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वेपिंग ने सेलेना गोमेज की असली आवाज छीन ली, ई-सिगरेट को हल्के में लेते हैं तो इसके नुकसान जान लीजिए

वेप या ई-सिगरेट, बैटरी से चलने वाली डिवाइस है. इसमें लिक्विड भरा जाता है. जो बैटरी से जुड़े हीटिंग एलिमेंट की मदद से गर्म होता है और एरोसोल बनाता है.

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एक्टर और सिंगर सेलेना गोमेज़

सेलेना गोमेज़. अमेरिकन एक्ट्रेस, सिंगर, सॉन्ग राइटर, प्रोड्यूसर और बिज़नेसवुमन. पिछले काफी वक्त से उनकी बदली हुई आवाज़ की बहुत चर्चा थी. लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर उनकी आवाज़ में बदलाव क्यों आया. अब सेलेना ने खुद इसकी वजह बताई है. 18 अक्टूबर को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने एक वीडियो शेयर किया. इसमें सेलेना ने कहा,

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‘अब मैं अपनी आवाज़ नहीं बदल पाऊंगी. मैंने बहुत ज़्यादा निकोटीन वेप किया. निकोटीन छोड़ना बहुत मुश्किल है और मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि अगर आप भी इससे जूझ रहे हैं या वेपिंग करने के बारे में सोच रहे हैं. तो यकीन मानिए, ये बिल्कुल भी काम का नहीं है. ये बहुत बेवकूफी भरा है और इसने मेरी आवाज़ बदल दी.’

सेलेना ने ये भी कहा कि अब उन्होंने वेपिंग छोड़ दी है और उन्हें उम्मीद है कि वो आगे भी इससे दूर रह पाएंगी.

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वेप या ई-सिगरेट, बैटरी से चलने वाली डिवाइस है. इसमें लिक्विड भरा जाता है. जो बैटरी से जुड़े हीटिंग एलिमेंट की मदद से गर्म होता है और एरोसोल बनाता है. एरोसोल यानी हवा में तैरते हुए बहुत छोटे-छोटे कण या बूंदें. 

ई-सिगरेट कई शेप और साइज़ में आती है. इनके फ्लेवर भी अलग-अलग होते हैं. अब कई लोग वेपिंग को सिगरेट से कम नुकसानदेह समझते हैं. उन्हें लगता है कि वेपिंग, सिगरेट का ‘बेहतर विकल्प’ है. इसलिए वो सिगरेट की जगह वेप करना शुरू कर देते हैं. पर वेपिंग भी शरीर के लिए बहुत ख़तरनाक होती है.

साल 2024 में अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में एक स्टडी पेश की गई. इस स्टडी के मुताबिक, ई-सिगरेट पीने से हार्ट फेलियर का खतरा 19 फीसदी तक बढ़ जाता है. 8 अप्रैल 2024 को World Health Organization ने भी एक पोस्ट में बताया था कि वेपिंग के 24 घंटों के भीतर दौरे का खतरा बढ़ सकता है. 

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इससे पहले WHO ने दुनिया के सभी देशों से ई-सिगरेट पर बैन लगाने की मांग की थी. ये भी कहा था कि इसे दूसरे टोबैको प्रोडक्ट्स की तरह ट्रीट किया जाए. वेपिंग को कैंसर के ख़तरे से भी जोड़ा गया है. 

लेकिन क्या वेपिंग से आवाज़ तक बदल सकती है? ये जानेंगे आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि वेपिंग के दूसरे नुकसान क्या हैं. क्या वेपिंग सिगरेट की तुलना में बेहतर है और वेपिंग या सिगरेट की लत कैसे छोड़ें. 

क्या वेपिंग से आवाज़ बदल सकती है?

ये हमें बताया डॉक्टर (मेजर) राजेश भारद्वाज ने. 

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डॉ.(मेजर) राजेश भारद्वाज, फाउंडर, मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर

वेपिंग से वोकल कॉर्ड्स (आवाज़ बनाने वाले अंग) पर असर पड़ सकता है. वेपिंग में निकोटीन होता है. ये निकोटीन वोकल कॉर्ड्स और फेफड़ों में सूजन कर सकता है. इससे लंबे समय में कई समस्याएं हो सकती हैं. निकोटीन एक हानिकारक केमिकल है. जिसकी वजह से वोकल कॉर्ड्स में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है. निकोटीन से फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचता है.

अगर आप बार-बार या लगातार वेपिंग करते हैं. अगर पहले से ही गले में खराश या लैरिंजाइटिस है. इसके बावजूद आप वेपिंग करते हैं, तो वोकल कॉर्ड्स की सूजन और बढ़ सकती है. लंबे समय तक ऐसा करने से वोकल कॉर्ड्स से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए जहां तक हो सके, वेपिंग से बचना चाहिए.

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वेपिंग के दूसरे नुकसान क्या हैं?

वेपिंग के नुकसान सिर्फ़ गले तक सीमित नहीं हैं. वेपिंग के दौरान निकोटीन सीधे फेफड़ों तक पहुंचता है. इससे फेफड़ों को भी नुकसान पहुंच सकता है. क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ से लेकर लंग कैंसर तक हो सकता है.

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वेपिंग को सिगरेट का हेल्दी विकल्प न समझें (फोटो: Magnific)
क्या वेपिंग सिगरेट की तुलना में बेहतर है?

वेपिंग को निकोटीन लेने के एक विकल्प के रूप में बनाया गया था. निकोटीन से होने वाले नुकसान वेपिंग से भी हो सकते हैं. फ़र्क़ ये है कि सिगरेट में निकोटीन के अलावा टार और दूसरे हानिकारक केमिकल्स भी होते हैं. वहीं, वेपिंग में इन चीज़ों की मात्रा कम करने की कोशिश की जाती है. लेकिन निकोटीन होने की वजह से शरीर को नुकसान ज़रूर पहुंचता है. ये न समझें कि वेपिंग पूरी तरह सेफ़ है या इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होगा. वेपिंग से शरीर को नुकसान ज़रूर होगा. वो नुकसान कब होंगे, ये आपके शरीर और वेपिंग की मात्रा पर निर्भर करता है. आप कितने समय से वेपिंग कर रहे हैं और कितनी बार करते हैं, इस पर भी निर्भर करता है.

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वेपिंग या सिगरेट की लत कैसे छोड़ें?

निकोटीन की लत छोड़ना मुश्किल होता है, क्योंकि इसे छोड़ने पर कई तरह के लक्षण महसूस होते हैं. बार-बार सिगरेट पीने की तेज़ इच्छा होती है. घबराहट, बेचैनी और डिप्रेशन महसूस होता है. बहुत गुस्सा आने लगता है. रात में नींद कम आती है. भूख बढ़ जाती है. किसी काम में मन नहीं लगता. इन लक्षणों की वजह से बार-बार सिगरेट पीने का मन करता है. लेकिन ये आदत छोड़नी चाहिए. 

कुछ दिनों तक सिगरेट या वेपिंग से दूर रहने पर धीरे-धीरे क्रेविंग कम होने लगती है. निकोटीन छोड़ने के कुछ घंटों के भीतर ही इसके लक्षण शुरू हो सकते हैं. आमतौर पर निकोटीन छोड़ने के शुरुआती लक्षण 2 से 3 दिनों में सबसे ज़्यादा महसूस होते हैं. फिर अगले 3 से 4 हफ़्तों में धीरे-धीरे कम होने लगते हैं.

अगर आपको निकोटीन या वेपिंग की लत है, तो इसे छोड़ने की कोशिश ज़रूर करें. इसके लिए डॉक्टर की मदद लें. निकोटीन की लत छोड़ने में मदद के लिए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हेल्पलाइन उपलब्ध हैं. इसलिए अपने नज़दीकी डॉक्टर या नशामुक्ति केंद्र से संपर्क करें. इस प्रक्रिया में अपने परिवार को भी शामिल करें. वेपिंग छोड़ने के लिए एक तारीख तय करें. उस दिन से वेपिंग और सिगरेट पीना छोड़ दें. ये एक बहुत नुकसानदेह आदत है, इसे छोड़ना मुश्किल हो सकता है. लेकिन बहुत से लोग ऐसा कर चुके हैं और आप भी इसे छोड़ सकते हैं.

वैसे सितंबर 2019 में भारत सरकार ने अध्यादेश लाकर ई-सिगरेट यानी वेप पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था. फिर भी ये किसी न किसी तरीके से लोगों को मिल ही जाती है. पर अगर आप अच्छी और लंबी ज़िंदगी जीना चाहते हैं, तो न तो सिगरेट पिएं. और न ही ई-सिगरेट. 

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: डार्क सर्कल्स खत्म करने का बेस्ट तरीका क्या है?

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