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लिवर में ये खराबी हुई तो भरने लगेगा पेट में पानी, वजह समझ लीजिए

डॉक्टर से समझेंगे कि पेट में पानी क्यों भर जाता है. पेट में पानी भरने के लक्षण क्या हैं. किन टेस्ट्स से इसका पता चलता है. इसका इलाज क्या है. और पेट में पानी भरने से कैसे बचाएं.

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पेट में पानी भरना आम लेकिन गंभीर समस्या है

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  • डॉक्टर ध्रुव कांत मिश्रा के अनुसार, पेट में पानी भरने की स्थिति जिसे एसाइटिस कहा जाता है, मुख्य रूप से लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों के कारण होती है।
  • पेट में पानी भरने की समस्या लिवर, दिल या किडनी की बीमारियों के कारण होती है, जिनके निदान के लिए अल्ट्रासाउंड, ईको और अन्य जांचें आवश्यक होती हैं।
  • समय पर जांच और उचित इलाज से पेट में पानी भरने से बचाव संभव है, इसलिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और जीवनशैली पर नियंत्रण आवश्यक माना गया है।

गर्मियों का मौसम है. इस मौसम में जितना ज़्यादा पानी पिओ, उतना अच्छा. क्यों? क्योंकि हाइड्रेशन बहुत ज़रूरी है. वर्ना कमज़ोरी, चक्कर और न जाने क्या-क्या दिक्कतें होने लगती हैं. पर जितना अच्छा है पानी पीना. उतना ही बुरा है पानी जमा होना. खासकर अगर ये आपके पेट में हो रहा है. 

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अगर किसी को लग रहा है कि उनका पेट आजकल काफी फूला-फूला रहता है. या पेट बहुत भारी-सा हो गया है. तो सावधान हो जाइए, हो सकता है आपके पेट में पानी भर गया हो. पेट में पानी भरना एक खतरनाक स्थिति है. क्योंकि इसकी वजह कुछ गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. अब कौन-सी हैं ये बीमारियां, यही जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि पेट में पानी क्यों भर जाता है. पेट में पानी भरने के लक्षण क्या हैं. किन टेस्ट्स से इसका पता चलता है. इसका इलाज क्या है. और पेट में पानी भरने से कैसे बचाएं.

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पेट में पानी क्यों भर जाता है?

ये हमें बताया डॉक्टर ध्रुव कांत मिश्रा ने.

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डॉ. ध्रुव कांत मिश्रा, कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी, यथार्थ हॉस्पिटल, फरीदाबाद

पेट में पानी भरने की स्थिति को एसाइटिस कहते हैं. ये एक गंभीर लेकिन बहुत ही आम समस्या है. ये लिवर की बीमारी वाले मरीज़ों में काफी आम है. खासकर लिवर सिरोसिस में, जिसमें लिवर धीरे-धीरे सख्त और खराब होने लगता है. इसकी वजह से पेट के अंदर पानी भरने लगता है. कुछ मामलों में दिल या किडनी की गंभीर बीमारी होने पर भी पेट में पानी भर सकता है. हालांकि, पेट में पानी भरने की सबसे आम वजह लिवर सिरोसिस ही मानी जाती है. लिवर के ज़्यादा खराब होने पर पेट में बार-बार पानी भर सकता है.

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पेट में पानी भरने के लक्षण

- पेट असामान्य रूप से फूलने लगता है.

- पेट में भारीपन महसूस होता है.

- सांस लेने में तकलीफ होती है.

- पेट में लगातार खिंचाव या जकड़न महसूस होती है.

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पेट के अल्ट्रासाउंड और हार्ट के ईको से एसाइटिस का पता चल सकता है 
ज़रूरी टेस्ट्स

पेट में पानी भरने की असली वजह पता करने के लिए कुछ जांचें की जाती हैं. जैसे पेट का अल्ट्रासाउंड और हार्ट का ईको. कुछ मरीज़ों में पेट से एक पतली सुई की मदद से थोड़ा पानी निकाला जाता है. इस पानी की लैब में जांच होती है, ताकि पता चल सके कि पानी किस वजह से जमा हो रहा है. इन रिपोर्ट्स के आधार पर आगे के इलाज की योजना बनाई जाती है.

पेट में पानी भरने का इलाज

एसाइटिस का इलाज बहुत आसान है. आमतौर पर मरीज़ को कुछ दवाइयां दी जाती हैं. पर पहले पेट में पानी भरने का कारण पता किया जाता है. अगर समस्या लिवर की बीमारी की वजह से है, तो उसका इलाज किया जाता है. अगर वजह दिल या किडनी की बीमारी है, तो उस बीमारी का इलाज ज़रूरी है. कुछ मरीज़ों को बार-बार पेट से पानी निकलवाने की ज़रूरत पड़ सकती है. पर ये इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी की वजह क्या है और वो कितनी गंभीर है.

पेट में पानी भरने से बचाव कैसे करें?

लिवर और दिल की सेहत अच्छी रखें. साल में एक बार हेल्थ चेकअप कराएं, जिसमें ज़रूरी ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड शामिल हो. नियमित जांच से बीमारियों को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सकता है. समय पर बीमारी की पहचान और इलाज से पेट में पानी भरने जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है. 

साथ ही, अपने खाने में नमक कम कर दें. ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें. शराब का सेवन न करें. बहुत ज़्यादा तला-भुना या कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाना न खाएं, जैसे चावल, आलू और चीनी. लिवर को स्वस्थ रखने से पेट में पानी भरने का ख़तरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

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