तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लड्डू में कथित मिलावटी घी के इस्तेमाल के मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED ने सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक कैलाश चंद मंगल को गिरफ्तार कर लिया है. 17 सितंबर, 2026 को एजेंसी के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत यह गिरफ्तारी की है. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
तिरुपति लड्डू में मिलावटी घी मामले में एक्शन, ED ने कंपनी मालिक को किया अरेस्ट
Tirupati Laddu Prasadam Ghee: ED ने सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोमोटर कैलाश चंद मंगल को अरेस्ट कर लिया है. एजेंसी का आरोप है कि अपनी फैक्ट्री में मिलावटी घी बनाने में उसकी अहम भूमिका थी.

आंध्र प्रदेश में तिरुपति के तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर ED की जांच शुरू हुई थी. 18 सितंबर को जारी ED के बयान के मुताबिक, आरोप है कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में कथित तौर पर मिलावट वाल घी (पाम ऑयल और केमिकल मिलाकर) सप्लाई किया गया था. इस घी का इस्तेमाल प्रसाद के लड्डू बनाने में हुआ. FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार जैसे आरोप दर्ज हैं.
96 करोड़ रुपये का मिलावटी घीED के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच TTD को कथित तौर पर करीब 230 करोड़ रुपये की कीमत का घी सप्लाई किया गया. इसमें से लगभग 96 करोड़ रुपये का कथित मिलावटी घी कैलाश चंद मंगल ने तैयार कराया था.
ED की जांच में पता चला कि कथित तौर पर मिलावटी घी तैयार करने के लिए रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलिन और कई केमिकल का इस्तेमाल किया गया. इनमें MG-90, Monoglycerides, Myvacet Soft 400 और Acetic Acid Ester शामिल बताए गए. आरोप है कि इस तरह तैयार घी को 'Agmark स्पेशल ग्रेड गाय के घी' के तौर पर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को सप्लाई किया गया.

कैलाश चंद मंगल, सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का प्रमोटर हैं. ED ने उसे इस मामले में शामिल साजिशकर्ताओं में से एक बताया है. एजेंसी का आरोप है कि मिलावट के लिए जरूरी सामान जुटाने और अपनी फैक्ट्री में मिलावटी घी बनाने में उसकी अहम भूमिका थी.
ED ने इल्जाम लगाया कि कैलाश चंद मंगल ने कथित तौर पर अलग-अलग फ्रंट कंपनियों के जरिए TTD तक घी की सप्लाई कराई. इनमें श्री वैष्णवी डेयरी स्पेशियलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एआर डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.
जांच में यह भी दावा किया गया कि कैलाश चंद मंगल ने घी और रिफाइंड पाम ऑयल की खरीद-बिक्री से जुड़े फर्जी रिकॉर्ड तैयार किया था. यह भी आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया कि मिलावट में इस्तेमाल सामग्री की असली मात्रा छिपाई जा सके और घी के प्रोडक्शन और सप्लाई को कानूनी तौर पर सही दिखाया जा सके.
यह भी पढ़ें: दूध में डिटर्जेंट पाउडर मिलाकर बेच रहे थे, IAS ने ऐसे पकड़ा मिलावट का खेल
इससे पहले, ED ने इस मामले में भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर और डायरेक्टर विपिन जैन को भी गिरफ्तार किया था. ED के मुताबिक, विपिन जैन पर मिलावटी घी बनाने और उसे प्रसाद में इस्तेमाल के लिए TTD को सप्लाई करने का आरोप है.
वीडियो: तिरुपति मंदिर के लड्डू में बाथरुम क्लीनर? CM चंद्रबाबू नायडू ने बड़ा आरोप लगा दिया












