नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले के एक बयान से विपक्ष में हलचल तेज हो गई है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर महिलाओं को आरक्षण देने और परिसीमन से जुड़े नए कानून में एक खास शर्त जोड़ी जाए, तभी उनकी पार्टी इसके समर्थन पर विचार करेगी. सुले की शर्त यह है कि सभी राज्यों में लोकसभा की सीटों को बराबर रूप से 50% बढ़ा दिया जाना चाहिए.
ये काम करो तो परिसीमन बिल पास... शरद पवार की बेटी का बयान विपक्ष में खलबली मचा देगा!
परिसीमन विधेयक को लेकर बीजेपी को बड़ी राहत मिल सकती है. सरकार आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक फिर पेश कर सकती है. इससे पहले नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के बयान से संकेत मिले हैं कि अगर कुछ बातें मानी जाएं तो उनकी पार्टी समर्थन के लिए तैयार हो सकती है.


महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट से सांसद सुप्रिया सुले का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अटकलें लगाई जा रही हैं कि केंद्र सरकार उस बिल को फिर से पेश करेगी जो पिछले सत्र में लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया था. सुले ने मुंबई में कहा,
"नया परिसीमन बिल अभी पेश नहीं किया गया है. अगर इसमें सभी राज्यों के लिए सीटों में 50% बढ़ोतरी सुनिश्चित करने का प्रावधान शामिल होता है, तो हम 'INDIA' गठबंधन के भीतर इस पर चर्चा करेंगे. अगर यह लोगों के हित में होगा, तो हम इसके समर्थन पर विचार करेंगे."
ऐसी चर्चा है कि महाराष्ट्र में विपक्षी 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) की सहयोगी NCP (SP) सत्ताधारी 'नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस' (NDA) के करीब आ रही है. 14 जुलाई की रात, NCP (SP) के सीनियर नेता जयंत पाटिल ने NCP नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मौजूदगी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की. इससे इन अफवाहों को बल मिला कि दोनों गुटों को फिर से एक करने की कोशिशें तेज हो रही हैं.
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सरकार मानेगी सुप्रिया सुले की मांग?हिंदुस्तान टाइम्स ने मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति से हवाले से लिखा कि सरकार प्रस्तावित बिल में बदलाव कर सकती है, ताकि इसमें हर राज्य के लिए सीटों में 50% आनुपातिक बढ़ोतरी का जिक्र शामिल किया जा सके. अप्रैल 2026 में जरूरी संख्या बल न होने और विपक्ष की लिखित आश्वासन की मांग के कारण यह बिल संसद में पारित नहीं हो सका था. अब सरकार विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने के लिए इस 50% बढ़ोतरी के नियम को बिल में आधिकारिक रूप से जोड़ने की योजना बना रही है.
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