‘चेहरा कितना डल दिख रहा है. चेहरे पर कोई चमक ही नहीं है.’ अगर आप भी शीशा देखते ही यही बोलते या सोचते हैं. तो समझ लीजिए कि चेहरे पर ग्लो महंगे प्रोडक्ट्स से नहीं, बल्कि सही स्किनकेयर और रोज़ की छोटी-छोटी आदतों से आता है.
क्या लगाएं जिससे चेहरा हमेशा ग्लो करता रहे? पूरा स्किनकेयर रूटीन समझ लीजिए
डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि चेहरा डल क्यों दिखता है. ऐसा क्या करें कि चेहरा हमेशा ग्लो करता रहे. चेहरे पर ग्लो के लिए सनस्क्रीन कितनी ज़रूरी है. क्या सिर्फ मॉइश्चराइज़र से काम चल जाएगा. और ग्लो के चक्कर में कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

ग्लोइंग स्किन के लिए स्किनकेयर रूटीन कैसा होना चाहिए, जानेंगे आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि चेहरा डल क्यों दिखता है. ऐसा क्या करें कि चेहरा हमेशा ग्लो करता रहे. चेहरे पर ग्लो के लिए सनस्क्रीन कितनी ज़रूरी है. क्या सिर्फ मॉइश्चराइज़र से काम चल जाएगा. और ग्लो के चक्कर में कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.
अगर चेहरा बहुत डल दिखता है तो क्या करें?
ये हमें बताया डॉक्टर अक्षित यादव ने.

सबसे पहले डल स्किन की वजह जानना ज़रूरी है. ये मॉइश्चराइज़र की कमी, ज़्यादा देर तक धूप में रहना या डेड स्किन जमा होना हो सकती है. इसके लिए एक जेंटल स्किनकेयर रूटीन अपनाना चाहिए. रोज़ एक अच्छा जेंटल क्लीनज़र, मॉइश्चराइज़र और सनस्क्रीन लगाएं. अगर पिगमेंटेशन या एक्ने के निशान बने रहते हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से बात करनी चाहिए.
चेहरे पर क्या लगाएं कि चेहरा हमेशा ग्लो करता रहे?
किसी एक प्रोडक्ट या सीरम से चेहरे पर हमेशा ग्लो नहीं रह सकता. अच्छे ग्लो के लिए स्किन को पर्याप्त हाइड्रेशन और सनस्क्रीन की ज़रूरत होती है. इसके लिए एक बेसिक स्किनकेयर रूटीन अपना सकते हैं. सुबह एक जेंटल क्लीनज़र, अच्छा मॉइश्चराइज़र और कम से कम 30 SPF वाली सनस्क्रीन लगानी चाहिए. रात को जेंटल क्लीनज़र और फेस मॉइश्चराइज़र लगाएं. स्किन की समस्या के हिसाब से डॉक्टर कुछ प्रोडक्ट्स रिकमेंड कर सकते हैं. जैसे रेटिनॉल, विटामिन C, नियासिनामाइड, हायलूरोनिक एसिड और दूसरे प्रोडक्ट्स.
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सनस्क्रीन vs मॉइश्चराइज़र
अगर आप चाहते हैं कि आपकी स्किन हेल्दी रहे, फोटोएजिंग और पिगमेंटेशन न हो, तो सनस्क्रीन लगाना बहुत ज़रूरी है. सनस्क्रीन और मॉइश्चराइज़र एक-दूसरे की कमी पूरी नहीं करते. मॉइश्चराइज़र का काम स्किन को नमी देना और स्किन की सुरक्षा परत बनाए रखना है. वहीं, सनस्क्रीन सूरज की अल्ट्रावॉयलेट रेज़ से बचाने में मदद करती है. इसलिए दोनों का अपना-अपना काम है. आप एक की जगह दूसरे का इस्तेमाल नहीं कर सकते.
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ग्लो के चक्कर में ये गलती न करें
लोग कभी-कभी बिना एक्सपर्ट की सलाह के स्ट्रॉन्ग एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स, ज़्यादा स्क्रबिंग, ब्लीचिंग प्रोडक्ट्स और स्टेरॉयड वाली क्रीम्स इस्तेमाल करते हैं. ये सबसे बड़ी गलतियों में से हैं. इन चीज़ों से शुरुआत में स्किन स्मूद दिख सकती है. लेकिन इनके गलत या ज़्यादा इस्तेमाल से लंबे समय में साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. इनसे एक्ने, पिगमेंटेशन और स्किन की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंच सकता है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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