रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यानी RPF, आगरा के सीनियर कमांडेंट हैं, नाम है राजमोहन पिचाई. कमांडेंट पिचाई बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधान मंत्री, गृह मंत्री, रेलवे मंत्री और RPF के डीजी को सैल्यूट करने लगे. उन्होंने कहा कि आज अगर रेल सही से चल रही है, तो वो सिर्फ इन्हीं मंत्रियों के स्ट्रिक्ट गवर्नन्स की वजह से. हुआ ये कि आगरा कैंट स्टेशन में हुई रेलवे ऑफिसर से बदसलूकी के मामले में 15 जुलाई की दोपहर को इन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस थी. लेकिन इस प्रेस कांफ्रेंस में कमांडेंट पिचाई सबसे पहले अपनी सीट से खड़े हुए और पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और RPF के डायरेक्टर जनरल सोनाली मिश्र को सैल्यूट किया.
RPF कमांडेंट ने आगरा कांड पर दी सफाई, PM Modi और गृहमंत्री शाह को क्यों किया सैल्यूट?
RPF Commandent ने कहा कि मारपीट किसी भी हालत में सही नहीं है. लेकिन RPF के जवान सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहे थे. उन्होंने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर जो वायरल हो रहा है, उसके आधार पर एक्शन नहीं होगा. क्योंकि वो पूरी सच्चाई नहीं दिखाती है.


करीब 30 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमांडेंट पिचाई ने शुरुआत में ही कह दिया कि उनकी हिंदी इतनी स्पष्ट नहीं है क्योंकि उनकी मातृभाषा तमिल है. इसके बाद उन्होंने कहा कि मारपीट किसी भी हालत में सही नहीं है. लेकिन RPF के जवान सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहे थे. ये भी सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला इतना बढ़ गया और जवान उकसावे में आ गए. कमांडेंट पिचाई ने कहा,
इस माहौल में जो भी बातें चल रही हैं, जो भी सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है, ऐसी स्थिति में रेलवे के पैसेंजर्स को दिक्कत होती है. सरकार को बदनाम किया जाता है. RPF ने जो किया वो सही नहीं है. ऑफिसर, कांस्टेबल, सबने ये किया है. लेकिन आप उनका बैकग्राउंड देखिए, क्या वो लोग मारपीट करते हैं? ऐसा कुछ उकसावा या कुछ हुआ होगा जिसकी वजह से ये सब हुआ. मैं किसी का पक्ष नहीं ले रहा, मैं बस सच बता रहा हूं.
राजमोहन पिचाई ने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसके आधार पर एक्शन नहीं होगा. क्योंकि वो पूरी सच्चाई नहीं दिखाती है. कई जरूरी हिस्से अभी सामने नहीं आए हैं. इसलिए जल्दबाज़ी में निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा. वो दबाव में नहीं आएंगे इमोशनल होकर कार्रवाई नहीं होगी. कार्रवाई डॉक्यूमेंट के आधार पर होगी. उन्होंने कहा,
रेलवे में हर विभाग की अपनी जिम्मेदारी होती है. RPF का काम सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.
असल में क्या हुआ था?ये पूरी घटना 12 जुलाई की है. इस दिन आगरा कैंट स्टेशन पर RPF के जवानों ने एक रेलवे अफसर के साथ मारपीट की. उन्हें घसीटा भी गया. आजतक से जुड़े अरविंद शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला यात्री के घायल होने की जानकारी मिलने पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने ट्रेन को कुछ देर के लिए रुकवाया. आरोप है कि इसी फैसले को लेकर उनकी RPF कर्मियों से बहस हुई. महिला पर चेन पुलिंग का आरोप लगा. जो कि एक पनिशेबल ऑफेंस है. इसलिए डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट ने इस बात का विरोध किया. कहा कि ये फैसला उन्होंने लिया. बात बढ़ी और फिर नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की गई. उन्हें घसीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
इसके बाद RPF इंचार्ज, 2 ASI और 2 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया. सस्पेंड हुए लोगों में RPF इंचार्ज सुरेंद्र चौधरी, ASI मेघराज मीणा, ASI बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल बदन सिंह शामिल थे. इसे लेकर 14 जुलाई को देशभर के 69 रेलवे ज़ोन्स में प्रदर्शन भी हुआ. उधर प्रेस कांफ्रेंस में राजमोहन पिचाई ने कहा कि RPF एक अनुशासित फोर्स है और अपने जवानों से भी अनुशासन की उम्मीद रखती है. फाइनल एक्शन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा.
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