सोते वक़्त पैर ठंडे पड़े हों तो नींद नहीं आती, और सर्दियों के मौसम में तो ऐसा बहुत होता है. इसलिए बहुत लोग मोज़े पहनकर सोते हैं, ताकि पैर थोड़ा गर्म रहें. लेकिन, इसे लेकर एक अलग डिबेट चलती है. कई लोगों का मानना है कि मोज़े पहनकर नहीं सोना चाहिए. ये सेहत के लिए नुकसानदेह है. इस बात में कितनी सच्चाई है? ये हमने पूछा शारदा हॉस्पिटल में इंटर्नल मेडिसिन डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव से.
रात में मोज़े पहनकर सोते हैं? जानें सही कर रहे हैं या नहीं
मोज़े पहनकर सोने से जल्दी नींद आती है. दरअसल, नींद आने से पहले शरीर का तापमान थोड़ा कम होता है. मोज़े पहनने से पैर गर्म रहते हैं. इससे नींद आना आसान हो जाता है.
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डॉक्टर श्रेय बताते हैं कि मोज़े पहनकर सोने से जल्दी नींद आती है. असल में, नींद आने से पहले शरीर का तापमान थोड़ा कम होता है. मोज़े पहनने से पैर गर्म रहते हैं. इससे नींद आना आसान हो जाता है.
जब पैर गर्म होते हैं, तो पैर की नसें फैल जाती हैं. इससे खून का फ्लो बेहतर होता है और शरीर की एक्स्ट्रा गर्मी बाहर निकलने में मदद मिलती है. जब गर्मी बाहर निकलती है, तो शरीर का तापमान कम हो जाता है. इससे दिमाग को सिग्नल मिलता है कि सोने का टाइम हो गया. ऐसे में शरीर रिलैक्स मोड में चला जाता है. नींद दिलाने वाला हॉर्मोन मेलाटोनिन का रिसाव बढ़ जाता है. फिर नींद जल्दी आती है. और ज़्यादा गहरी होती है.

साथ ही, फटी एड़ियों से भी छुटकारा मिलता है. अगर आप मॉइस्चराइज़र लगाने के बाद कॉटन के मोज़े पहनते हैं, तो एड़ियों को भरने में मदद मिलती है.
बस मोज़े पहनकर सोते वक्त ये ध्यान रखें कि मोज़े बहुत टाइट न हों. वरना खून का बहाव घट जाएगा. नींद भी नहीं आएगी. आई भी तो कच्ची नींद होगी.
जिन लोगों को पैरों में ज़्यादा पसीना आता है या फंगल इंफेक्शन है, उन्हें मोज़े पहनकर सोना अवॉइड करना चाहिए. जो लोग मोज़े पहनकर सोना चाहते हैं वो ढीले, साफ़ और सूती मोज़े पहनें ताकि हवा लगती रहे. आप बेड सॉक्स खरीद सकते हैं. ये खास सोने के लिए ही बने हैं. जब भी मोज़े पहनें, ये ध्यान रखें कि वो साफ और सूखे हुए हों. अगर मोज़े पहनने पर पैर में गर्मी लगे या बेचैनी महसूस हो, तो बिना मोज़े पहने ही सोएं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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