NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोटेस्ट के दौरान कुछ लोगों ने 'जेन Z' को ‘गुमराह’ करने की कोशिश की थी. धर्मेंद्र प्रधान ने दावा किया कि मंत्री का पद उनके लिए कभी भी महत्वपूर्ण नहीं रहा है और उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इस्तीफा देने की पेशकश की थी.
'Gen Z हमारे बच्चे, कुछ लोगों ने गुमराह किया...', इस्तीफे के बाद पहली बार खुलकर बोले धर्मेंद्र प्रधान
पूर्व शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा कि NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट के दौरान कुछ लोगों ने 'Gen Z' को गुमराह किया. BJP नेता ने कहा कि उन्होंने खुद पीएम मोदी को इस्तीफे की पेशकश की थी.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने यह बात शनिवार, 8 अगस्त को ओडिशा के भुवनेश्वर में ‘गंगाधर मेहर यूनिवर्सिटी’ में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कही. करीब दो हफ्ते पहले NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बीच उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,
"जेन Z (Gen Z) हमारे बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की. तब मुझे कोई निजी समस्या नहीं थी. भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं. पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए. उनकी अपनी उम्मीदें हैं और वे भारत को विश्व गुरु बनाएंगे. पद मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं था."
धर्मेंद्र प्रधान ने एक दूसरी बैठक में ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि BJD कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन और ‘वापस जाओ’ के नारों से उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई. दरअसल, जब धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा लौटे थे तो एयरपोर्ट के बाहर BJD के युवा और छात्र विंग के कार्यकर्ताओं ने ‘धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए गए थे. इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,
"मैं एक किसान का बेटा हूं. अगर आप मुझे वापस जाने के लिए भी कहेंगे, तो भी मैं वापस आऊंगा."
धर्मेंद्र प्रधान ने BJD अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा,
"नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा इंसान भी कहते हैं. क्या मैंने कभी ऐसा कुछ किया है जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े?"
इस पर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार आवाज में ‘नहीं’ कहा. उन्होंने कहा,
"हो सकता है कि मैं राज्य का नाम रोशन न कर रहा हूं, लेकिन मैंने अपने काम से कभी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया है. मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की प्रतिष्ठा पर दाग लगे."
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BJD ने किया पलटवारBJD के संबलपुर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट को संभालने के तरीके को लेकर धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना हुई थी. रोहित ने कहा,
"धर्मेंद्र प्रधान को किसी ने बदनाम नहीं किया. जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और ज्यादती की. इससे उनकी पार्टी और सरकार ने ही उन्हें बदनाम किया है. ऐसी घटनाओं की वजह से धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना हो रही थी. मुझे समझ नहीं आता कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की ज्यादती के लिए वह पटनायक को क्यों दोषी ठहरा रहे हैं."
इस बीच, सूत्रों ने बताया कि संबलपुर पुलिस ने एहतियात के तौर पर BJD के लगभग 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस को आशंका थी कि पार्टी की युवा और छात्र विंग विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं.
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