20 साल से ज्यादा समय तक सीरिया पर शासन करने वाले पूर्व राष्ट्रपति बशर-अल-असद को मौत की सजा सुनाई गई है. उन पर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ गुनाह करने का दोषी पाया गया है. सीरिया की राजधानी दमिश्क की एक क्रिमिनल कोर्ट ने बशर के खिलाफ ये फैसला सुनाया है. फिलहाल, बशर देश में नहीं हैं और उनकी गैर मौजूदगी में ही ये मुकदमा चलाया जा रहा था. दिसंबर 2024 में आंतरिक विद्रोह के बाद बशर की सत्ता चली गई थी और अहमद अल-शरा के नेतृत्व में सीरिया में नई सरकार ने शासन संभाला था.
20 साल सीरिया पर राज करने वाले बशर अल-असद को मौत की सजा
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को दमिश्क की एक क्रिमिनल कोर्ट ने युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है. उनके चचेरे भाई अतेफ नजीब को भी मौत की सजा दी गई है.

सीरिया की अंतरिम सरकार के अफसरों की ओर से बशर अल असद के खिलाफ सुनाया गया ये पहला फैसला है, जिसमें उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने असद के चचेरे भाई और सीरिया के दक्षिणी प्रांत डेरा में राजनीतिक सुरक्षा डायरेक्टरेट के पूर्व प्रमुख अतेफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई है. नजीब योजना बनाकर हत्याएं करने और कैदियों को यातना देने का दोषी पाया गया.
कौन हैं बशर अल असद?बता दें कि साल 2000 में बशर अल असद अपने पिता हाफिज अल असद के निधन के बाद सत्ता में आए थे. 11 सितंबर 1965 को जन्मे बशर अल-असद राष्ट्रपति बनने के दावेदार कभी नहीं थे. वह राष्ट्रपति हाफिज अल असद के दूसरे बेटे थे. राजनीति से अलग वह 1988 में दमिश्क विश्वविद्यालय से आंख का डॉक्टर बनने की पढ़ाई कर रहे थे. बाद में आगे की पढ़ाई के लिए वो लंदन चले गए. उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट तब आया, जब साल 1994 में एक तेज रफ्तार कार दुर्घटना में उनके बड़े भाई बेसिल की मृत्यु हो गई.
इसके बाद असद को ब्रिटेन से आनन-फानन में वापस बुला लिया गया. उन्होंने जल्दी ही होम्स में सीरियाई मिलिट्री एकेडमी जॉइन कर ली और प्रमोशन पाते हुए 1999 में सेना में कर्नल बन गए. जून 2000 में तकरीबन तीन दशक तक सीरिया पर शासन करने के बाद उनके पिता हाफिज की मौत हो गई. इसके बाद आर्मी, बाथ पार्टी और उनके अल्पसंख्यक अलावी संप्रदाय के वफादारों ने बशर अल-असद को राष्ट्रपति बनाने के लिए जमकर कोशिश की. उन्हें सशस्त्र बलों का कमांडर और बाथ पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया, जिसके बाद एक जनमत संग्रह में उन्हें सीरिया का राष्ट्रपति बनाया गया.
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गृहयुद्ध के बाद शुरू हुआ पतनसाल 2011 में चीजें बशर के हाथ से फिसलती गईं जब सीरिया में गृहयुद्ध शुरू हो गया. सरकार के आदेश पर सुरक्षा बलों ने डेरा में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को हिंसक रूप से कुचल दिया. इसके बाद ये विद्रोह देश भर में फैल गया. इस दौरान असद सरकार पर गैरकानूनी हत्याओं, जबरन गायब किए जाने, मनमानी हिरासत और नागरिक इलाकों पर हमलों के बड़े-बड़े आरोप लगे. असद सरकार पर ये भी आरोप लगे कि उसने विद्रोह को कुचलने के लिए रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया. 2013 में रासायनिक हमलों से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में असद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे.
2024 में विद्रोहियों के बढ़ते दबाव के बाद बशर मॉस्को भाग गए थे. तबसे वह अब तक सीरिया नहीं लौटे हैं.
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