शादी-पार्टी में तेज़-तेज़ बजने वाला DJ हो या जिम में बजने वाले लाउड म्यूज़िक की आवाज़. थोड़ी देर के लिए इसे सुनना अच्छा लग सकता है. लेकिन जो आवाज़ आपके मन को अच्छी लग रही है, वो आपके शरीर को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है.
DJ की तेज आवाज कब और किसकी जान ले सकती है? डॉक्टर ने बड़ी चेतावनी दी
डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि तेज़ आवाज़ शरीर को क्या-क्या नुकसान पहुंचा सकती है. क्या इससे सुनाई देना भी हमेशा के लिए बंद हो सकता है. तेज़ आवाज़ का हमारी मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है. ये भी पता करेंगे कि इसका सबसे ज़्यादा खतरा किन्हें है और तेज़ आवाज़ के बुरे असर से कैसे बचें.

दो मामले सुनिए. उत्तर प्रदेश में सिद्धार्थनगर में 3 दिन के बच्चे की अचानक मौत हो गई. परिवारवालों का आरोप है कि ऐसा DJ की तेज़ आवाज़ की वजह से हुआ.
दूसरा मामला बिहार का है. यहां एक शादी के दौरान दूल्हे की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूल्हा DJ की तेज़ आवाज़ से परेशान था और बार-बार उसे कम करने के लिए कह रहा था. कुछ देर बाद दूल्हे की तबीयत बिगड़ी और उसकी जान चली गई.
तेज़ म्यूज़िक, चाहे शादी-पार्टी में बजे या आपके जिम में, ये सेहत को भयंकर नुकसान पहुंचा सकता है. दो जानलेवा मामले तो हमने ही आपको बता दिए. लेकिन आखिर कितनी तेज़ आवाज़ में और कितनी देर तक म्यूज़िक सुनना शरीर के लिए ख़तरनाक है? ये जानेंगे आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि तेज़ आवाज़ शरीर को क्या-क्या नुकसान पहुंचा सकती है. क्या इससे सुनाई देना भी हमेशा के लिए बंद हो सकता है. तेज़ आवाज़ का हमारी मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है. ये भी पता करेंगे कि इसका सबसे ज़्यादा खतरा किन्हें है और तेज़ आवाज़ के बुरे असर से कैसे बचें.
DJ की तेज़ आवाज़ शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
ये हमें बताया डॉक्टर विनीत बंगा ने.

तेज़ आवाज़ से कान के पर्दे और कान के अंदरूनी हिस्से को हमेशा के लिए नुकसान पहुंच सकता है. इससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. कानों में सीटी बजने जैसी आवाज़ सुनाई दे सकती है. ये आवाज़ कुछ देर या लंबे समय तक रह सकती है. ये इस पर निर्भर करता है कि आपने कितनी तेज़ आवाज़ सुनी है और कितनी देर तक. आपकी उम्र भी इस मामले में एक अहम फैक्टर है. तेज़ आवाज़ से बच्चों और बुज़ुर्गों पर ज़्यादा गंभीर असर पड़ सकता है.
तेज़ आवाज़ का असर सिर्फ कानों तक ही नहीं रहता. ये दिल के मरीज़ों में ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ा सकती है. बहुत तेज़ आवाज़ से ब्रेन हेमरेज़ या हार्ट अटैक भी आ सकता है.
तेज़ आवाज़ से सुनाई देना हमेशा के लिए बंद हो सकता है?
अगर तेज़ आवाज़ थोड़ी देर के लिए सुनाई दे, तो हो सकता है कि इससे ज़्यादा नुकसान न हो. जैसे जब पटाखा तेज़ आवाज़ के साथ फूटता है. तब कुछ समय के लिए कान में सीटी बजने जैसी आवाज़ सुनाई दे सकती है. ये आवाज़ कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है. लेकिन अगर आप लंबे समय तक तेज़ आवाज़ के संपर्क में रहते हैं. तब कानों को हमेशा के लिए नुकसान पहुंच सकता है. इसे नॉइज़-इंड्यूस्ड हियरिंग लॉस कहते हैं, यानी सुनने की क्षमता हमेशा के लिए कम हो सकती है.
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DJ की तेज़ आवाज़ मेंटल हेल्थ पर कैसे असर डालती है?
DJ की तेज़ आवाज़ सिर्फ़ कानों पर असर नहीं डालती. इससे मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ सकता है. बहुत तेज़ म्यूज़िक के संपर्क में रहने से सोने में दिक्कत हो सकती है. नींद पूरी न होने से स्ट्रेस बढ़ सकता है. रोज़मर्रा का रूटीन बिगड़ सकता है. तेज़ आवाज़ से कुछ लोगों में माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है. माइग्रेन की वजह से सिरदर्द और उल्टी भी हो सकती है.

DJ की तेज़ आवाज़ से किन्हें ज़्यादा ख़तरा?
DJ की तेज़ आवाज़ बच्चों और बुज़ुर्गों को ज़्यादा नुकसान पहुंचाती है. इनके अंग बहुत कोमल और संवेदनशील होते हैं. इसलिए इन्हें नुकसान पहुंचने का ज़्यादा ख़तरा रहता है. प्रेग्नेंट महिलाओं को भी तेज़ आवाज़ गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए खासकर इन लोगों को DJ के पास जाने से बचना चाहिए.
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DJ की तेज़ आवाज़ से कैसे बचें?
- DJ की आवाज़ कम रखने के लिए कहें.
- DJ के स्पीकर से दूर रहें.
- बच्चों के कानों की सुरक्षा के लिए ईयरप्लग लगाएं.
- ध्यान रखें कि बच्चे स्पीकर के पास न जाएं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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