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ईरान में भारत अमेरिका इजरायल के झंडे जलाए जाने का सच क्या?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक भीड़ भारत, अमेरिका और इजरायल के झंडे जलाते हुए नज़र आ रही है. दावा किया जा रहा है कि वीडियो ईरान का है.

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ईरान में भारत अमेरिका इजरायल के झंडे जलाए जाने का सच क्या?

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  • ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान करोड़ों लोग शामिल हुए और भारत के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि समारोह में मौजूद थे।
  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भारत, अमेरिका और इजरायल के झंडे जलाने का दावा किया गया, जो ईरान की सड़कों पर हो रहा बताया गया था।
  • पड़ताल में पाया गया कि वीडियो पाकिस्तान के कराची का है, न कि ईरान का, जिससे सोशल मीडिया पर फैलाया गया दावा भ्रामक साबित हुआ।

एक वीडियो जिसमें भारत, अमेरिका और इजरायल तीनों देशों के झंडे जलाए जा रहे हैं. एक दावा कि ये सब ईरान की सड़कों पर हो रहा है. और एक ऐसा वक्त जब ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई को अंतिम विदाई दे रहा है. करोड़ों लोग इसमें शरीक हो रहे हैं. भारत की तरफ से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन समारोह में शिरकत कर रहे हैं. दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल है जिसमें एक भीड़ भारत, अमेरिका और इजरायल के झंडे जलाते हुए नज़र आ रही है. दावा है कि वीडियो ईरान का है.  तो क्या है इसकी सच्चाई जानेंगे आज के पड़ताल में.

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CSR  Journal नाम के एक फेसबुक पेज ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “तेहरान में हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारतीय तिरंगे को जलाए जाने की हैरान करने वाली घटना ने ईरान के अपने रणनीतिक साझेदार भारत के प्रति सम्मान को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.”

CSR Journal की फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट
CSR Journal की पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इसी तरह एक पोस्ट को मालवीय नगर से विधायक रह चुके और आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने भी शेयर किया है. लिखा है, मोदी जी के विदेश यात्राओं के ऊपर देश के लोगों की गाढ़ी कमाई का लाखो करोड़ों खर्च कर देश को ये दिलवाया है मोदी जी ने!

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पड़ताल

तो क्या है वीडियो की सच्चाई? वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च करने पर हमें undefined नाम के यूट्यूब पेज पर 27 जून 2026 को अपलोड किया गया एक शॉर्ट वीडियो मिला. इसमें वायरल वीडियो देखा जा सकता है. लेकिन कैप्शन में जगह ईरान नहीं पाकिस्तान लिखा है. बताया गया है कि ये कराची में एक ईरान-समर्थक प्रदर्शन के दौरान हुआ था.

इससे हिंट लेते हुए हमने कुछ कीवर्ड्स सर्च किए. हमें एक इंस्टाग्राम पेज पर भी ये वीडियो मिला. कैप्शन में स्पेस्फिक जगह बताई गई है. जगह है कराची की मोहम्मद अली जिन्ना रोड'.

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इस जगह को गूगल मैप के स्ट्रीट व्यू में खोजने पर वायरल वीडियो में नज़र आ रही बिल्डिंग को साफ देखा जा सकता है. इससे ये कन्फर्म है कि वीडियो पाकिस्तान का है. वीडियो में लोगों के हाथों में बैनर-पोस्टर हैं जिसपर ऊर्दू और अंग्रेजी में बल्ड डोनेशन कैंप और इमामिया स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन लिखा मिला.

जिन्ना अली रोड का गूगल मैप का स्ट्रीट व्यू
बाएं तरफ मोहम्मद अली जिन्ना रोड का गूगल मैप स्ट्रीट व्यू                                                                                                                                                                                 दाएं तरफ वायरल वीडियो में नज़र आ रही बिल्डिंग

इसे खोजने पर हमें पाकिस्तान के IMC कराची रीजन के पेज पर 25 जून को अपलोड किए गया एक वीडियो भी मिला. वीडियो में 1 मिनट 10 सेकंड पर वायरल वीडियो वाला सीन दिखाई दे रहा है. वीडियो के साथ बताया गया है कि ये 25 जून को मुहर्रम के दिन का वीडियो है.

नतीजा

कुल मिलाकर, साफ है कि पाकिस्तान के कराची का वीडियो ईरान का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है.

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