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ये 6 टिप्स मान लीं तो कभी पेशाब का इंफेक्शन नहीं होगा

UTI Safety Tips: यूरिन इंफेक्शन की सबसे आम वजह कम पानी पीना है. कम पानी पीने पर पेशाब भी कम बनता है. आम तौर पर मान लिया जाता है कि गंदा टॉयलेट इस्तेमाल करने या फिर कॉमन वॉशरूम यूज करने की वजह से इन्फेक्शन होता है.

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बार-बार यूरिन इंफेक्शन होने पर डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है (फोटो: Magnific)

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  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का रिस्क गंदे टॉयलेट के इस्तेमाल से बढ़ सकता है, क्योंकि इससे हाथों या आसपास की सतहों पर बैक्टीरिया लग सकते हैं, जो पेशाब की नली में प्रवेश कर सकते हैं।
  • UTI होने के अन्य कारणों में कम पानी पीना, पेशाब देर तक रोकना, महिलाओं की शारीरिक बनावट, सेक्शुअल एक्टिविटी और सफाई की गलत आदतें शामिल हैं, जो बैक्टीरिया के संक्रमण को बढ़ावा देते हैं।
  • UTI से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीना, पेशाब देर तक न रोकना, सही तरीके से सफाई करना, सेक्स के बाद पेशाब करना और डॉक्टर से समय पर जांच कराना आवश्यक कदम हैं, जो संक्रमण रोकने में मदद करते हैं।

‘अरे, एक दिन गंदे टॉयलेट में जाना पड़ गया. इसलिए हो गया यूरिन इंफेक्शन वरना नहीं होता.’ अगर किसी ने अपनी परेशानी बताते हुए आपसे कभी ये बात कही है. ज़रा उनसे पूछिए कि क्या सिर्फ यही एक वजह है या कारण कुछ और भी हैं?

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अक्सर लोगों को लगता है कि UTI, जिसे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या पेशाब का इंफेक्शन भी कहते हैं, वो सिर्फ़ गंदा टॉयलेट इस्तेमाल करने से होता है. लेकिन, ऐसा नहीं है. हां, गंदे टॉयलेट में जाने से UTI का रिस्क बढ़ता ज़रूर है. पर इसके साथ-साथ आपकी रोज़ की कुछ आदतें भी ज़िम्मेदार होती हैं. कौन-सी हैं ये आदतें, इन्हीं के बारे में बताएंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि गंदे टॉयलेट से UTI का रिस्क क्यों बढ़ता है. साथ ही, यह भी समझेंगे कि और किन वजहों से UTI हो सकता है और इससे बचने के लिए क्या ध्यान रखें.

गंदे टॉयलेट से UTI होने का रिस्क क्यों बढ़ता है?

ये हमें बताया डॉक्टर सारिका पांड्या ने. 

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डॉ. सारिका पांड्या, कंसल्टेंट, यूरोलॉजी, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी, हैदराबाद

अक्सर लोगों को लगता है कि यूरिन इंफेक्शन सिर्फ़ गंदे टॉयलेट के इस्तेमाल से होता है. लेकिन क्या सच में ऐसा है? गंदे टॉयलेट में जाने से हाथों या आसपास की सतह पर बैक्टीरिया लग सकते हैं. यूरिन इंफेक्शन तब होता है, जब बैक्टीरिया, जैसे ई. कोलाई, पेशाब की नली के ज़रिए यूरिनरी ट्रैक्ट में पहुंच जाता है. 

ई. कोलाई बैक्टीरिया आमतौर पर हमारी आंतों में भी पाया जाता है. इसलिए यूरिन इंफेक्शन होने पर ये नहीं सोचना चाहिए कि ऐसा सिर्फ़ गंदे टॉयलेट के इस्तेमाल से हुआ है. यूरिन इंफेक्शन होने की और भी कई वजहें हो सकती हैं.

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यूरिन इंफेक्शन की अन्य वजहें 

यूरिन इंफेक्शन की सबसे आम वजह कम पानी पीना है. कम पानी पीने पर पेशाब भी कम बनता है. इससे पेशाब देर तक शरीर में रुका रह सकता है. जिससे बैक्टीरिया को ज़्यादा देर तक यूरिनरी ट्रैक्ट में रहने का मौका मिल जाता है.

दूसरी वजह है लंबे समय तक पेशाब रोककर रखना. तीसरी वजह महिलाओं के शरीर की बनावट है. महिलाओं की पेशाब की नली छोटी होती है. वो गुदा (एनस) के काफ़ी करीब भी होती है. इससे बैक्टीरिया आसानी से यूरिनरी ट्रैक्ट में पहुंच सकते हैं . 

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 लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने से बैक्टीरिया आसानी से यूरिनरी ट्रैक्ट में पहुंच सकते हैं 

चौथी वजह है सेक्शुअल एक्टिविटी. सेक्स के बाद आसपास मौजूद बैक्टीरिया के पेशाब की नली में पहुंचने का रिस्क बढ़ जाता है. 

पांचवीं वजह है सफाई. पेशाब करने के बाद सही तरीके से सफाई करना ज़रूरी है. कई महिलाएं टॉयलेट के फॉसेट (जेट स्प्रे) का इस्तेमाल करती हैं. पर इसकी वजह से भी यूरिन इंफेक्शन होने का चांस रहता है. इसलिए सफाई हमेशा टिशू या ड्राई पेपर से आगे से पीछे की तरफ करनी चाहिए. इससे गुदा के आसपास के बैक्टीरिया के पेशाब की नली तक पहुंचने का ख़तरा कम हो सकता है.

यूरिन इंफेक्शन से कैसे बचें?

पहला, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. 

दूसरा, पेशाब को ज़्यादा देर तक न रोकें. 

तीसरा, पेशाब करने के बाद आगे से पीछे की तरफ़ सफाई करें. 

चौथा, सेक्स के बाद तुरंत पेशाब करने जाएं. इससे यूरिन इंफेक्शन रोकने में काफ़ी मदद मिलती है. 

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पांचवां, खुशबू वाले इंटिमेट प्रोडक्ट्स और वजाइना के अंदर पानी या किसी लिक्विड से सफ़ाई करने से बचें. 

छठवां, डायबिटीज़ हो तो ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने की कोशिश करें 

सबसे ज़रूरी, अगर पेशाब करते समय जलन हो. पेट के निचले हिस्से में दर्द हो. बुखार के साथ पीठ में दर्द हो. पेशाब में खून आ रहा है, तो तुरंत ही डॉक्टर को दिखाएं. समय पर जांच और इलाज से कई जटिलताओं से बचा जा सकता है.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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