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बांग्लादेशी घुसपैठियों को BSF की चेतावनी के नाम पर वायरल हुआ वीडियो भारत का नहीं, नेपाल की मॉक ड्रिल का है

सुरक्षाबलों की एक क्लिप वायरल है. क्लिप में वर्दीधारी जवान कुछ स्थानीय लोगों पर बंदूकें ताने खड़े दिखाई दे रहे हैं. जैसे ही जवान प्रदर्शन कर रही भीड़ की तरफ कदम बढ़ाते हैं, लोग वहां से भागने लगते हैं. दावा किया जा रहा है कि वीडियो पश्चिम बंगाल का है जहां बांग्लादेशियों को BSF ने वार्निंग देकर भगा दिया.

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बांग्लादेशी घुसपैठियों को BSF की चेतावनी के नाम पर वायरल हुआ वीडियो भारत का नहीं, नेपाल की मॉक ड्रिल का है

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  • पश्चिम बंगाल सरकार ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए BSF को सीमा के पास 32 एकड़ भूमि सौंपकर कटीले तार लगाने और नई सुरक्षा चौकियां बनाने का निर्णय लिया है।
  • सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का दावा था कि यह पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर BSF और स्थानीय लोगों के बीच हुई घटना दिखाता है, जबकि यह नेपाल में चुनावी अभ्यास का पुराना वीडियो है।
  • पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो भ्रामक है और नेपाल का है, इससे BSF के उस क्षेत्र में सुरक्षा उपायों या घटनाओं को लेकर गलत सूचनाएं फैलने की संभावना बनी है।

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सुरक्षा ग्रिड को और पुख्ता करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सरहद के नजदीक करीब 32 एकड़ भूमि सौंप दी है, जिसका उपयोग कटीले तार (फेंसिंग) लगाने और नई सुरक्षा चौकियां (BOPs) तैयार करने में किया जाएगा.

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इस बीच, सोशल मीडिया पर सुरक्षाबलों की एक क्लिप वायरल है. क्लिप में वर्दीधारी जवान कुछ स्थानीय लोगों पर बंदूकें ताने खड़े दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में आगे दिखता है कि जैसे ही जवान प्रदर्शन कर रही भीड़ की तरफ कदम बढ़ाते हैं, लोग वहां से भागने लगते हैं. दावा किया जा रहा है कि वीडियो पश्चिम बंगाल का है जहां बांग्लादेश से सटे बॉर्डर के पास फेंसिंग के काम के वक्त कुछ बांग्लादेशियों ने अड़चने डालने की कोशिश की जिन्हें BSF ने वार्निंग देकर भगा दिया.

X पर रंजना सिंह नाम की एक यूज़र ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “पहली चेतावनी, गोली घुटने के नीचे होगी. बांग्लादेश सीमा पर जो लोग बाड़बंदी के काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे, उन्हें BSF की ओर से एक स्पष्ट चेतावनी दी गयी.”

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इसी तरह के दावे कई अन्य यूज़र्स ने भी शेयर किए हैं जिनके पोस्ट यहां देख सकते हैं. 

पड़ताल

क्या है दावे की सच्चाई? वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ‘RastraPress Media’ नाम के फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मिला जिसे 12 फरवरी को अपलोड किया गया था. वीडियो का कैप्शन नेपाली में लिखा है, जिसका हिंदी तर्जुमा है, “चुनाव की तैयारी के लिए मॉक ड्रिल (अभ्यास) करती सेना.”

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फेसबुक का स्क्रीनशॉट
फेसबुक का स्क्रीनशॉट

इससे साफ है कि वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है. चार महीने पहले से इंटरनेट पर मौजूद है. इससे हिंट लेते हुए कुछ कीवर्ड्स सर्च किए. हमें नेपाल के न्यूज़ पोर्टल ATV न्यूज पर 11 फरवरी को अपलोड किया गया एक पोस्ट मिला. इस पोस्ट में वायरल वीडियो मौजूद है. कैप्शन के मुताबिक,  वीडियो नेपाल का है जहां संसदीय चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सेना ने अभ्यास किया.

हमें वायरल वीडियो से मिलते-जुलते कई फोटो नेपाल के Tanahu जिले की पुलिस के फेसबुक पेज पर भी मिलीं. तस्वीरें 9 फरवरी को पोस्ट की गईं थीं. पोस्ट के मुताबिक, संसदीय चुनाव से पहले Tanahu जिले में एक मॉक पोलिंग और सुरक्षा अभ्यास किया गया था. जिसमें चुनाव अधिकारियों के अलावा सेना, पुलिस बल और खुफिया विभाग के लोग शामिल हुए थे.


नतीजा

कुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में साफ है कि नेपाल का पुराना वीडियो बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर पर BSF के एक्शन का बताकर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है.


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