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गर्दन की नस चढ़े तो एक्सरसाइज नहीं ये काम करें

डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि गर्दन की नस चढ़ने के लक्षण क्या-क्या हैं. क्या मालिश करना सही है या ये नुकसान पहुंचा सकता है. और कब आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए.

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गर्दन अकड़ी है कभी आपकी?

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  • डॉक्टर आदित्य गुप्ता के अनुसार, गर्दन की नस चढ़ने के मुख्य कारण मांसपेशियों में ऐंठन और स्पाइनल कॉर्ड के आसपास डिस्क या हड्डी का नस पर दबाव डालना है, जिससे दर्द और अकड़न होती है।
  • गर्दन की नस चढ़ने की समस्या गलत पोश्चर, कमजोर मांसपेशियों, और एक्सरसाइज़ न करने की वजह से बढ़ती है, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और दर्द गंभीर हो जाता है।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार, दर्द तेज होने या 24 घंटे से ज्यादा बने रहने पर MRI कराना आवश्यक है, साथ ही बिना प्रोफेशनल मालिश या एक्सरसाइज़ करने से बचना चाहिए।

क्या कभी आपकी गर्दन की नस चढ़ी है? अगर चढ़ी है, तो आपको पता ही होगा कि ये कितनी दिक्कत देती है. गर्दन में भयंकर दर्द होता है. गर्दन घुमाई नहीं जाती. कई बार तो दर्द कम होने के बजाय बढ़ जाता है. उसके बाद चाहे आप मालिश करें या सिकाई. ये दर्द कम ही नहीं होता. पर आखिर गर्दन की नस चढ़ती क्यों है और इसे ठीक करने का सही तरीका क्या है. ये जानेंगे आज. 

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डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि गर्दन की नस चढ़ने के लक्षण क्या-क्या हैं. क्या मालिश करना सही है या ये नुकसान पहुंचा सकता है. और कब आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए. 

गर्दन की नस चढ़ने की क्या वजहें हैं?

ये हमें बताया डॉक्टर आदित्य गुप्ता ने. 

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dr aditya gupta
डॉ. आदित्य गुप्ता, चेयरपर्सन, न्यूरोसर्जरी एंड को-चीफ, साइबरनाइफ सेंटर, आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम

गर्दन की नस चढ़ना एक आम परेशानी है. आमतौर पर इसके दो कारण होते हैं. पहला कारण गर्दन की मांसपेशियों की एक्सरसाइज़ न करने, ज़्यादा दबाव या ख़राब पोश्चर की वजह से मांसपेशियों में ऐंठन होना है. 

दूसरा कारण गर्दन की स्पाइनल कॉर्ड के आसपास की डिस्क या हड्डी का किसी नस पर दबाव डालना है. इनकी वजह से मांसपेशियों में ऐंठन और नसों में दर्द हो सकता है.

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गर्दन की नस चढ़ने के लक्षण

- गर्दन में अकड़न आ जाती है.

- गर्दन पूरी तरह घूम नहीं पाती.

- गर्दन से एक तरफ कंधे तक दर्द जा सकता है.

- दर्द गर्दन से नीचे की तरफ भी जा सकता है.

- इससे पीठ के ऊपरी हिस्से में ऐंठन और दर्द हो सकता है.

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नस चढ़ने के बाद गर्दन को किसी ख़राब पोश्चर में न रखें
गर्दन की नस चढ़ने पर आराम कैसे पाएं?

गर्दन की नस चढ़ने पर सबसे पहले आराम करें. कुछ लोगों को पीठ के बल लेटने से आराम मिलता है. वहीं, कुछ लोगों को पेट के बल लेटने से आराम मिलता है. जिस पोज़ीशन में आराम मिले, उसे अपना सकते हैं. दर्द वाली जगह पर बारी-बारी से ठंडी और गर्म सिकाई करें. पहले 15 मिनट ठंडी सिकाई करें, उसके बाद गर्म सिकाई करें. 

क्या नहीं करना है, ये जानना भी ज़रूरी है. गर्दन की नस चढ़ने पर कोई भी एक्सरसाइज़ करने की कोशिश न करें. कई बार गर्दन की नस चढ़ने पर लोग तरह-तरह की एक्सरसाइज़ करने लगते हैं. कभी-कभी लोग गर्दन में एक तरफ़ से ज़ोर भी लगाने लगते हैं. इससे दिक्कत और बढ़ सकती है. नस चढ़ने के बाद गर्दन को किसी ख़राब पोश्चर में न रखें. गर्दन को टेढ़ा या एक तरफ़ झुकाकर भी न रखें, इससे दर्द बढ़ सकता है.

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मालिश करना सही है या नुकसान पहुंचा सकता है?

नस चढ़ने पर कई लोग गर्दन की मालिश करवाने की कोशिश करते हैं. अगर मालिश करने वाला ज़्यादा ज़ोर लगाता है तब गर्दन की मांसपेशियों की ऐंठन बढ़ सकती है. कुछ मामलों में और भी ज़्यादा नुकसान हो सकता है. अगर मालिश करने वाला प्रोफेशनल नहीं है, बल्कि कोई आम व्यक्ति हैं तो गर्दन पर ज़ोर डालने से नसों को नुकसान पहुंचने का ख़तरा रहता है. इसलिए जहां तक संभव हो, मालिश से बचना चाहिए. 

आप खुद हल्के हाथों से दर्द या ऐंठन कम करने वाली क्रीम लगा सकते हैं. दर्द वाली जगह पर खुद से हल्का मसाज करने में कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन बहुत तेज़ या ज़ोर से मसाज करना इस स्थिति में ठीक नहीं है. अगर दर्द ज़्यादा है, तो किसी ट्रेंड फिजियोथेरेपिस्ट से मिल सकते हैं. वो मशीन से सिकाई करेंगे, उससे बहुत आराम मिलेगा. अगर ऐंठन एक दिन में या अगले दिन सुबह तक ठीक हो जाती है. तो ज़्यादातर मामलों में डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

कब डॉक्टर को दिखाएं?

अगर गर्दन की मांसपेशियों की ऐंठन 24 घंटे में ठीक नहीं होती. दर्द गर्दन से कंधे, बांह और हाथों की तरफ़ जा रहा है. तब ऐसे में डॉक्टर की सलाह से MRI ज़रूर कराना चाहिए.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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