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क्या PM मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इतनी भीड़ 'मुफ्त की रोटी' के लिए आई?

एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार का स्क्रीनशॉट वायरल है. उसमें लिखा है कि पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उमड़ी भीड़ फ्री करी और रोटी के चक्कर में आई थी.

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क्या PM मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 'फ्री करी-रोटी' देकर जुटाई गई थी भीड़?

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  • प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से संबंधित एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि फ्री करी और रोटी के कारण भारी भीड़ जमा हुई थी, जिसे एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार की फोटो के साथ जोड़ा गया था।
  • वायरल पोस्ट में जो स्क्रीनशॉट दिखाया गया, वह फेक और एडिटेड था; इसके तहत अखबार The Sydney Morning Herald ने अपनी वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से इस खबर की पुष्टि नहीं की।
  • अखबार ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने फ्री करी और रोटी से बड़ी भीड़ जुड़ने की कोई खबर प्रकाशित नहीं की है, और यह दावा भ्रामक है, जिससे इस मुद्दे पर गलतफहमी फैल सकती है।

क्या पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उमड़ी भीड़ फ्री करी और रोटी के चक्कर में आई थी? ये दावा सोशल मीडिया पर खूब वायरल है. वायरल हुआ है एक पोस्ट से जिसमें एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार का स्क्रीनशॉट है. लेकिन क्या है इस स्क्रीनशॉट की सच्चाई? जिस अखबार के हवाले से ये दावा किया जा रहा, आखिर उसका क्या कहना है, सब जानेंगे इस पड़ताल में.

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श्रीराम नाम के एक यूज़र ने वायरल पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “ऑस्ट्रेलियाई अखबार ने मोदी की मीटिंग में भारी भीड़ जुटने का राज़ खोल दिया. फ्री करी और रोटी ने बड़ी भीड़ खींच ली. यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की शर्मिंदगी है.”

वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट
वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट

पोस्ट पर करीब डेढ़ लाख व्यूज़ हैं, लगभग ढाई हज़ार रीट्वीट्स हैं और इसे आगे बढ़ाने वालो में पूर्व IPS यशवर्धन झा और TMC के पूर्व राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार हैं.

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पड़ताल

तो क्या है सच्चाई? अखबार के वायरल पन्ने को ध्यान से देखने पर हमें बाकी खबरों के नीचे रिपोर्टर की बायलाइन नज़र आई. लेकिन फ्री करी और रोटी वाली खबर के नीचे कोई बायलाइन नहीं है. इसके अलावा बाकी खबरों का फॉन्ट साइज़ अलग है, उन खबरों को जूम करके पढ़ा भी जा सकता है. लेकिन वायरल खबर के बाकी टेक्स्ट साफ नहीं हैं. ऐसा अमूमन एडिटेड या मॉर्फ्ड तस्वीरों के साथ होता है.

बाकी खबरों की हेडलाइन और उसके नीचे रिपोर्टर की बायलाइन देखकर साफ है कि अखबार है ‘The Age’ जिसकी पैरेंट कंपनी है ‘The Sydney Morning Herald’. अखबार और उसकी वेबसाइट को खंगालने पर हमें वायरल खबर कहीं नहीं मिली.  

गूगल लेंस से वायरल तस्वीर को खोजने पर हमें पत्रकार अमन शर्मा का 10 जुलाई का एक पोस्ट मिला. पोस्ट में उन्होंने कई ऑस्ट्रेलियाई अखबारों के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं. इनमें पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर छपी रिपोर्ट्स हैं. इनमें वो अखबार भी है जिसका स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा. लेकिन यहां एक कैच है. उस स्क्रीनशॉट में बाकी खबरें सेम हैं, लेकिन फ्री करी और रोटी वाली खबर नहीं है. उसकी जगह पीएम मोदी का स्वागत करने वाले ड्रमर की फोटो और अन्य खबरें हैं.

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हमने ऑस्ट्रेलियाई अखबार को ईमेल के ज़रिए संपर्क किया. अखबार ने वायरल दावे का खंडन किया. जिस पन्ने को वायरल किया जा रहा, अखबार ने उस पूरे पन्ने का स्क्रीनशॉट हमें भेजा. इसमें कहीं भी वो फ्री करी और रोटी वाली खबर नहीं है. उसकी जगह जो चीज़े छपी थीं, वो आप नीचे देख सकते हैं.

The Age का स्क्रीनशॉट
The Age का स्क्रीनशॉट

The Sydney Morning Herald ने दी लल्लनटॉप को बताया, “संस्थान की तरफ से “फ्री करी और रोटी ने भीड़ बटोरी” जैसी कोई खबर नहीं छापी है. ये एक फेक तस्वीर है जिसे AI से बनाया गया है.”

नतीज़ा

कुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में साफ है कि अखबार की तस्वीर को एडिट करके भ्रामक दावा किया जा रहा है. फ्री करी और रोटी के ज़रिए भीड़ जुटाने जैसी कोई खबर ऑस्ट्रेलियाई अखबार ने नहीं छापी थी.  

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