सुप्रीम कोर्ट में पिछले कई दिनों से जजों के खिलाफ शिकायतें आ रही हैं. लेकिन ये सारी शिकायतें गुमनाम तरीके से आ रही हैं. ये शिकायतें तब से और बढ़ गई हैं जब से सुप्रीम कोर्ट ने कई प्रॉपर्टी डीलर्स और बिल्डर्स के खिलाफ सख्ती दिखाई है.
'शिकायत करके जजों को डरा नहीं सकते', ये हरकतें देख सुप्रीम कोर्ट बिल्डरों पर भड़का
SC on anonymous complaint: 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जजों, एमिकस क्यूरी यानी अदालत के सलाहकार और वकीलों के खिलाफ मिली गुमनाम शिकायतों को गंभीरता से लिया. इन शिकायतों पर फटकार लगाई. बेंच ने कहा कि इन शिकायतों की CBI जांच के आदेश देंगे ताकि पता चल सके कि इनके पीछे कौन है.

17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जजों, एमिकस क्यूरी यानी अदालत के सलाहकार और वकीलों के खिलाफ मिली गुमनाम शिकायतों को गंभीरता से लिया. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की बेंच ने इन शिकायतों पर फटकार लगाई है. बेंच ने कहा, ‘इन शिकायतों की CBI जांच के आदेश देंगे ताकि पता चल सके कि इनके पीछे कौन है.’
ये बात तब कही गई, जब एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने उन बिल्डर्स की जांच पर CBI की स्टेटस रिपोर्ट सौंपी. जिन्होंने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से सबवेंशन स्कीम का गलत इस्तेमाल किया था.
सबवेंशन स्कीम एक फाइनेंशियल एग्रीमेंट है, जिसमें घर खरीदार, बैंक और बिल्डर या डेवलपर मिलकर काम करते हैं. इस स्कीम के गलत इस्तेमाल की वजह से घर खरीदारों को दशकों तक इंतजार करने के बाद भी अपने सपनों का घर नहीं मिलता और उन्हें EMI भी भरनी पड़ रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अप्रैल में CBI को इसकी जांच के आदेश दिए थे.
गुमनाम शिकायतों पर सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘इन मामलों में बिल्डरों की तरफ से कौन वकील पेश हो रहे हैं?'
उन्होंने बिल्डरों की ओर इशारा करते हुए कहा, 'क्या अब वे सुप्रीम कोर्ट को गुमनाम शिकायतें भेजना शुरू कर चुके हैं? अदालत को इस तरह की शिकायतों से डराया या दबाव में नहीं लाया जा सकता. आप लोग नहीं जानते कि हम कितने अड़ियल किस्म के लोग हैं.’
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक CJI ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि अगली सुनवाई पर उन्हें गुमनाम शिकायतों का एक और सेट दिया जाएगा. ताकि इन शिकायतों की जांच कर यह पता लगाया जाए कि इन्हें लिखने वाले लोग कौन हैं.
बेंच ने कहा कि उसे लगता है कि इनमें से ज्यादातर शिकायतों के पीछे बिल्डर हो सकते हैं और कुछ ऐसे वकील भी हो सकते हैं जिन्होंने उन्हें गलत सलाह दी हो.
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SC ने कहा ‘CBI जांच होगी’सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि वह ऐसे लोगों को पकड़कर रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह CBI को इन शिकायतों के संबंध में FIR दर्ज करने और जांच करने का आदेश देगा. पीठ ने ये भी स्पष्ट किया कि जांच को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा.
इससे पिछली सुनवाई में, ऐश्वर्या ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि CBI ने 50 FIR दर्ज की हैं. इनमें से 18 की जांच पूरी कर ली. साथ ही कंपीटेंट जूरिस्डिक्शन में 17 चार्जशीट और एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है. CBI ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, HDFC बैंक और ICICI बैंक के कुछ अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी है. इसी मामले में कोर्ट ने ये भी कहा था कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित बैंकों को कोर्ट के सामने इसका कारण बताना पड़ सकता है.
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