चंडीगढ़ में बंदी सिखों (सिख राजनीतिक कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर भारी प्रदर्शन देखने को मिला. ‘कौमी इंसाफ मोर्चा’ ने इस मांग को लेकर राजभवन की तरफ कूच किया. सुरक्षाबलों ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान घायल इंसान का भेष बनाकर राजभवन के पास पहुंच गए. पुलिस ने उन्हें पहचानकर हिरासत में ले लिया.
चंडीगढ़ में कैदियों की रिहाई को लेकर बवाल, घायल बनकर पहुंचे पूर्व सांसद, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी
Chandigarh में बंदी सिखों की रिहाई के लिए Qaumi Insaaf Morcha Protest ने प्रदर्शन किया. इस दौरान सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. घायल का भेष बदलकर पहुंचे पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान हिरासत में लिए गए. क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

आजतक से जुड़े असीम बस्सी की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने चंडीगढ़ पुलिस को चकमा देने के लिए एक रणनीति अपनाई. उन्होंने अपने सिर और मुंह पर पट्टियां बांध रखी थीं ताकि कोई उन्हें पहचान न सके और वे खुद को घायल शख्स के रूप में दिखा सकें.
वे इसी हालत में एक गाड़ी के अंदर लेटकर राजभवन की तरफ बढ़ रहे थे. राजभवन के पास सुरक्षा बेहद कड़ी थी. वहां तैनात चंडीगढ़ पुलिस के जवानों ने शक होने पर गाड़ी की जांच की, उनका भेष पहचान लिया और उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, कौमी इंसाफ मोर्चा ने 15 अगस्त को चंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया था. इस मार्च को रोकने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस ने मोहाली-चंडीगढ़ सीमा को पूरी तरह सील कर दिया था. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. आंसू गैस के गोले दागे.
क्यों हो रहा है प्रदर्शन?कौमी इंसाफ मोर्चा कई सिख संगठनों, धार्मिक नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक संयुक्त मोर्चा है. इस मोर्चे का सबसे बड़ा मकसद उन 'बंदी सिखों' (सिख राजनीतिक कैदियों) को जेलों से आजाद कराना है, जो 1980 और 90 के दशक में पंजाब उग्रवाद के दौर में गिरफ्तार हुए थे.
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यह मोर्चा लंबे समय से उन 'बंदी सिखों' की तत्काल रिहाई की मांग कर रहा है, जो अपनी तय कानूनी सजा पूरी करने के बाद भी दशकों से जेलों में बंद हैं. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी बलवंत सिंह राजोआना और जगतार सिंह हावारा के अलावा जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेड़ा, लखविंदर सिंह लाखा, गुरमीत सिंह, शमशेर सिंह जैसे नाम शामिल हैं.
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