स्टूडेंट एक्टिविस्ट निशू आजाद के पिता की ‘खोपड़ी फोड़ने’ के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इससे पहले खबर आई थी कि पुलिस के बुलंदशहर पहुंचने से पहले आरोपी भारद्वाज बुलेट गाड़ी पर बैठकर भाग गया. ये कथित फरारी पुलिस के उसे 72 घंटे में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिए जाने के कुछ देर बाद हुई थी. दरअसल, शुक्रवार, 4 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं के दबाव के बाद पुलिस ने कथित तौर पर भरोसा दिया था कि वह तीन दिन के भीतर आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लेगी.
स्वतंत्र भारद्वाज पुलिस हिरासत में, बुलेट से भागा लेकिन धरा गया
दिल्ली पुलिस ने छात्र कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता पर कथित हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया है. इससे पहले उसके बुलंदशहर से बुलेट बाइक पर फरार होने की खबर आई थी, जिसके बाद पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं.

टीओआई ने एक न्यूज एजेंसी के सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया था कि दिल्ली पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए बुलंदशहर गई थी. लेकिन इससे पहले ही स्वतंत्र भारद्वाज नैथला गांव से बुलेट बाइक पर सवार होकर फरार हो गया. पहचान छिपाने के लिए उसने हेल्मेट भी लगा रखा था. रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से खुर्जा की तरफ भागा था. उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमों को सादे कपड़ों में लगाया गया था.
पुलिस ने दिया था गिरफ्तारी का आश्वासनइससे पहले शुक्रवार, 4 सितंबर को निशू आजाद, उनके पिता संजय कुमार और सीजेपी कार्यकर्ताओं की मांगें मानते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर में एससी-एसटी ऐक्ट और हत्या की कोशिश जैसी धाराएं जोड़ने का आश्वासन दिया था. निशू आजाद ने बताया कि पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस कार्रवाई करेगी और पहले की तरह मामले को टालती नहीं रहेगी.
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियोयह मामला तब फिर से चर्चा में आया जब आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो में एक इंटरव्यू के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था कि नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान उसने निशू आजाद के पिता संजय कुमार की ‘खोपड़ी फोड़’ दी थी. तकरीबन एक घंटे के इंटरव्यू का वीडियो YouTube पर अभी भी मौजूद है. इसमें आरोपी ने अपने राजनीतिक संपर्क होने का भी दावा किया और कहा कि उसके ऊपर हनुमान जी का आशीर्वाद है और बीजेपी विधायक कपिल मिश्रा उसके ‘बड़े भाई’ हैं. उनके ‘फोन’ की वजह से ही वो इस मामले में जेल नहीं गया.
इसके बाद CJP ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की और आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ ठीक-ठाक कार्रवाई नहीं की. पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने BJP के नेताओं से भी इन दावों पर सफाई मांगी. उन्होंने कहा कि अगर आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज खुलेआम कह रहा है कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान ने फोन करके उसे छुड़ाया तो BJP के बड़े नेताओं को इस पर जवाब देना चाहिए.
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