कुछ समय पहले एक रिसर्च हुई. पता चला कि साल 2050 तक करीब 4 करोड़ मौतें 'सुपरबग्स' से होंगी. सुपरबग्स ऐसे माइक्रोऑर्गेनिज़्म होते हैं, यानी ऐसे बैक्टीरिया, वायरस जो दवाइयों के खिलाफ अपनी इम्यूनिटी बना लेते हैं. ऐसे में दवाइयां उनपर काम नहीं करती और इंफेक्शन गंभीर होता जाता है. सेहत के इस एपिसोड में डॉक्टर से जानिए कि सुपरबग्स क्या हैं. ये इंसानों के लिए इतने खतरनाक क्यों हैं. एंटीबायोटिक दवाओं और सुपरबग्स के बीच क्या नाता है. और, इनसे बचाव और इलाज कैसे किया जाए. साथ ही, दो बातें और पता करिए. पहली, ब्लड कैंसर के नए इलाज 'कार्टेमी' को भारत में मिली मंजूरी: क्या है ये? दूसरी, दूध में जायफल का पाउडर डालकर पीने के फ़ायदे जानते हैं? वीडियो देखें.
सेहतः क्या हैं सुपरबग्स, जिससे मारे जा सकते हैं 4 करोड़ लोग!
सुपरबग्स ऐसे बैक्टीरिया हैं, जो पहले सिर्फ अस्पतालों के ICU में पाए जाते थे. अब इन सुपरबग्स की संख्या इतनी बढ़ गई है कि ये आम लोगों में भी पाए जाते हैं.
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