‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (FSSAI) ने नेपाल की भुजिया बनाने वाली कंपनी पर बड़ी कार्रवाई की है. नेपाल के जाने-माने अरबपति बिनोद चौधरी की कंपनी ‘वाई-वाई’ के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है. FSSAI ने कंपनी को भारत में कई प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन बंद करने को कहा है. दरअसल, ब्रांड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई गड़बड़ियां देखीं. यहां फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे नूडल्स को बिना हीट ट्रीटमेंट के दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाया जा रहा था. साथ ही बिना लाइसेंस वाले प्रोडक्ट की बिक्री की जा ही थी. साफ-सफाई से जुड़े अन्य कारक भी इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार बने.
नेपाल के 'इकलौते' अरबपति की कंपनी पर इंडिया में एक्शन, प्रोडक्शन बंद करने का आदेश
FSSAI Wai Wai's bhujia: अजमेर की नमकीन फैक्ट्री में FSSAI ने कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे नूडल्स को दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाया जा रहा था.

ये घटना खाने-पीने वाली चीजों की दुकानों पर हाल के वक्त में तेज हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सामने आई है. कई रेस्ट्रॉन्ट्स, दुकानों और होटलों में खाद्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने छापेमारी कर कार्रवाई की है. इसमें पिज्जा हट और डोमिनोज जैसे लोकप्रिय ब्रांड को भी परेशानी झेलनी पड़ी है.
FSSAI की यह ताजा कार्रवाई राजस्थान के अजमेर के रूपनगढ़ इलाके में CG Foods India प्राइवेट लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा करने के बाद हुई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, CG Foods India फैक्टरी CG Corp Global का हिस्सा है. इसके प्रमुख नेपाल के इकलौते अरबपति बिनोद चौधरी हैं, जिन्हें ‘नूडल किंग’ भी कहा जाता है.
FSSAI ने बताया कि कि उनके अधिकारियों ने मैन्युफैक्चरिंग और साफ-सफाई के तरीकों की जांच के लिए यूनिट का निरीक्षण किया था. उन्हें पता चला कि फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे नूडल्स को बिना हीट ट्रीटमेंट के दोबारा प्रोसेस करके भुजिया प्रोडक्ट्स बनाए जा रहे थे. निरीक्षण में बिना लाइसेंस वाले भुजिया वेरिएंट्स का प्रोडक्शन भी पाया गया. इनमें ‘वाई-वाई मामा’ और ‘वाई-वाई मामा पुंटे’ जैसे प्रोडक्ट शामिल थे. यह खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है. कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह जरूरी मंजूरी के बिना 'वेज भुजिया' नमकीन उत्पादों का प्रोडक्शन बंद करे.
अधिकारियों ने कंपनी के पास से 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया, जिसमें खुले टूटे नूडल्स भी शामिल थे. कई सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं. इनमें खुले नूडल्स, वेज भुजिया प्रोडक्ट, फ्राइंग लाइन का कुकिंग ऑयल और 'वाई-वाई रेडी-टू-ईट' नूडल्स शामिल हैं. FSSAI ने कहा कि जांच में साफ-सफाई, डॉक्यूमेंटेशन और पेस्ट-कंट्रोल रिकॉर्ड में भी कमियां पाई गईं. अधिकारियों ने एक्सपायर हो चुके तैयार प्रोडक्ट के 1925 बॉक्स भी जब्त किए और फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में कई रेस्टोरेंट पर छापेमारी हुई है. एक रेस्टोरेंट से करीब 500 किलो सड़ा हुआ चिकन और प्रॉन (झींगा) मिला है. और भी कई रेस्टोरेंट में सड़ा-गला और फंगस लगा हुआ मांस मिला है. एक मिठाई की दुकान में दुकानदार रंग के लिए होली वाले रंग का इस्तेमाल कर रहा था.
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ये अभियान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आदेश पर किया जा रहा है. उन्होंने 1-8 सितंबर तक फूड सेफ्टी वीक का ऐलान किया है. और कहा है कि रेस्टोरेंट के किचन की जांच की जाए. उनका कहना है कि खाने में मिलावट या खराब हालत को लेकर कतई लापरवाही नहीं बरती जाएगी.
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