आगरा में रेलवे पुलिस फोर्स के कर्मियों द्वारा एक रेलवे अफसर को घसीटने की घटना का वीडियो आपने देखा ही होगा. वीडियो में गाली देने का आरोप लगाते हुए RPF के जवान स्टेशन मास्टर नरेंद्र सिंह चाहर से मारपीट कर रहे हैं. इसके बाद उन्हें घसीटकर ले जाते हुए भी दिख रहे हैं. इस घटना के बाद अब पीड़ित नरेंद्र सिंह चाहर खुद सामने आए हैं और उस दिन की पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताया है.
'बाप का स्टेशन है क्या...', RPF जवानों ने जिस रेलवे अफसर को मारा उसने पूरी कहानी बताई
ये घटना ट्रेन नंबर- 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के आगरा कैंट स्टेशन पर रुकने के दौरान हुई थी. ट्रेन को कुछ देर रोकने को लेकर रेलवे स्टेशन के डिप्टी एसएस और RPF कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई. कुछ ही देर में बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों विभागों के कर्मचारी आमने-सामने आ गए. आरोप है कि इसी दौरान डिप्टी एसएस के साथ हाथापाई हुई.


इंडिया टुडे से जुड़े नितिन उपाध्याय से बातचीत में चाहर ने बताया कि सारा विवाद एक महिला को ट्रेन में चढ़ाने के लिए ट्रेन रोकने से जुड़ा है. घटना वाले दिन वह सुबह 6 बजे और 2 बजे की ड्यूटी पर थे. इसी दौरान उन्हें बाहर पब्लिक के शोर की आवाज सुनाई दी. वह तुरंत अपने दफ्तर से बाहर आए और देखा कि एक महिला ट्रेन के पीछे भाग रही है. इसमें उसकी जान भी जा सकती थी, ये सोचकर उन्होंने अपने वॉकी-टॉकी से ट्रेन के गार्ड से संपर्क किया और ट्रेन रुकवा दी. इसके बाद महिला को सुरक्षित ट्रेन में बैठा दिया.
'RPF स्टाफ ने की गुंडागर्दी'चाहर ने कहा कि इसके बाद RPF के एक कर्मचारी गुंडागर्दी करते हुए आए और महिला को जबरदस्ती ट्रेन से खींचकर उनका फोन छीन लिया और दादागिरी करने लगे. साथ ही महिला से अवैध वसूली करने की कोशिश की लेकिन पब्लिक ज्यादा थी, इसलिए वो ये कर नहीं पाए. चाहर ने आगे कहा,
मैं वहां पर खड़ा था. मैंने कहा कि उन्होंने (महिला ने) चेन पुलिंग नहीं की है. मैंने गार्ड साहब से इनकी सुरक्षा के लिए गाड़ी से प्रेशर लगवाया है. इसमें आपका कोई केस बनता नहीं है. न ही आपको हमने इनफॉर्म किया है. न ही आपको किसी तरह का मेमो दिया है.
चाहर ने बताया कि आमतौर पर अगर किसी ट्रेन में चेन पुलिंग होती है तो स्टेशन अधिकारी RPF को मेमो के साथ इनफॉर्म करते हैं. तब जाकर वो चेन पुलिंग करने वाले के खिलाफ कारवाई शुरू करते हैं. उन्होंने आगे कहा,
लेकिन पहले तो इस मामले में चेन पुलिंग नहीं हुई थी. दूसरी बात कि मैंने कोई चेन पुलिंग की शिकायत दर्ज नहीं कराई. वह (RPF कर्मचारी) अपने आप ही अवैध वसूली के मकसद से वहां आ गए कि अगर ट्रेन रुकी है तो कोई न कोई पकड़ा ही जाएगा.
चाहर ने कहा कि जब उन्होंने RPF कर्मी को बताया कि उन्हें (RPF को) चेन पुलिंग की शिकायत दी ही नहीं गई है और वो महिला के साथ गलत कर रहे हैं तो उन्होंने सीधे यही बोला कि ‘ये स्टेशन आपके बाप का है क्या?’ इसके बाद कथित तौर पर वर्दी की ताब दिखाते हुए उनसे कहा कि वो यहां से चले जाएं. नहीं तो उनका बहुत बुरा हाल होगा.
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चाहर ने कहा कि उस वक्त उनके स्टाफ का कोई व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था. सिर्फ उनके स्टेशन सुपरिन्टेंडेंट थे. RPF वालों ने तुरंत चार-पांच लोगों को वहां पर बुला लिया. इतना ही नहीं, उन्हें ले जाने के लिए 8-10 RPF के जवान और आए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब वो उनसे भी नहीं गए तो आसपास ऑटो-टैक्सी वालों को भी बुला लिया गया. इसके बाद उनके साथ मारपीट हुई और उन्हें ऐसे घसीटकर ले जाया गया, जैसे वो कोई टेररिस्ट हों या कोई गुनाह किया हो.
क्या हुआ था?ये घटना ट्रेन नंबर- 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के आगरा कैंट स्टेशन पर रुकने के दौरान हुई थी. ट्रेन को कुछ देर रोकने को लेकर रेलवे स्टेशन के डिप्टी एसएस और RPF कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई. कुछ ही देर में बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों विभागों के कर्मचारी आमने-सामने आ गए. आरोप है कि इसी दौरान डिप्टी एसएस के साथ हाथापाई हुई.
इसका वीडियो भी सामने आया, जिसमें RPF के कर्मचारी डिप्टी एसएस पर गाली देने का आरोप लगा रहे हैं. घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और RPF के 4 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. इनमें एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल बदन सिंह शामिल हैं.
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