दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने CJP और छात्रों का प्रदर्शन कंट्रोल करने के लिए मुख्य रूप से दो तरह की लाठियों का इस्तेमाल किया. पहली, पॉलीकार्बोनेट बैटन. दूसरी, पारंपरिक बांस या बेंत की लाठियां. इस लाठीचार्ज का असर साफ दिख रहा है. पर एक बार डॉक्टर से समझ लेते हैं कि लाठी से लगने वाली चोट कितनी गंभीर हो सकती है.
सेहत: लाठी की चोट कब बन जाती है जानलेवा?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP और छात्रों का प्रदर्शन अभी भी जारी है.
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सेहत के इस एपिसोड में ये भी पता करेंगे कि शरीर में किन जगहों पर लाठी पड़ना सबसे गंभीर है, और जानलेवा हो सकता है. अगर किसी को लाठी लगी हो, तो मौके पर तुरंत क्या फर्स्ट एड देनी चाहिए. किन गलतियों से बचना चाहिए. और किन संकेतों को देखकर समझ जाना चाहिए कि चोट सिर्फ़ बाहरी नहीं है और तुरंत अस्पताल जाने की ज़रूरत है. सुनिए.
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