तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अपने डेलीगेशन के साथ 10 दिन की विदेश यात्रा पर निकले हैं. वजह है ‘तेलंगाना राइजिंग’. उनका कहना है कि जहां भारत में नेताओं के बच्चे विदेश जाकर बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं, वहां वो उन यूनिवर्सिटी को भारत लाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका जाने की प्लानिंग की. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इस यात्रा के लिए परमिशन मांगी थी. केंद्र सरकार ने यूके यात्रा की परमिशन दे दी, मगर अमेरिकी यात्रा के लिए मना कर दिया.
CM रेवंत रेड्डी शिक्षा में सुधार के लिए US जा रहे थे, केंद्र ने लगा दी रोक, वजह भी बताई
Revanth Reddy Telangana Rising delegation: 20 अगस्त से रेवंत रेड्डी अपने डेलीगेशन के साथ यूके और यूएस यात्रा पर जाने वाले थे. केंद्र सरकार ने उन्हें यूके जाने की परमिशन दे दी, मगर यूएस जाने से रोक दिया. अब उन्होंने केंद्र सरकार से सफाई की मांग की है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि 16 अगस्त को तेलंगाना सरकार ने केंद्र सरकार से परमिशन मांगी थी. यात्रा 20 अगस्त से शुरू होनी थी. रेवंत रेड्डी डेलीगेशन के साथ 20 अगस्त को यूके के लिए रवाना हो गए. लेकिन केंद्र का जवाब तब आया, जब डेलीगेशन यूके पहुंच चुका था. बताया गया कि अब वो 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद वापस लौटेंगे.
सरकार ने क्या कहकर मना किया?रिपोर्ट के मुताबिक, मिनिस्ट्री ऑफ़ एक्सटर्नल अफेयर्स (MEA) ने कहा ‘पॉलिटिकल एंगल से परमिशन नहीं दी जा सकती.’ इसपर रेवंत रेड्डी ने कहा,
‘हमें पॉलिटक्स से इतर चीज़ों को देखना चाहिए. खास तौर पर तब जब राष्ट्र निर्माण या युवाओं के हित की बात हो. राष्ट्र को हमेशा राजनीति से ऊपर रखना चाहिए.’
रेवंत रेड्डी वापस भारत लौट रहे हैं, जबकि लंदन से वे अमेरिका के बॉस्टन जाने वाले थे. राज्य सरकार अब MEA से सफाई की मांग रही है कि परमिशन क्यों नहीं दी गई? तब तक सीएम ने डेलीगेशन को यात्रा कंटिन्यू करने को कहा है, हालांकि वो खुद भारत वापस आ जाएंगे. उन्होंने आदेश दिया कि यात्रा के दौरान दुनिया की कुछ टॉप यूनिवर्सिटी के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किए जाएं. इस लिस्ट में हार्वर्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जिनिया टेक को शामिल किया गया है.
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21 और 22 अगस्त को सीएम रेवंत रेड्डी ऑक्सफ़ोर्ड, कैम्ब्रिज और अन्य ब्रिटिश स्कूल के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. उनका कहना है कि इस यात्रा का मकसद है न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत टॉप यूनिवर्सिटी को हैदराबाद लाना चाहते हैं. इससे बच्चों की शिक्षा बेहतर होगी और बेस्ट ट्रेनिंग मिलेगी.
उन्होंने आगे अपना विज़न बताया. रेवंत ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से लेकर हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी तक, सबको बेस्ट ह्यूमन रिसोर्स का हब बनाना चाहते हैं. उनका कहना है कि IIT, ISB, IIIT और NALSAR जैसी यूनिवर्सिटी की वजह से ज्यादातर कॉर्पोरेट हैदराबाद आना चाहते हैं. रेवंत रेड्डी के मुताबिक वो चाहते हैं कि छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए विदेश न जाना पड़े, बल्कि उन्हें भारत में रहकर ही ऑक्सफ़ोर्ड और MIT जैसी यूनिवर्सिटी से शिक्षा और सर्टिफिकेट मिल पाए.
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