मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास समुद्र के बीच एक नाव (फेरी) का इंजन अचानक खराब हो गया. नाव पर 38 लोग सवार थे. मुंबई पुलिस ने एक दूसरी नाव की मदद से फंसी हुई नाव को सुरक्षित बाहर खींच लिया. राहत की बात है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है.
मुंबई: समंदर में खराब हुई फेरी, 38 लोगों का सेफ रेस्क्यू, घंटे भर लोगों की सांस अटकी रही!
मुंबई में Gateway of India के पास 38 लोगों से भरी एक नाव (फेरी) का इंजन खराब हो गया. Mumbai Police ने दूसरी नाव की मदद से तुरंत सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. हालांकि, इस दौरान लोगों की सांस जरूर अटकी रही.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना गुरुवार (3 सितंबर) रात करीब 8.30 बजे की है. 'अनवरी' नाम की नाव गेटवे ऑफ इंडिया लौट रही थी. यह नाव आधे घंटे की समुद्री सैर कराती है. अधिकारी ने बताया कि 'अनवरी' तट से लगभग 1.5 समुद्री मील दूर खराब हो गई थी. नाव में 34 यात्री और चार क्रू सदस्य सवार थे.
अधिकारियों को पता चला कि फंसी हुई नाव के पास 'आजाद हिंद' नाम की एक और सैर कराने वाली नाव मौजूद है. उन्होंने इसके मालिक जुनैद मुल्ला से संपर्क किया और मदद मांगी. 'आजाद हिंद' मौके पर पहुंची और 'अनवरी' को खींचकर सुरक्षित रूप से गेटवे ऑफ इंडिया की जेटी नंबर 2 तक ले आई. दोनों नाव रात 9.30 बजे तक तट पर पहुंच गई. अधिकारी ने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया गया है.
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2024 में हुआ था बड़ा हादसाइससे पहले, 18 दिसंबर 2024 को गेटवे ऑफ इंडिया के पास एक बड़ा नाव हादसा हुआ था. यहां टूरिस्टों से भरी एक प्राइवेट पैसेंजर नाव (फेरी) 'नीलकमल' एलीफेंटा गुफाओं की तरफ जा रही थी. इसी दौरान इंजन ट्रायल कर रही इंडियन नेवी की एक तेज रफ्तार बोट ने तकनीकी खराबी के चलते अपना कंट्रोल खो दिया और वह सीधे फेरी से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पैसेंजर नाव समुद्र में पलट गई.
इस नाव में क्षमता से ज्यादा, यानी 100 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे के बाद इंडियन नेवी, कोस्ट गार्ड और स्थानीय ऑपरेटर्स ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. इस हादसे 15 लोगों की जान चली गई थी. 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था.
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