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कोरोना लौट आया? आंध्र प्रदेश में दो मौतें, मुंबई-यूपी में भी पॉजिटिव केसों की पुष्टि

पहली मौत 52 साल के एक व्यक्ति की हुई. उन्हें पहले तिरुपति के SVIMS में भर्ती कराया गया था. बाद में बेहतर इलाज के लिए CMC वेल्लोर भेजा गया. यहां 28 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जांच में पता चला कि उन्हें कोविड-19 के साथ-साथ क्लेबसिएला निमोनिया नाम का बैक्टीरियल इंफेक्शन था. वो डायबिटीज़ और क्रोनिक किडनी डिज़ीज़ से भी जूझ रहे थे.

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क्या कोविड-19 की नई लहर आने वाली है?

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  • आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोविड-19 से दो मौतें हुई हैं, जो 2022 के बाद पहली बार कोविड से हुईं मौतें हैं, और साथ में आठ सक्रिय मामले भी दर्ज हुए हैं।
  • कोविड-19 संक्रमण और बैक्टीरियल इंफेक्शन क्लेबसिएला निमोनिया के कारण मौतें हुईं, जिनमें रोगियों को अन्य गंभीर बीमारियाँ भी थीं, जिससे उपचार जटिल हुआ।
  • आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने कडप्पा में स्पेशल रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात कर सैंपल जांच शुरू की है और वैरिएंट की पहचान हेतु नमूने पुणे नेशनल इंस्टीट्यूट भेजे गए हैं।

क्या कोरोना वायरस फिर से लौट रहा है? सवाल इसलिए, क्योंकि आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से दो मौतें हुई हैं. यहां आखिरी बार 2022 में कोविड से मौत हुई थी. अब 4 साल बाद, फिर से दो मौतें दर्ज की गई हैं. दोनों मौतें कडप्पा ज़िले में हुई हैं. फिलहाल यहां आठ एक्टिव मामले भी हैं.

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पहली मौत 52 साल के एक व्यक्ति की हुई. उन्हें पहले तिरुपति के SVIMS में भर्ती कराया गया था. बाद में बेहतर इलाज के लिए CMC वेल्लोर भेजा गया. वेल्लोर, तमिलनाडु में हैं. यहां 28 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जांच में पता चला कि उन्हें कोविड-19 के साथ-साथ क्लेबसिएला निमोनिया नाम का बैक्टीरियल इंफेक्शन था. वो डायबिटीज़ और क्रोनिक किडनी डिज़ीज़ से भी जूझ रहे थे

दूसरी मौत 9 जुलाई को हुई. 43 साल के एक व्यक्ति को सांस लेने में गंभीर तकलीफ और तेज़ खांसी के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. PTI से बातचीत में डिस्ट्रिक्ट मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर, रवि बाबू ने बताया, एंटीबायोटिक दवाएं देने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ. फिर जांच में पता चला कि वो कोविड पॉज़िटिव हैं. इलाज शुरू हुआ, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका. इस व्यक्ति को लंबे समय से शराब पीने की लत भी थी.

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कडप्पा ज़िले के प्रभावित इलाकों में करीब 40 लोगों के सैंपल लिए गए है

इन दोनों मामलों के बाद आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने कडप्पा ज़िले में स्पेशल रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात कर दी हैं. प्रभावित इलाकों में करीब 40 लोगों के सैंपल लिए गए है. इनमें से 18 की रिपोर्ट निगेटिव आई है. बाकी रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है. साथ ही, जिस वैरिएंट से मौतें हुई हैं, उसकी पहचान और उसके फैलने के तरीके को समझने के लिए मरीज़ों के सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं.

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आंध्र प्रदेश में हुई इन मौतों के बाद पड़ोसी राज्य ओडिशा भी अलर्ट पर आ गया है. इसकी बड़ी वजह है कि 16 जुलाई से रथयात्रा शुरू होने वाली है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं. इसलिए राज्य सरकार ने कोविड-19 की निगरानी बढ़ा दी है. हालांकि, अभी ओडिशा में कोविड का कोई नया मामला सामने नहीं आया है.

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तमिलनाडु में भी एक 68 साल के व्यक्ति की मौत हुई है. मौत की वजह कोरोना वायरस नहीं है. पर उनकी कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉज़िटिव आई थी. ये व्यक्ति कोलन कैंसर का इलाज करा रहे थे. उनकी जान रेस्पिरेटरी फेल्योर की वजह से गई. जो कैंसर से जुड़ी जटिलताओं की वजह से हुआ था. रेस्पिरेटरी फेल्योर वो कंडीशन है. जब फेफड़े शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाते या कार्बन डाइऑक्साइड ठीक से बाहर नहीं निकाल पाते.

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कोविड-19 के दो और मामले भी सामने आए हैं. पहला मामला महाराष्ट्र का है. मशहूर प्लेबैक सिंगर कुमार सानू के बेटे और 'बिग बॉस 14' के पूर्व कंटेस्टेंट जान कुमार सानू कोविड-19 पॉज़िटिव पाए गए हैं. उन्होंने 12 जुलाई को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी.

दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी से है. यहां 27 साल के एक युवक को काफी समय से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. जांच में वो कोविड-19 पॉज़िटिव मिला. फिलहाल उसका इलाज बीएचयू हॉस्पिटल में चल रहा है.

देखिए, आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से दो मौतें हुई हैं और अलग-अलग राज्यों से भी नए मामले सामने आ रहे हैं. क्या ये किसी नई लहर की शुरुआत हो सकती है, या फिलहाल घबराने की ज़रूरत नहीं है? ये सवाल हमने पूछा ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में पल्मोनरी मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट, डॉक्टर राज कुमार से.

डॉक्टर राज कहते हैं कि कोविड-19 के नए मामले आने पर चिंता होना स्वाभाविक है. पर इस समय घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की ज़रूरत है. फिलहाल ज़्यादातर संक्रमित लोगों में लक्षण हल्के हैं और वो सामान्य इलाज से ठीक हो रहे हैं. पर ये भी सच है कि कोरोना वायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. और इसके मामले समय-समय पर सामने आ सकते हैं. इसलिए बुज़ुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं, छोटे बच्चों और डायबिटीज़, दिल की बीमारी या कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए.

अगर आपको कोविड-19 से जुड़े लक्षण दिखते हैं. तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. इसके आम लक्षणों में शामिल हैं- 

- बुखार या ठंड लगना

- खांसी, गले में खराश

- सांस लेने में तकलीफ

- नाक बंद होना या बहना

- स्वाद या गंध महसूस न होना

- थकान, सिरदर्द

- शरीर या मांसपेशियों में दर्द

- उबकाई, उल्टी, दस्त लगना 

हालांकि, वैरिएंट के हिसाब से लक्षण अलग-अलग भी हो सकते हैं. इसलिए थोड़ी सावधानी बरतना ज़रूरी है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाकर जाएं. हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें. किसी को कोविड-19 हो या आपमें उसके लक्षण हों. तो तुरंत दूसरों से दूरी बना लें. डॉक्टर की सलाह पर RT-PCR टेस्ट कराएं. और अगर रिपोर्ट पॉज़िटिव आती है, तो इलाज लेना शुरू करें.

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