"देश के 40 करोड़ युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन आज वे महंगी शिक्षा, बेरोजगारी और पेपर लीक के चक्रव्यूह में फंस गए हैं." यह बात कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम में कही. युवाओं से बात करते हुए उन्होंने केंद्र और यूपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि हर 1,000 युवा भारतीयों में से केवल 12 को ही पक्की नौकरी मिल पाती है.
'दर्द, डेटा और दौलत...' राहुल गांधी ने Gen Z को समझाया
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने Prayagraj में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश के युवा महंगी शिक्षा, बेरोजगारी और पेपर लीक से परेशान हैं. BJP ने भी Jharkhand के बहाने राहुल को निशाने पर ले लिया.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार, 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित पार्टी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में तीन खास बातों पर जोर दिया- दर्द, डेटा और दौलत. एक तरह से 3D मैसेज. उनके मुताबिक, दर्द के मायने भारत की शिक्षा व्यवस्था से एजुकेशन लेने के बावजूद बेरोजगार रहने की पीड़ा है.
डेटा से राहुल का मतलब भारत के लोग जो डेटा क्रिएट करते हैं, उससे है. राहुल ने जोर दिया कि भारतीयों के डेटा हिंदुस्तान का है. उस पर भारत का हक होना चाहिए. दौलत पर राहुल का कहना है कि कुछ अमीर लोग और बड़ी-बड़ी कंपनियां भारतीयों के डेटा का फायदा उठाती हैं और पैसा बनाती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा करके ये कंपनियां भारतीयों को उनकी मर्जी का काम करने के लिए मजबूर करती हैं या उकसाती हैं.
राहुल गांधी ने जोर दिया कि ये ट्रेंड युवाओं को रील बनाने के लिए उकसाता है. राहुल ने इंस्टाग्राम रील बनान को लेकर कहा,
“ये सब 21वीं सदी का नशा है. आपसे कहा जाता है कि ब्लिंकिट में काम करो. उबर में काम करो. मजदूरी करो. 21वीं सदी का नशा करो. मगर तुम्हें नौकरी नहीं मिल सकती हिंदुस्तान में.”
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास युवाओं की सबसे बड़ी आबादी है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है. लेकिन सरकार इस ताकत का सही इस्तेमाल करने में नाकाम रही है, क्योंकि युवाओं को न तो नौकरियां मिल पा रही हैं और न ही आगे बढ़ने के आर्थिक मौके. उन्होंने कहा,
“अगर यह देश आगे बढ़ता है, तो आपकी ताकत की वजह से ही बढ़ेगा. भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है – 40 करोड़ ऊर्जावान युवा. यही देश की ताकत है.”
यह इवेंट कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कैंपेन का हिस्सा था, जो देश भर में 40 दिनों तक चलाया जा रहा है. इस मुहिम की शुरुआत जून में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को उठाने के साथ-साथ एग्जामिनेशन सिस्टम में सुधार की मांग के लिए की गई थी.
‘डिग्री से नौकरी की गारंटी नहीं’राहुल गांधी ने कहा कि परिवार हायर एजुकेशन पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन बाद में युवाओं को पता चलता है कि उनकी डिग्री से नौकरी की कोई गारंटी नहीं मिलती. उन्होंने कहा,
“आप इंजीनियरिंग, मेडिकल, पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स या जो भी चाहें, उसकी पढ़ाई करते हैं. आपके परिवारों से लाखों रुपये लिए जाते हैं और फिर आपको एक सर्टिफिकेट दिया जाता है. लेकिन आज भारत में उस सर्टिफिकेट का कोई मतलब नहीं है क्योंकि उससे आपको नौकरी नहीं मिल सकती.”
राहुल गांधी ने कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करने वाले एक युवा का भी जिक्र किया. युवा ने उन्हें बताया कि सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने से पहले वह दिन में लगभग 10 घंटे ब्लिंकिट (Blinkit) के लिए काम करता था और एक नंबर से इंडियन आर्मी का टेस्ट पास करने से चूक गया था.
'डेटा के बिना AI का मतलब नहीं'रायबरेली से सांसद राहुल ने कहा डेटा ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को चलाने वाला कच्चा माल है. उन्होंने कहा,
“अगर मैं आपको 20वीं सदी में पेट्रोल इंजन देता, लेकिन पेट्रोल देने से मना कर देता, तो आप कहते कि इंजन बेकार है. ठीक उसी तरह, आपके डेटा के बिना AI का कोई मतलब नहीं है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि इस डेटा से जियो, अडानी, फेसबुक और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों को फायदा हो रहा है.
'खत्म…टाटा, बाय-बाय'अपनी स्पीच के आखिर में राहुल गांधी ने कहा कि उनकी राजनीतिक लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ है. स्पीच के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उद्योगपति गौतम अडानी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीरें दिखाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि किसी से नफरत करने की जरूरत नहीं है.
उन्होंने कहा, "हमें बस सिस्टम बदलना है. हमें प्यार फैलाना है." इसके बाद उन्होंने अपने जाने-पहचाने अंदाज में "टाटा, बाय-बाय" कहकर अपनी बात खत्म की.
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BJP ने किया पलटवारभारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी पर पलटवार किया. भाजपा ने पूछा कि राहुल गांधी JMM-कांग्रेस शासित झारखंड में विरोध कर रहे उम्मीदवारों से मिलने के बजाय प्रयागराज में छात्रों को संबोधित क्यों कर रहे थे. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा,
"राहुल गांधी को प्रयागराज के बजाय रांची जाना चाहिए था."
वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने राहुल गांधी पर ‘दोहरे राजनीतिक पाखंड’ का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनके पास प्रयागराज के कार्यक्रम में शामिल होने का तो समय था, लेकिन रांची में विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मिलने का समय नहीं था.
वीडियो: झारखंड विरोध प्रदर्शन पर छात्रों के समर्थन में आए राहुल गांधी









