दिवाली से पहले भारत में एक सवाल सबले ज्यादा जहन में आता है, 'पटाखे जलाएं या नहीं'. पटाखों के खिलाफ वाले लोग कहते हैं कि इससे प्रदूषण होता है, पहले से ही खराब एयर क्वलिटी और खतरनाक हो जाती है. वहीं, पक्ष वालों का तर्क है कि ‘ये हमारा त्योहार है, इसे 'पारंपरिक’ तरीके से मनाने का अधिकार है और प्रदूषण के तो और भी कारण है, सिर्फ पटाखों पर बैन क्यों?' इस साल भी ये बहस जारी है. इसी बीच एक्टर दीया मिर्जा का एक वीडियो बृहन्मुंबई नगर निगम यानी BMC ने डिलीट कर दिया है. इस वीडियो में दीया मिर्जा दिवाली के मौके पर पटाखे न फोड़ने की अपील कर रही थीं. BMC ने ये कदम मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम के आपत्ति के बाद उठाया है.
महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख ने दीया मिर्जा को 'बाहरी' कहा, BMC ने दिवाली वाला पोस्ट डिलीट ही कर दिया
दीया मिर्जा ने ये वीडियो BMC की ही 'प्रदूषण मुक्त दिवाली' कैंपेन के तहत बनाया था. दरअसल, शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने पटाखे न जलाने और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने का निर्देश दिया था. इसके बाद BMC ने एक कैंपेन चलाया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दीया मिर्जा ने ये वीडियो BMC की ही 'प्रदूषण मुक्त दिवाली' कैंपेन के तहत बनाया था. दरअसल, शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने पटाखे न जलाने और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने का निर्देश दिया था. इसके बाद BMC ने भी लोगों से अपील की थी कि वे पटाखे न जलाएं और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाएं.
BMC ने एक कैंपेन चलाया. उसने कई फेमस सेलेब्रिटीज से वीडियो मैसेज रिकॉर्ड करवाए थे. इनमें दीया मिर्जा, माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे शामिल थे.

इन सभी ने लोगों से अपील की थी कि वे बिना प्रदूषण वाली दिवाली मनाएं. लेकिन, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने इस वीडियो में दीया मिर्जा को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि ‘बाहरी लोगों’ को आकर यह नहीं सिखाना चाहिए कि दिवाली कैसे मनाई जाए. अमित साटम ने X पर एक पोस्ट में लिखा,
'हमें दीया मिर्जा से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनाई जाए. हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से जुड़ी हुई हैं.'
साटम की आपत्ति के बाद BMC ने ये वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया. लेकिन, BMC ने इसको लेकर कोई कारण नहीं बताया कि वीडियो क्यों हटाया गया.
अमित साटम के अलावा और नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. शिंदे गुट की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि दिवाली रोशनी का त्योहार है और दीया मिर्जा को इसके सांस्कृतिक महत्व को समझना चाहिए. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा,
'दिवाली रोशनी का त्योहार है. दीया मिर्जा, जिनके नाम में ही 'दीया' है, उन्हें भी समझना चाहिए कि दिवाली की एक खास सांस्कृतिक पहचान है. कोई भी प्रदूषण फैलाने या पटाखे फोड़ने की वकालत नहीं कर रहा है, लेकिन हमें खुद भी इस बारे में सोचने की जरूरत है. मुंबई के लोगों को दूसरों से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि उन्हें क्या करना चाहिए.'
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी दीया मिर्जा के वीडियो मैसेज पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा,
'दीया मिर्जा एक फिल्म अभिनेत्री हैं और मुस्लिम समुदाय से आती हैं, लेकिन यह किसी एक समुदाय का मामला नहीं है. संविधान हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है. जिस तरह हिंदू लोग ईद का सम्मान करते हैं और उसमें शामिल होते हैं, उसी तरह हिंदू समुदाय दिवाली मनाता है. अगर पटाखे नहीं जलाए जाएंगे तो दिवाली का कुछ महत्व कम हो सकता है. हालांकि, हमें बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी चिंता करनी चाहिए.'
सोशल मीडिया पर BMC के इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने सवाल उठाया कि वीडियो क्यों हटाया गया, जबकि कुछ लोगों ने अमित साटम के बयान का समर्थन किया.
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