कॉफ़ी, खासकर ब्लैक कॉफ़ी, लिवर के लिए बहुत बढ़िया होती है. ये आपको पता ही है. हमारे देश में बहुत से लोग ब्लैक कॉफ़ी नहीं पीते है. वो या तो दूध वाली कॉफ़ी पीते हैं या फिर पीते हैं कड़क चाय. चाय-कॉफ़ी के बिना न हमारी सुबह होती है, न शाम. थक गए हैं, चाय गटक लेते हैं. काम करते-करते नींद आने लगी, एक ब्लैक कॉफ़ी पी लेते हैं. यानी चाय और कॉफ़ी हमारी ज़िंदगी का वो हिस्सा है, जिसे रिप्लेस नहीं किया जा सकता. क्या आपको पता है कि ये चाय-कॉफ़ी आपकी स्किन को समय से पहले बूढ़ा बना रही है. क्योंकि वाकई ऐसा है.
खूब कॉफी पीते हैं तो जरा संभल जाइए, कैफीन उम्र से पहले आपको कर रही बूढ़ा!
बहुत से भारतीयों की दिन की शुरुआत चाय या काफ़ी के एक कप से होती है. कैफीन का बहुत ज्यादा सेवन शरीर के लिए हानिकारक है ये तो सब जानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैफीन का ज्यादा सेवन आपको समय से पहले बूढ़ा बना सकती है?

चाय-कॉफ़ी में एक केमिकल कंपाउंड होता है. नाम है-कैफ़ीन. आपकी स्किन को बूढ़ा करने में इसी का दोष है. ये आपकी नींद भी ख़राब करता है. पर कैसे और चाय-कॉफ़ी के इस ख़तरनाक असर से बचा कैसे जाए? यही समझेंगे आज. अव्वल तो डॉक्टर से जानेंगे कि ज़्यादा कैफ़ीन से नींद क्यों ख़राब होती है. इसका असर स्किन पर क्यों पड़ता है. स्किन में कौन-से बदलाव होने लगते हैं. फिर पता करेंगे कि स्किन को एजिंग से बचाने के लिए क्या करें. साथ ही, सोने से कितने घंटे पहले कैफ़ीन लेना बंद कर देना चाहिए.
ज़्यादा कैफ़ीन लेने से नींद पर क्या असर पड़ता है?ये हमें बताया डॉक्टर रुबेन भसीन पस्सी ने.

कैफ़ीन हमारे दिमाग में एडेनोसिन नाम के केमिकल के असर को ब्लॉक करता है. एडेनोसिन शरीर में नींद का एहसास बढ़ाने का काम करता है. मगर कैफ़ीन इसके असर को रोक देता है. इससे थकान कम महसूस होती है और जल्दी नींद नहीं आती. कैफ़ीन की वजह से गहरी नींद की क्वालिटी भी ख़राब होती है. इससे रात में बार-बार आंख खुलती है और नींद पूरी नहीं हो पाती. नींद पूरी न होने पर ताज़गी महसूस नहीं होती. स्किन भी डल और थकी हुई नज़र आती है.
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स्किन पर कैसे डालता है असर?नींद पूरी न होने पर शरीर में कोर्टिसोल हॉर्मोन का लेवल बढ़ सकता है. कोर्टिसोल बढ़ने से कोलेजन बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. जब आप पूरी नींद लेते हैं, तब शरीर रिपेयर मोड में चला जता है. इसलिए अच्छी नींद लेने पर स्किन ज़्यादा फ्रेश और हेल्दी नज़र आती है. लेकिन अगर नींद पूरी न हो और स्किन को रिपेयर होने का वक्त न मिले, तब आंखों के नीचे गड्ढे दिखने लगते हैं. फाइन लाइन्स यानी चेहरे पर सिलवटें नज़र आने लगती हैं. स्किन डल यानी बेजान दिखाई देती है. चेहरा भी थका हुआ नज़र आता है. बहुत ज़्यादा कैफ़ीन लेने से कुछ लोगों में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है. डिहाइड्रेशन की वजह से स्किन पैची और ड्राई नज़र आ सकती है.

चाय, कॉफ़ी और एनर्जी ड्रिंक्स में भले ही कैफ़ीन की मात्रा अलग-अलग हो, पर सबमें कैफ़ीन होता है. कैफ़ीन ज़्यादा लेने पर नींद की क्वालिटी ख़राब हो सकती है. कुछ एनर्जी ड्रिंक्स में कॉफ़ी से भी ज़्यादा कैफ़ीन हो सकता है. इसलिए एनर्जी ड्रिंक्स या कैफ़ीन वाली चीज़ों से नींद पर असर पड़ता ही है.
स्किन को एजिंग से कैसे बचाएं?- 7 से 8 घंटे की अच्छी और पर्याप्त नींद लें
- हर 2 से 3 घंटे में दोबारा सनस्क्रीन लगाएं
- रोज़ कम से कम 3 लीटर पानी पिएं
- अपनी स्किन टाइप के हिसाब से स्किनकेयर रूटीन फॉलो करें
- डाइट के साथ अच्छी लाइफस्टाइल अपनाएं
- रोज़ाना हल्की से मीडियम एक्सरसाइज करें
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सोने से कितने घंटे पहले कैफ़ीन लेने से बचें?हर दिन 400 मिलीग्राम कॉफ़ी लेना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. कॉफ़ी का असर उसे पीने के 5 से 6 घंटे तक रहता है. इसलिए सोने के 6 से 7 घंटे पहले कैफ़ीन लेना बंद कर दें.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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