एसिडिटी होने पर आप क्या करते हैं? तुरंत दवा खरीदकर खा लेते हैं. कुछ लोग तो एसिडिटी की दवा का पूरा पत्ता अपने पास रखते हैं. लेकिन ज़्यादा एंटासिड खाना भी अच्छा नहीं है. इसलिए अव्वल तो कोशिश करें कि एसिडिटी हो ही न. पर अगर हो भी जाए, तो पहले घरेलू नुस्खे ट्राई करें. क्योंकि कुछ नुस्खे वाकई बहुत काम के हैं.
बार-बार एसिडिटी होती है? ये घरेलू नुस्खा आजमाइए, 5 मिनट में आराम!
हमारी लाइफस्टाइल बहुत ख़राब है. ज़्यादातर काम हम बैठकर करते हैं. एक्सरसाइज़ करते नहीं है. इस वजह से एसिडिटी होती है. डाइट भी एक अहम वजह है. तला-भुना या बाहर का जंक फूड खाने से एसिडिटी होती है.


कौन-से घरेलू नुस्खे एसिडिटी में तुरंत आराम दिलाते हैं, जानेंगे डॉक्टर साहब से. ये भी समझेंगे कि बार-बार एसिडिटी क्यों होती है. अगर घरेलू नुस्खों से आराम न मिले तो क्या करें. और एसिडिटी से बचने के लिए डेली रुटीन कैसा हो.
बार-बार एसिडिटी क्यों होती है?
ये हमें बताया डॉक्टर क्षितिज शरन ने.

बार-बार एसिडिटी दो वजहों से होती है. पहला कारण लाइफस्टाइल है. दूसरा कारण खानपान है. हमारी लाइफस्टाइल बहुत सुस्त हो गई है. हम ज़्यादातर काम बैठकर करते हैं. एक्सरसाइज़ करते नहीं है. इस वजह से एसिडिटी होती है. डाइट भी एक अहम वजह है. तला-भुना या बाहर का जंक फूड खाने से एसिडिटी होती है. स्ट्रेस और हॉर्मोन्स में बदलाव की वजह से भी एसिडिटी होती है.
एक और कारण है. खाने की नली और पेट के बीच में एक वॉल्व होता है. कुछ लोगों में ये वॉल्व कमज़ोर हो जाता है. इससे बार-बार एसिडिटी होती है. मोटापे की वजह से भी एसिडिटी हो सकती है.
एसिडिटी में तुरंत आराम देने वाले घरेलू नुस्खे
कुछ घरेलू नुस्खे एसिडिटी में आराम दिला सकते हैं. जैसे ठंडा दूध लेना. दूध में ऐसे तत्व होते हैं, जो क्षारीय (Basic) होते हैं. ये पेट के एसिड को संतुलित करके जलन कम कर सकते हैं. इसलिए ठंडा दूध एसिडिटी में एक अच्छा विकल्प है. इसके अलावा, सौंफ भी काफी फायदेमंद है. केला और कुछ दूसरे फल खाने से भी एसिडिटी में आराम मिल सकता है. लेकिन ध्यान रखें कि घरेलू नुस्खे सिर्फ लक्षणों को कुछ समय के लिए कंट्रोल करते हैं. अगर एसिडिटी लंबे समय तक बनी रहे या लक्षण बहुत ज़्यादा हों, तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें.

अगर घरेलू नुस्खों से आराम न मिले, तो क्या करें?
घरेलू नुस्खों से आराम न मिले, तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें. अपने लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें. डॉक्टर कुछ टेस्ट करके पता लगाते हैं कि बार-बार एसिडिटी क्यों हो रही है. कई मामलों में पीएच मेट्री टेस्ट या एंडोस्कोपी कराने की सलाह दी जा सकती है. असली कारण पता चलने के बाद उसके हिसाब से इलाज किया जाता है. साथ में कुछ और चीज़ों का भी ध्यान रखें. अपनी डाइट और लाइफस्टाइल सुधारें ताकि आगे कभी एसिडिटी न हो.
एसिडिटी से बचने के लिए डेली रूटीन कैसा हो?
एसिडिटी से बचने के लिए डाइट सुधारें. रोज़ एक्सरसाइज़ करें. ज़्यादा वज़न हो तो कम करें. बाहर का तला-भुना खाना बंद करें. जंक फूड खाना छोड़ दें. समोसे, पकौड़े जैसी चीज़ें नहीं खानी हैं. इसके अलावा, स्ट्रेस कम लें. नींद अच्छी लें. शराब और सिगरेट पीना बंद करें. रात का खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न लेटें. कम से कम दो-तीन घंटे बैठें या आधा घंटा टहले.
जब सोएं तो सिर का हिस्सा थोड़ा ऊपर करके सोएं. इससे एसिड ऊपर की तरफ नहीं आता है. चाय, कॉफी पीना कम करें या बिल्कुल बंद कर दें. अगर चाय, कॉफी ले रहे हैं तो खाली पेट न लें. ये छोटे-छोटे बदलाव करके एसिडिटी से काफी आराम मिल सकता है. फिर आपको दवा लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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