दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जितने नाम वोटर्स लिस्ट से हटाए गए थे, उसकी तुलना में बहुत कम नाम लिस्ट में जोड़े गए हैं. 31 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के 1.4 करोड़ वोटर्स में से 47.6 लाख लोगों को बाहर किया गया था. तब से लेकर 25 अक्टूबर तक सिर्फ 2.6 लाख लोगों ने अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाया है. इनमें पहले की लिस्ट से हटाए जाने वाले लोग और नए वोटर दोनों शामिल हैं. 47.6 लाख के मुकाबले ये आंकड़ा काफी कम है.
दिल्ली वालों को SIR की चिंता ही नहीं? 47.6 लाख नाम कट गए, जुड़वाने आए सिर्फ 2.6 लाख
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर्स लिस्ट में 47 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटाए गए थे. इतनी बड़ी संख्या में लेकिन इसके मुकाबले वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़े.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के 15 हजार बूथों पर रविवार, 25 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने SIR के तहत स्पेशल कैंप लगाए थे. इन कैम्पों में भी लोगों की भागीदारी काफी कम रही. सिर्फ 4 हजार लोगों ने अपने नाम जुड़वाए, सुधार किए या हटवाए. इनमें 3 हजार तो ऐसे ही लोग थे, जिन्होंने फॉर्म-6 भरा. ये फॉर्म वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए भरा जाता है.
इसके अलावा अगर किसी को नाम हटवाना होता है तो इसके लिए फॉर्म-7 भरा जाता है. नाम-पता और दूसरी जानकारियों में सुधार करने के लिए फॉर्म-8 भरकर आवेदन किया जाता है. 25 अक्टूबर के कैंप में पूरी दिल्ली में सिर्फ एक हजार लोगों ने ही फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरा.
अधिकारियों का कहना है कि ये हो सकता है कि जिन लोगों को वोटर लिस्ट में अपना नाम डलवाना था, उन्होंने पिछले 2 महीने के दौरान ही आवेदन कर दिया हो. इस वजह से कैंप में लोगों की संख्या कम रही होगी. हालांकि, फिर भी हटाए जाने वाले लोगों से नए जुड़े लोगों की संख्या काफी कम दिख रही है.
आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के बूथों पर ये स्पेशल कैंप उन एलिजिबल वोटर्स को एक और मौका देने के लिए लगाए गए थे, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था. इस दौरान हर बूथ पर लोगों की मदद के लिए बीएलओ मौजूद थे. आयोग ने दिल्ली में पहले भी ऐसे कई कैंप लगाए थे. 25 अक्टूबर वाला कैंप इस सिलसिले का आखिरी था और इसलिए इसमें भारी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद की जा रही थी.
अब जो लोग इस कैंप में नहीं आ पाए और अपना नाम लिस्ट में जुड़वाना चाहते हैं वो इसके बाद भी 30 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं. इस दौरान नाम जोड़ने, हटवाने या सुधार करने का काम जारी रहेगा. हां, 30 अक्टूबर 2026 के बाद कोई फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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SIR के बाद कितने नाम जुड़े?बता दें कि 31 अगस्त से पहले दिल्ली में 1.4 करोड़ वोटर थे. लेकिन SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आने के बाद करीब 47 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए थे. इसके मुकाबले नाम जुड़वाने वाले आवेदनों की संख्या काफी कम है. ड्राफ्ट वोटर्स लिस्ट जारी होने यानी 31 अगस्त 2026 से लेकर 25 अक्टूबर 2026 तक फॉर्म-6 के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए कुल 2.6 लाख आवेदन ही आए. इनमें वो भी शामिल हैं, जिनके नाम वोटर्स लिस्ट हटे और वो भी जो नए वोटर के रूप में लिस्ट में जुड़े.
इसी अंतराल में यानी 31 अगस्त से 25 अक्टूबर तक नाम हटाने या आपत्ति जताने वाले फॉर्म भरने वालों की कुल संख्या 19 हजार 804 रही. नाम-पता जैसी जानकारियों में सुधार के लिए 99 हजार 720 लोगों ने फॉर्म-8 भरा. कुल 466 विदेश में रहने वाले लोगों ने भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6A भरा.
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