The Lallantop

PMO का फर्जी आईकार्ड लेकर PM मोदी के प्रोग्राम वेन्यू में घुसने वाला कौन?

मुंबई में PM मोदी के कार्यक्रम से एक दिन पहले फर्जी PMO ID कार्ड के जरिए कार्यक्रम स्थल में घुसने की कोशिश कर रहे रोहन पारेख को गिरफ्तार किया गया. उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास बंदूक मिली, जिसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी.

Advertisement
post-main-image
पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. (फोटो- India today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम से पहले एक व्यक्ति को पीएमओ का फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर प्रवेश करने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया है।
  • प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने का प्रयास इस कार्यक्रम की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों के चलते हुआ, जिसके कारण संदिग्ध की पहचान और जांच शुरू हुई।
  • गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के मकसद की जांच शुरू कर दी है और रोहन पारेख को 11 सितंबर तक कस्टडी में रखा गया है।

मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले पीएमओ के एक फर्जी अफसर को गिरफ्तार किया गया है. बताया गया कि प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) का फर्जी आइडेंटिटी (ID) कार्ड इस्तेमाल करके वो उस जगह में घुसने की कोशिश कर रहा था, जहां एक दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम होना है. वह खुद को पीएमओ का अफसर बता रहा था. शक होने पर सुरक्षाबलों ने उसके आईडी कार्ड की जांच की तो ये भेद खुला. 

Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 8 सितंबर को मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करना है. इसके बाद वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते सख्त सुरक्षा व्यवस्था के साये में उद्घाटन की तैयारियां की जा रही है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम से पहले सोमवार, 7 सितंबर को रोहन पारेख नाम के एक शख्स ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की कोशिश की. सुरक्षाकर्मियों को संदेह हुआ और उन्होंने उसका पहचान पत्र जांचा, जो फर्जी पाया गया.

ये भी पढ़ेंः हाई कोर्ट ने नोएडा डीएम को लगाई फटकार, कहा- 'तानाशाह की तरह काम कर रहे, आपको जनता...'

Advertisement

इतना ही नहीं, आरोपी पारेख के साथ एक बॉडीगार्ड भी था, जिसके पास से एक बंदूक बरामद की गई है. इसके बाद पारेख और उसके 'बॉडीगार्ड' के खिलाफ बीकेसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. क्राइम ब्रांच ने जांच अपने हाथ में ले ली और इस बात की पड़ताल शुरू कर दी कि आरोपियों ने जाली पहचान पत्र और हथियार के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने का प्रयास क्यों किया? पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये घुसपैठ पीएम मोदी के कार्यक्रम से जुड़ी है.

कौन है रोहन पारेख

इंडिया टुडे से जुड़े दिव्येश की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी रोहन पारेख को कोर्ट में पेश किया गया तो उनके बारे में वकील ने कई अहम खुलासे किए. पारेख के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने (रोहन पारेख ने) लंदन की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है और जियोपॉलिटिक्स पर अपनी स्टडी और निबंध UNESCO को सौंपा है. वकील ने बताया कि रोहन को तरुण कपूर नाम के व्यक्ति ने PMO में काम करने का प्रस्ताव दिया था. उन्हें महक गुप्ता के लिए एडवाइजरी रोल और तरुण गुप्ता से डिफेंस एक्विजिशन पॉलिसी से जुड़ा ईमेल मिला था. अब उन्हें सच में PM ऑफिस में नौकरी मिली थी या किसी ने उन्हें धोखा देने की कोशिश की थी, ये जांच का विषय है.

वकील ने कहा कि रोहन को ID कार्ड, ऑफिशियल ऑफर लेटर और PM के साइन वाला लेटर भी दिया गया था.  ये सब उन्हें PM के एडिशनल सेक्रेटरी से ईमेल के जरिए मिला था. वकील के मुताबिक, रोहन पारेख को फंसाया गया है. कार्यक्रम स्थल पर जाने को लेकर वकील ने बताया कि रोहन कार्यक्रम से एक दिन पहले वहां गए थे क्योंकि उन्हें पीठ की समस्या है.वह अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदना चाहते थे. उन्होंने वहां से परफ्यूम खरीदा और वेन्यू से बाहर निकल गए. जब उन्हें बुलाया गया तो उन्होंने जांच में सहयोग किया.

Advertisement

फर्जी आईडी पर वकील ने बताया कि रोहन पारेख को आइडेंटिटी कार्ड का सिर्फ स्क्रीनशॉट भेजा गया था और कभी भी उसकी फिजिकल कॉपी नहीं दी गई थी. हो सकता है कि किसी ने उन्हें धोखा दिया हो. उन्होंने घटना की जांच कर रहे अधिकारी को बिना किसी हिचकिचाहट के सारी जानकारी दी है.रोहन पारेख को 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है

वीडियो: सत्य निकेतन घटनास्थल पर फायर ब्रिगेड की देरी के आरोप, चीफ फायर ऑफिसर क्या बोले?

Advertisement