नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ‘गिरफ्तार हो गए’ हैं, ऐसा कांग्रेस ने ही दावा किया है. नंदीग्राम से ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान के पर्चा वापस लेने के बाद कांग्रेस ने ये दावा किया है. बताया जा रहा है कि हत्या के एक पुराने मामले में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई है.
नंदीग्राम उपचुनाव में खेल पर खेल, कांग्रेस कैंडिडेट मिलन प्रधान की 'गिरफ्तारी' का दावा
नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के समर्थन का ऐलान किए जाने के कुछ ही घंटे बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कथित तौर पर पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया.

ममता बनर्जी के कांग्रेस को सपोर्ट देने के ऐलान के कुछ देर बाद ही ये गिरफ्तारी हुई है. नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सीट है. हालिया विधानसभा चुनाव में वह दो सीटों से जीते थे. भवानीपुर को बरकरार रखते हुए उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी. इस वजह से नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं.
शुक्रवार, 18 सितंबर को ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. इससे पहले वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से शिष्टाचार मुलाकात करने गई थीं. ममता बनर्जी ने इस पर बीजेपी को घेरते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं को बीजेपी में शामिल होने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है.
इसके बाद ममता ने नंदीग्राम चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था. अब कांग्रेस ने दावा किया है कि उनके इस उम्मीदवार को पुलिस ने पुराने मर्डर केस में गिरफ्तार कर लिया है.
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आनंद बाजार पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार कांग्रेसी उम्मीदवार को शनिवार, 19 सितंबर को हल्दिया कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है. रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि मिलन प्रधान पर एक पुराने हत्या मामले में आरोप लगाया गया है. उनके नाम पर वारंट भी जारी किया गया था. इसी सिलसिले में शुक्रवार, 18 सितंबर को मिलन को गिरफ्तार किया गया.
बता दें कि 6 अक्टूबर को नंदीग्राम में उपचुनाव होना है, जिसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 सितंबर, शनिवार है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के गढ़ नंदीग्राम में बीजेपी के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार की कथित गिरफ्तारी पर हंगामा मच गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले विपक्ष को खत्म करना चाहती है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने कहा कि अचानक से मामला दर्ज कर लिया गया. भाजपा एकदलीय शासन स्थापित करने की कोशिश कर रही है. क्या इस देश में विपक्षी राजनीति नहीं रहेगी?
सुभंकर ने भाजपा पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया. वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता मीता चक्रवर्ती ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मिलन प्रधान को अपना समर्थन दिया. कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. अगर आप (बीजेपी) डराने-धमकाने का तरीका अपनाते हैं. विपक्ष को जगह नहीं देते तो क्या आप इस देश में तानाशाही चाहते हैं या लोकतंत्र?
उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी को लगता है कि ऐसी धमकियों से कांग्रेस या विपक्ष को रोका जा सकता है तो यह पूरी तरह गलतफहमी है.
स्थानीय भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है. इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.
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