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खूब डाइट, एक्सरसाइज करके भी वज़न कम नहीं हो रहा? कहीं ये गलती तो नहीं हो रही

Steps for Losing Weight: क्या बार-बार डाइट बदलना या बहुत कम खाना इसकी वजह तो नहीं है. वज़न घटाने के लिए डाइट ज़्यादा ज़रूरी है या एक्सरसाइज़. वज़न कम होने पर सबसे पहला और सबसे आखिरी असर कहां दिखता है.

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ज़्यादा चाय, कॉफी, शक्कर या मीठे ड्रिंक्स लेने से कुल कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है

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  • डॉक्टर शंकर कुमार गुप्ता ने बताया कि मोटापा सिर्फ खाने-पीने की वजह से नहीं होता, बल्कि हॉर्मोनल गड़बड़ी, खराब लाइफस्टाइल और जेनेटिक फैक्टर्स भी इसका कारण हैं।
  • बार-बार डाइट बदलने या बहुत कम खाने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है, जिससे वज़न कम करना मुश्किल हो जाता है।
  • वज़न घटाने के लिए डाइट का 70-80% और एक्सरसाइज़ का 20-30% रोल होता है, इसके साथ रोज़ करीब ढाई से तीन लीटर पानी पीना ज़रूरी है।

रोज़ सुबह घर पर आप आधा घंटा-चालीस मिनट एक्सरसाइज़ करते हैं. 10 हज़ार के करीब कदम चलते हैं. ठीक-ठाक डाइट भी करते हैं. पर ये वज़न है कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा. पहले हफ्ते आधा किलो वज़न कम होता है. तो अगले हफ्ते एक किलो बढ़ जाता है.

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अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब और टेंशन मत लीजिए. आज डॉक्टर साहब आपको बताएंगे कि बहुत कोशिश करने के बाद भी कुछ लोगों का वज़न कम क्यों नहीं होता. क्या बार-बार डाइट बदलना या बहुत कम खाना इसकी वजह तो नहीं है. वज़न घटाने के लिए डाइट ज़्यादा ज़रूरी है या एक्सरसाइज़. वज़न कम होने पर सबसे पहला और सबसे आखिरी असर कहां दिखता है. 

बहुत कोशिश के बाद भी वज़न कम क्यों नहीं होता?

ये हमें बताया डॉक्टर शंकर कुमार गुप्ता ने. 

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dr shankar kumar gupta
डॉ. शंकर कुमार गुप्ता, कंसल्टेंट, जनरल सर्जरी, आईएसआईसी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल

मोटापा सिर्फ ज़्यादा खाने-पीने की वजह से नहीं होता. हॉर्मोनल गड़बड़ी, खराब लाइफस्टाइल और जेनेटिक फैक्टर्स भी इसकी बड़ी वजह हैं. कई लोग दिनभर कम कैलोरी खाते हैं. लेकिन बीच-बीच में हाई-कैलोरी ड्रिंक्स पीते रहते हैं. ज़्यादा चाय, कॉफी, शक्कर या मीठे ड्रिंक्स लेने से कुल कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है. 

मोटापे की एक बड़ी वजह हॉर्मोनल समस्याएं भी हैं. आजकल हाइपोथायरॉयडिज़्म, डायबिटीज़ और ऐसी दूसरी समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं. ये बीमारियां भी वज़न बढ़ने का बड़ा कारण हैं. आज की लाइफस्टाइल में लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं. देर तक बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है. इससे भी मोटापा बढ़ने लगता है. 

आजकल लोगों का स्क्रीन टाइम भी बहुत बढ़ गया है. इसकी वजह से नींद ठीक से नहीं आती. हमें रोज़ कम से कम 6 घंटे की अच्छी नींद ज़रूरी है. नींद पूरी न होने पर शरीर में घ्रेलिन नाम का हंगर हॉर्मोन बढ़ जाता है. इससे बार-बार भूख लगती है और वज़न कम करना मुश्किल हो जाता है. 

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कई बार मोटापा जेनेटिक्स की वजह से भी होता है. अगर परिवार में मोटापे की समस्या रही है, तो इसका खतरा बढ़ सकता है. ये सभी फैक्टर्स मिलकर मोटापे की संभावना बढ़ाते हैं.

बार-बार डाइट बदलने, कम खाने से वेट लॉस धीमा होता है?

हां, बार-बार डाइट बदलने या बहुत कम खाने से वज़न घटने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है. जब आप बार-बार डाइट बदलते हैं, तो शरीर खुद को एनर्जी सेविंग मोड में डाल देता है. इससे शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीरे-धीरे धीमा पड़ने लगता है. जिससे वज़न कम करना और मुश्किल हो जाता है.

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वज़न घटाने के लिए सबसे पहले अपनी डाइट ठीक करें
वेट लॉस का सबसे पहला और आखिरी असर कहां दिखता है?

जब वज़न कम होना शुरू होता है, तो सबसे पहले फर्क चेहरे, ठुड्डी, गर्दन और कमर के ऊपरी हिस्से में दिखता है. वहीं कमर के निचले हिस्से, पेट, जांघों और कूल्हों की चर्बी सबसे आखिर में कम होती है. दरअसल, पेट और कमर के नीचे जमा फैट सैचुरेटेड होता है यानी ये आसानी से एनर्जी में नहीं बदलता. इसी वजह से इस फैट को कम होने में ज़्यादा समय लगता है.

वज़न घटाने के लिए डाइट ज़्यादा ज़रूरी या एक्सरसाइज़?

वज़न घटाने के लिए डाइट और एक्सरसाइज़ दोनों ज़रूरी हैं. वज़न घटाने में डाइट का 70-80% रोल होता है. वहीं, एक्सरसाइज़ का 20-30% रोल होता है. अपनी लाइफस्टाइल में कम से कम 35–45 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग शामिल करें. हफ्ते में दो से तीन बार स्ट्रेंथ एक्सरसाइज़ ज़रूर करें. इसके साथ ही डाइट पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. वज़न घटाने के लिए खाने में फाइबर होना ज़रूरी है. डाइट में हरी सब्ज़ियां और फल ज़रूर शामिल करें. रोज़ ढाई से तीन लीटर पानी पिएं. ये शरीर से गंदगी निकालने में मदद करता है. ये सभी फैक्टर मोटापा कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं. 

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

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