झारखंड में एक महिला के साथ थाने में रेप का मामला सामने आया है. आरोप उसी पुलिस थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर लगा है. महिला अपने पति से बचने और सुरक्षा मांगने थाने पहुंची थी. लेकिन आरोप है कि वहां उसकी मदद करने के बजाय उसका यौन उत्पीड़न किया गया. मामला सामने आने के बाद थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार हैं. अब SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है. आखिर उस रात थाने में क्या हुआ था? और पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई हुई? सब जानते हैं.
मदद मांगने आई महिला का पुलिसवाले ने थाने में रेप किया, 3 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, 15 सस्पेंड
आरोप है कि पुलिस थाने में मदद मांगने पहुंची महिला के साथ ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ने रेप किया. आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा समेत 3 पुलिसवालों को गिरफ्तार किया जा चुका है. घटना को लेकर झारखंड में विपक्षी पार्टी BJP मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमलावर है.

मामला सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र का है. पीड़िता की उम्र 20 साल है. पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 की शाम पीड़िता का अपने पति से विवाद हुआ था. उसे डर था कि पति उसके साथ मारपीट कर सकता है. इसलिए वो घर से निकल गई.
रात करीब साढ़े 9 बजे बारिश होने लगी. महिला सरायकेला के गम्हरिया इलाके में एक प्लांट के गेट के पास रुक गई. वहां मौजूद एक दूसरी महिला की मदद से उसने पुलिस को फोन किया. इसके बाद PCR वैन उसे लेकर रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाने पहुंची.
आरोप है कि थाने में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ने उसे आराम करने के लिए बगल के कमरे में भेज दिया. इसके बाद कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया. पीड़िता के मुताबिक, इसी दौरान थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा कमरे में आया और उसके साथ रेप किया. महिला ने मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कोई उसकी मदद के लिए नहीं पहुंचा.
पीड़िता का दावा है कि उसने अपने बचाव में एक छोटा चाकू इस्तेमाल किया. इससे आरोपी घायल हुआ और वहां से भाग गया. महिला ने ये भी आरोप लगाया कि अगली सुबह कुछ पुलिसकर्मियों ने उसे पैसे देकर मामला दबाने की कोशिश की.
महिला की लिखित शिकायत के आधार पर 31 अक्टूबर को गम्हरिया थाने में FIR दर्ज की गई. भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 64(2)(a) और 68 के तहत मामला दर्ज हुआ.
सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गियारी ने मामले की जांच के लिए SDPO अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में SIT बनाई. उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसवालों के खिलाफ सख्त एक्शन होगा, और सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. थानों में CCTV कैमरे ना होने पर SP ने कहा कि कुछ थानों में CCTV कैमरे हैं, बाकी थानों में भी CCTV कैमरे लगाए जाएंगे.
जांच के बाद पुलिस ने वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार साहू और कॉन्स्टेबल संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार किया गया. तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
आरोपी पुलिसवालों पर एक्शनSIT ने घटनास्थल का मुआयना किया और उस कमरे को सील कर दिया, जहां वारदात होने का आरोप है. जांच के लिए साइंटिफिक और फॉरेंसिक सबूत भी जुटाए जा रहे हैं. इस मामले में पुलिस प्रशासन ने अब तक 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है. इनमें गम्हरिया थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी संजय प्रसाद भी शामिल हैं.
पहले पांच पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया गया था. इसके बाद 1 नवंबर को नौ और पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी. इनमें दो सब इंस्पेक्टर, चार ASI, दो हवलदार और एक कॉन्स्टेबल शामिल हैं. इन पर थाने में महिला की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने और घटना की जानकारी समय पर सीनियर अफसरों को नहीं देने का आरोप है.
CM हेमंत सोरेन पर हमलावर BJPअब इस मामले पर सियासत भी शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं. BJP विधायक नीरा यादव ने मुख्यमंत्री से राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की है.
वहीं, BJP की पूर्व सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गम्हरिया में विरोध मार्च निकाला. गीता ने महिला सुरक्षा को लेकर सीएम हेमंत सोरेन को ‘नाकारा’ बताया. उन्होंने दोषी पुलिसवालों के साथ-साथ जिम्मेदार बड़े पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की.
BJP ने राष्ट्रीय महिला आयोग को भी पत्र लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने BJP पर इस मामले का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने मामले में कार्रवाई की है और SIT से जांच कराई जा रही है.
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फिलहाल, तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार हैं और 15 निलंबित किए जा चुके हैं. SIT की जांच जारी है.
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