को पकड़ा. उन पर फिरौती मांगने की साजिश, गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाने और शारीरिक नुकसान पहुंचाने समेत कई आरोप लगाए गए.

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ऑस्ट्रिया में नौकरी लगाने का झांसा

अप्रैल 2025 में थाई पुलिस ने समुत प्राकान प्रांत में एक सेफ हाउस से तीन भारतीय नागरिकों को बचाया. उन्हें ऑस्ट्रिया में नौकरी का लालच देकर थाईलैंड बुलाया गया था. मगर वहां पहुंचने पर उन्हें अगवा कर लिया गया. लाठियों से पीटा गया. उनके परिवार से 25 लाख भारतीय रुपये की फिरौती मांगी गई. एक पीड़ित की बहन ने थाईलैंड में मौजूद अन्य भारतीय नागरिक से मदद मांगी. तब पुलिस ने पांच भारतीय नागरिकों और एक पाकिस्तानी नागरिक वाले गिरोह को पकड़ा.

बात केवल भारतीयों की किडनैपिंग का नहीं है. उनसे जबरन अपराध भी करवाए जा रहे हैं. कई भारतीयों को उनकी मर्जी के खिलाफ ऐसे कॉल सेंटर्स में लगाया गया जो ऑनलाइन स्कैम में शामिल थे. उनसे ऐसे अपराध कराने वाले भी भारतीय ही थे.

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