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जल संधि रोकी, अब सिंधु पर पहला रॉक डैम बनाया... भारत के एक्शन से पाकिस्तान की टेंशन बढ़ी

भारत ने Ladakh में सिंधु नदी पर अपना पहला 'रॉक चेक डैम' बनाया है. इससे बॉर्डर इलाकों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. Pakistan के साथ Indus Waters Treaty स्थगित होने के बाद यह बड़ा कदम है.

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लद्दाख में सिंधु नदी पर बना भारत का पहला 'रॉक चैक डैम'. (फोटो: ITG)

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  • भारत ने लद्दाख के लेह जिले में सिंधु नदी पर बिना सीमेंट का पहला 'रॉक चेक डैम' बनाया है, जिसने नदी का जलस्तर लगभग 10 फीट बढ़ाया है और 4 करोड़ लीटर पानी संग्रहीत किया है।
  • यह बांध उस समय बनाया गया है जब भारत ने 23 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था, जिससे सिंधु जल के उपयोग पर नई चुनौतियां आईं।
  • लद्दाख प्रशासन ने 36 और चेक डैम बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को सौंपा है, जिससे क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बेहतर होगी और स्थानीय किसानों के लिए सिंचाई में सहायता मिलेगी।

भारत ने सिंधु नदी पर अपना पहला 'रॉक चेक डैम' बनाया है. यह बांध केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में बनाया गया है. इससे किसानों को खेती के लिए पानी की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी. सीमावर्ती इलाकों में भी नदी के पानी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया है.

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बिना सीमेंट के बना बांध

इंडिया टुडे से जुड़े मीर फरीद की रिपोर्ट के मुताबिक, लेह के उपशी में बना यह बांध पूरी तरह से प्राकृतिक पत्थरों और बिना सीमेंट के इस्तेमाल से बनाया गया है. इस बांध ने पानी का लेवल लगभग 10 फीट बढ़ा दिया है. इससे किसान उन खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं, जिन्हें वसंत ऋतु में बुवाई के समय पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा था.

India builds first rock dam in Leh Ladakh
(फोटो: ITG)

सिंधु नदी पहाड़ों के बीच बहुत गहराई में बहती है, जबकि किसानों के खेत नदी के स्तर से काफी ऊंचाई पर हैं. जब बसंत के मौसम में फसल बोने का समय आता था, तो नदी का जलस्तर बहुत नीचे होता था. ऊंचाई पर होने की वजह से खेत सूखे रह जाते थे और पानी को ऊपर खींचने वाले पंप भी इतनी गहराई से पानी नहीं उठा पाते थे.

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4 करोड़ लीटर पानी जमा

इसके अलावा एक कानूनी पेंच भी था, जिसने किसानों की हालत खराब कर दी. भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 से सिंधु जल संधि लागू थी, जिसे फिलहाल नई दिल्ली ने स्थगित कर दिया गया है. इस संधि के नियमों के तहत भारत सिंधु नदी के प्राकृतिक बहाव को पूरी तरह रोक नहीं सकता और न ही वहां कोई बड़ा कंक्रीट का बांध बना सकता है. इन कड़े नियमों की वजह से सरकार वहां पानी रोकने के लिए कोई बड़ा बांध नहीं बना पा रही थी.

अब इस 'रॉक चेक डैम' ने सिंधु नदी के जलस्तर को लगभग 10 फीट ऊपर उठा दिया है, जिससे वहां करीब 4 करोड़ लीटर पानी जमा हो रहा है. इस पानी को 'इगू फे सिंचाई नहर' के जरिए मोड़कर स्थानीय किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा. इससे क्षेत्र में सूखे और पानी की कमी से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी.

पाकिस्तान को कड़ा मैसेज

यह प्रोजेक्ट पाकिस्तान को एक कड़ा मैसेज भी देता है. यह दिखाता है कि भारत अब बॉर्डर इलाकों में सिंधु नदी के पानी का इस्तेमाल करेगा. लद्दाख प्रशासन अब सिंधु नदी पर ऐसे और भी चेक डैम बनाने पर काम कर रहा है. कुछ जगहों पर काम चल रहा है और कई प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं.

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लद्दाख प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में 36 चेक डैम बनाने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को एक प्रस्ताव सौंपा है. इस प्रस्ताव में लेह इलाके में सात हिमालयन रॉक चेक डैम और करगिल इलाके में 29 चेक डैम बनाना शामिल है. इसकी अनुमानित लागत 56 करोड़ रुपये से ज्यादा है.

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सिंधु जल संधि

भारत और पाकिस्तान के बीच नौ साल की बातचीत के बाद 19 सितंबर 1960 को सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे. तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति मोहम्मद अयूब खान ने कराची में इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे. भारत ने 23 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था. इस हमले में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी.

वीडियो: दुनियादारी: सिंधु जल संधि पर ये फैसला भारत को मंजूर नहीं

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