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सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी, 'जो पानी रोकेगा, उसके हाथ काट देंगे'

Indus Water Treaty Row: सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान ने एक बार फिर हेकड़ी दिखाई है. पाकिस्तान के क्लाइमेट चेंज मिनिस्टर मुसादिक मलिक और इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारा पानी कोई नहीं रोक सकता.

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30 जून 2026 (पब्लिश्ड: 11:43 AM IST)
Pakistan minister on India
पाकिस्तान ने सिंधु जल समझौते को लेकर एक बार फिर भारत को धमकी दी है. (फोटो-स्क्रीनग्रैब)
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‘हम तो ऐलान कर चुके हैं, जो हमारे पानी पर हाथ डालेगा उसके हाथ ही काट डालेंगे.’ ये बिगड़े बोल भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के हैं. और जिस पानी पर अपना हक़ जाता रहा है वो सिंधु नदी का पानी है. 1960 में भारत पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) हुआ था. लेकिन 2025 में भारत ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया था. उसके बाद से पाकिस्तान के मंत्री और नेता कई बार भारत को धमकी देते रहे हैं. इस बार तो पड़ोसी देश के दो मंत्रियों ने हद ही पार कर दी है.  

पाकिस्तान के क्लाइमेट चेंज मिनिस्टर मुसादिक मलिक और इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस बीच सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठा. पत्रकारों से बात करते हुए मुसादिक मलिक ने कहा,

‘पाकिस्तान की लगभग 50 फीसदी आबादी खेती-बाड़ी करती है. जिसके लिए सिंधु नदी का पानी इस्तेमाल होता है. अब अगर किसी ने भी इसपर हाथ डाला तो उसके हाथ काट देंगे. और हम पहले भी ऐसा कर चुके हैं. पिछले एक दो साल में हमने एक-दो मर्तबा ये करके दिखाया भी है.’

उनका ये बयान भारत के लिए था. हाल ही में भारत ने पाकिस्तान को चेताया था कि सिंधु नदी का एक बूंद पानी भी पाकिस्तान नहीं जाएगा. पाकिस्तान ने तब कहा था कि इसे ‘एक्ट ऑफ़ वॉर’ माना जाएगा. इस तरह की धमकी वो पहले भी कई बार दे चुका है. 

पाकिस्तानी मंत्री ने क्या कहा?

इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने कहा कि सिंधु जल समझौता अभी ही वैध है. भारत ने इसपर प्रतिबंध लगाने की बात कही है लेकिन किसी भी अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म ने इसे नहीं माना है. उनका तर्क है कि ये समझौता केवल एक पक्ष द्वारा रद्द नहीं किया जा सकता है. इसलिए पाकिस्तानी अवाम अब भी इस पानी की हकदार है.

इस समझौते के तहत भारत से पाकिस्तान की ओर बहने वाली 6 नदियों- सिंधु, झेलम, चेनाब, रावी, ब्यास और सतलुज, को दो हिस्सों में बांटा गया था. जिनमें पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) पर भारत का पूरा अधिकार है. और पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब) का ज्यादातर पानी पाकिस्तान को मिलता है. 

ये भी पढ़ें: 'पानी की एक बूंद नहीं देंगे', सिंधु जल समझौते पर भारत का रुख, पाक बोला 'एक्ट ऑफ़ वॉर' है

भारत ने क्यों प्रतिबंध लगाए?

अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत ने सिंधु जल समझौते पर प्रतिबंध लगाया था. इसपर भारत सरकार ने साफ कहा था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देना बंद नहीं करेगा तब तक ये ट्रीटी सस्पेंड रहेगी. उसके बाद भारत ने कई मौकों पर कहा है कि सिंधु और उसकी सहायक नदियों पर उसका पूरा अधिकार है और इसका पानी पाकिस्तान नहीं जाने दिया जाएगा.

वीडियो: दुनियादारी: पाकिस्तान सिंधु घाटी सभ्यता पर हक क्यों जता रहा?

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