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घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, तो हर साल ये 5 टेस्ट ज़रूर कराएं

बहुत लोगों में विटामिन D और विटामिन B12 की कमी होती है. इसकी एक बड़ी वजह है कि लोग ज़्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताते हैं. ऐसे में शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती.

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हमारे देश में लाखों लोग डेस्क जॉब करते हैं

अगर आप डेस्क जॉब करते हैं. घंटों अपनी कुर्सी पर जमे रहते हैं. 6-6 घंटे कुर्सी से उठते नहीं है, तो आप बॉस के फेवरेट ज़रूर बन सकते हैं. लेकिन साथ ही बन जाएंगे अपने शरीर के सबसे बड़े दुश्मन. क्योंकि लगातार बैठे रहने से कई शारीरिक दिक्कतों, कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हर थोड़ी देर में कुर्सी से उठना ज़रूरी है.

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साथ ही ज़रूरी है कुछ मेडिकल टेस्ट करवाना, ताकि कहीं एक दिन आपको अचानक झटका न लगे. फैटी लिवर, हाइपरटेंशन, दिल-किडनी की बीमारियां बढ़ न जाएं. पर इतनी सारी बीमारियां हैं. इतनी दिक्कतें हैं. ऐसे में कौन-सा मेडिकल चेकअप कराएं. ये जानेंगे आज. डॉक्टर से पता करेंगे उन 5 मेडिकल टेस्ट्स के नाम, जो एक कॉर्पोरेट एम्प्लॉयी को ज़रूर करवाने चाहिए. ये भी पता करेंगे कि आखिर ये टेस्ट ज़रूरी क्यों हैं. 

पहला मेडिकल टेस्ट

हमें बताया डॉ. पवन कुमार गोयल ने. 

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डॉ. पवन कुमार गोयल, सीनियर डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग

अपना ब्लड प्रेशर नियमित रूप से चेक कराएं. ब्लड शुगर लेवल की जांच भी करवाएं. ब्लड शुगर में फास्टिंग, खाने के बाद का शुगर लेवल और तीन महीने का औसत यानी HbA1c टेस्ट शामिल होना चाहिए. इसके अलावा, हेमोग्राम टेस्ट (कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट) भी कराएं. इससे हीमोग्लोबिन, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स जैसी ज़रूरी चीज़ों का पता चलता है.

दूसरा मेडिकल टेस्ट

ज़्यादातर पैथोलॉजी लैब्स एक रूटीन हेल्थ पैकेज ऑफर करती हैं. इसमें लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, विटामिन D और विटामिन B12 जैसे टेस्ट शामिल होते हैं. देखा गया है कि बहुत से लोगों में विटामिन D और विटामिन B12 की कमी होती है. इसकी एक बड़ी वजह है कि लोग ज़्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताते हैं. ऐसे में शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती. वहीं, खानपान की वजह से भी शरीर को विटामिन B12 और विटामिन D पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता.

तीसरा मेडिकल टेस्ट

लिपिड प्रोफाइल कराते समय पूरा लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना चाहिए. इससे पता चलता है कि शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL), बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कितना है. पूरा लिपिड प्रोफाइल कराने से दिल की बीमारियों का ख़तरा बेहतर तरीके से समझा जा सकता है.

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ज़्यादातर पैथोलॉजी लैब्स एक रूटीन हेल्थ पैकेज ऑफर करती हैं
चौथा मेडिकल टेस्ट

सिर्फ ब्लड टेस्ट कराना ही काफी नहीं होता. इसके साथ-साथ सीने का एक्स-रे भी कराना चाहिए, क्योंकि बड़े शहरों जैसे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा होता है. इससे फेफड़ों और छाती से जुड़ी कई समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.

पांचवां मेडिकल टेस्ट

अल्ट्रासाउंड भी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि हममें से कई लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं. अल्ट्रासाउंड से ये पता चलता है कि कहीं फैटी लिवर तो नहीं है. ये भी पता चलता है कि प्रोस्टेट से जुड़ी कोई दिक्कत तो नहीं है और शरीर में फैट का लेवल कितना है. ये सब जानने के लिए पूरे पेट का अल्ट्रासाउंड कराना ज़रूरी होता है. इसके साथ ही चेस्ट एक्स-रे और यूरिन रूटीन टेस्ट भी बहुत ज़रूरी हैं.

एक एडल्ट को साल में एक बार अपना रूटीन हेल्थ चेकअप ज़रूर करवाना चाहिए. ताकि पता चल सके कि उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं है. अगर सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल आती हैं, तो बहुत अच्छी बात है. लेकिन अगर कहीं कोई दिक्कत लगती है, तो डॉक्टर उस हिसाब से आगे आपको राय देंगे. 

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)  

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