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'श्रीकृष्ण 5 टाइम नमाज पढ़ते थे', मौलाना के दावे पर हिंदू संगठन नाराज, पाकिस्तान भेजने की मांग

मौलाना जरजिश अंसारी के बयान पर हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मौलाना पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज करने और उन्हें पाकिस्तान भेजने की मांग की गई है.

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मौलाना जरजिश अंसारी ने श्रीकृष्ण को मुसलमान बता डाला. (फोटो-X)

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  • मौलाना जरजिश अंसारी ने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा कि श्रीकृष्ण भी पांच वक़्त की नमाज़ पढ़ते थे, जबकि उन्होंने गीता के श्लोक का गलत अर्थ प्रस्तुत किया था।
  • यह बयान उस समय आया है जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पहले से चल रहा है, और उनकी बात को लेकर कई हिंदू संगठनों तथा भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई है।
  • इस बयान के बाद कई हिंदू संगठनों ने मौलाना की गिरफ्तारी की मांग की है और उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा गया है।

‘श्रीकृष्ण पांच वक़्त के नमाज़ी थे. यकीन न आए तो श्रीमद भागवत गीता का छठा अध्याय का दसवां मंत्र देख लीजिए.’ इंटरनेट पर एक वायरल वीडियो में ये बातें कहीं जा रही हैं. कहने वाले शख्स हैं मौलाना जरजिश अंसारी. इस दौरान उन्होंने गीता के एक श्लोक का गलत अर्थ भी बता दिया. अब इस वीडियो पर हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इस बयान से सनातन धर्मियों की भावनाएं आहत हुई हैं. मौलाना की गिरफ्तारी की भी मांग की जा रही है. 

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'हिंदू इस्लाम धर्म की किताबें पढ़ लें तो... '

 बताया जा रहा है कि वीडियो 23 जून को झारखंड में हुए एक धार्मिक कार्यक्रम का है. इसी दौरान अपनी स्पीच में मौलाना ने कहा, 

‘गीता के एक श्लोक में श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि केवल हाथ जोड़कर नहीं, बल्कि पूरे शरीर से पूजा करो. इसलिए अगर मेरे भाइयों को बुरा न लगे तो एक बात कहना चाहूंगा कि श्रीकृष्ण भी पांच वक़्त की नमाज़ पढ़ते थे. अगर हिन्दू इस्लाम धर्म की किताबें पढ़ लें तो उन्हें इस्लाम से मोहब्बत हो जाए. इस्लाम धर्म केवल मुसलमानों का धर्म नहीं, बल्कि हिन्दुओं का भी है. इसी चीज़ को राम चंद्र ने भी पेश किया है.’

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मौलाना जरजिश अंसारी गीता के जिस श्लोक की बात कर रहे हैं उसमें एकांत में बैठकर मन को नियंत्रित करते हुए ध्यान लगाने की बात कही गई है. इसमें नमाज, इस्लाम या दिन में पांच बार नमाज का कोई उल्लेख नहीं है. यानी मौलाना ने श्लोक का गलत अर्थ बताया है. ये बयान ऐसे समय में आया है जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है.

हिंदू संगठनों ने विरोध किया

वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने इसपर आपत्ति जताई है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षधर महेंद्र प्रताप सिंह ने मौलाना को साफ कहा कि इस्लाम केवल 1400 साल पुराना है, जबकि श्री राम का जन्म 5000 साल पहले हुआ था. 

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अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि अगर उनके प्रोफेट मुहम्मद पर कुछ कह दो ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगने लगते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से इस मामले में एक्शन लेने के लिए कहा. श्री कृष्ण जन्म संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने कहा कि ऐसे बयान देने वालों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए. 

भाजपा नेता मनीष शुक्ला ने भी इस बयान की निंदा की. उन्होंने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा पर बड़ा आघात बताया है. बताया कि भगवान श्रीकृष्ण पूरी दुनिया में सनातन धर्म को मानने वालों की आस्था के केंद्र हैं. उन्होंने आशंका जताई कि ये एक साजिश का हिस्सा हो सकता है. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मौलाना पहले भी विवादों में रह चुके हैं. 2022 में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में उन्होंने कहा था कि एक मुसलमान औरत को कभी अपने शौहर के साथ संबंध बनाने से इनकार नहीं करना चाहिए. चाहें वो गर्भवती ही क्यों न हो.  

वीडियो: 'सनातन धर्म और इस्लाम में कोई अंतर नहीं,' मौलाना ने भगवान राम पर क्या कह दिया?

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