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World Brain Tumor Day: ज़्यादा सिरदर्द यानी ब्रेन ट्यूमर हो गया?

आज World Brain Tumor Day पर हम ऐसी ही 4 बातों की सच्चाई पता करेंगे. डॉक्टर से समझेंगे कि क्या हर ब्रेन ट्यूमर का मतलब कैंसर होता है. क्या ब्रेन ट्यूमर सिर्फ बुज़ुर्गों को ही होता है. क्या ज़्यादा सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकता है, और क्या ब्रेन ट्यूमर का कोई इलाज नहीं है.

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ब्रेन ट्यूमर यानी दिमाग में कोई असामान्य ग्रोथ होना

आपने अमिताभ बच्चन की ‘मजबूर’ फिल्म देखी है? 1974 में आई थी. इस फिल्म में अमिताभ के किरदार रवि को बार-बार बहुत तेज़ सिरदर्द होता था. इतना भयंकर दर्द कि वो जहां होता, वहीं रुक जाता. कभी-कभी उसे धुंधला भी दिखाई पड़ता. एक दिन रवि डॉक्टर के पास जाता है. एक्सरे कराता है. पता चलता है कि रवि को ब्रेन ट्यूमर है. डॉक्टर उससे कहते हैं- रवि! ब्रेन ट्यूमर वो खतरनाक बम है. जिसे तुम सिर में लिए घूम रहे हो. ऑपरेशन करा लो. सिर्फ 6 महीने हैं तुम्हारे पास.

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बस इतना सुनते ही रवि के पैरों से ज़मीन खिसक जाती है. वो बुरी तरह घबरा जाता है. और ये घबराहट सिर्फ फिल्मी किरदारों तक ही सीमित नहीं है. आम लोग भी बार-बार होने वाले सिरदर्द को अक्सर ब्रेन ट्यूमर से जोड़कर देखते हैं. और फिर ब्रेन ट्यूमर को कैंसर से. पर क्या हर ब्रेन ट्यूमर जानलेवा होता है? क्या हर ट्यूमर कैंसर में बदलता है? आज World Brain Tumor Day पर हम ऐसी ही 4 बातों की सच्चाई पता करेंगे. डॉक्टर से समझेंगे कि क्या हर ब्रेन ट्यूमर का मतलब कैंसर होता है. क्या ब्रेन ट्यूमर सिर्फ बुज़ुर्गों को ही होता है. क्या ज़्यादा सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकता है, और क्या ब्रेन ट्यूमर का कोई इलाज नहीं है.

हर ब्रेन ट्यूमर का मतलब कैंसर होता है?

ये हमें बताया डॉक्टर पंकज गुप्ता ने.

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डॉ. पंकज गुप्ता, सीनियर प्रोफेसर एंड हेड, न्यूरोसर्जरी, महात्मा गांधी हॉस्पिटल, जयपुर

हर ब्रेन ट्यूमर का मतलब कैंसर नहीं होता. ब्रेन ट्यूमर यानी दिमाग में कोई असामान्य गांठ या ग्रोथ होना. मेडिकल भाषा में इसे स्पेस ऑक्यूपाइंग लीज़न यानी SOL कहते हैं. दिमाग में किसी जगह कुछ सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं. ये असामान्य सेल्स मिलकर एक ट्यूमर बना देते हैं. कई बार ये सिर्फ मवाद भरी गांठ होती है. कभी-कभार ये एक सामान्य ट्यूमर होता है. कुछ ट्यूमर कैंसर से जुड़े भी हो सकते हैं.

ब्रेन ट्यूमर सिर्फ बुज़ुर्गों को होता है, युवाओं को नहीं?

पहले बड़ी उम्र के लोगों में ब्रेन ट्यूमर का ख़तरा ज़्यादा माना जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. आजकल लाइफस्टाइल और खान-पान काफी बदल गया है. शरीर में जेनेटिक म्यूटेशंस बढ़ रहे हैं. प्रदूषण, रेडिएशन और मिलावटी खाने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है. ये सभी चीजें कहीं न कहीं ब्रेन ट्यूमर के ख़तरे को बढ़ा सकती हैं. इसलिए आज ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है. छोटे बच्चों में भी ब्रेन ट्यूमर देखा जा सकता है. कुछ बच्चे जन्म के समय ही ब्रेन ट्यूमर के साथ पैदा हो सकते हैं. 70 या 80 साल तक, किसी भी उम्र में ब्रेन ट्यूमर हो सकता है. ऐसा नहीं है कि किसी तय उम्र के बाद इसका ख़तरा नहीं रहता.

ज़्यादा सिरदर्द यानी ब्रेन ट्यूमर हो गया?

ब्रेन ट्यूमर का सबसे आम लक्षण सिरदर्द है. लेकिन हर सिरदर्द का मतलब ब्रेन ट्यूमर होना नहीं होता. अगर सिरदर्द लगातार बना रहे, जो सुबह के समय ज़्यादा हो. सिदर्द इतना तेज़ हो कि नींद से जगा दे. सिरदर्द के साथ उल्टी हो और उसके बाद थोड़ा आराम मिले. याद्दाश्त कम होने लगे. शरीर के एक तरफ हाथ या पैर में सुन्नपन हो. मुंह टेढ़ा होना या लकवे जैसे लक्षण दिखें. दौरे पड़ें, तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. स्ट्रेस, ज़्यादा स्क्रीन टाइम और आंखों की कमज़ोरी की वजह से भी सिरदर्द हो सकता है. इसलिए ब्रेन ट्यूमर के बाकी लक्षणों को समझना भी ज़रूरी है.

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ब्रेन ट्यूमर का कोई इलाज नहीं है?

शुरुआती स्टेज में ब्रेन ट्यूमर का अच्छा इलाज किया जा सकता है. आजकल इलाज के लिए कई आधुनिक तकनीकें मौजूद हैं. माइक्रोस्कोप और एंडोस्कोप जैसे एडवांस्ड उपकरणों की मदद से इलाज पहले से बेहतर हुआ है.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

वीडियो: सेहत: सामान्य पेटदर्द और अपेंडिसाइटिस में फर्क कैसे करें?

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