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पड़ताल: क्या अमेरिकी CEO ने कोरोना से भारत पर पड़ रहा भार दिखाने के लिए ये मैप बनाया?

भारत के मैप में राज्यों की जनसंख्या की तुलना दुनिया के देशों के साथ की गई है.

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इसी मैप के साथ लंबे-चौड़े दावे किए जा रहे हैं.

दावा

सोशल मीडिया पर भारत का एक मैप खूब वायरल हो रहा है. इस मैप में भारत के राज्यों की, जनसंख्या के आधार पर, अलग-अलग देशों से तुलना की गई है. जैसे कि यूपी की तुलना ब्राज़ील की जनसंख्या के आधार पर की गई है.
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने 15 अप्रैल को मैप की तस्वीर को ट्वीट (आर्काइव लिंक)
करते हुए लिखा,
रोचक मैप!

इस मैप के नीचे अंग्रेज़ी में एक संदेश भी लिखा है. हम आपको उसका हिंदी अनुवाद पढ़वा रहे हैं,
ये मैप एक अमेरिकी सीईओ ने डिजाइन किया है. इसमें उन्होंने भारत के राज्यों को उन देशों से दर्शाया है, जिनकी जनसंख्या संबंधित राज्यों की जनसंख्या के बराबर है.
इसके जरिए उन्होंने अपने कर्मचारियों को समझाया कि भारत एक साथ इतने सारे देशों के कोविड-19 संकट का एक साथ सामना कर रहा है. कुल मिलाकर, ये समस्या को प्रभावी ढंग से सुलझाने का एक उदाहरण है.
साथ में दो हैशटैग थे - #कोरोनावायरस और #पैनडेमिकरिस्पॉन्स. राम माधव के इस ट्वीट को 3,800 से अधिक बार री-ट्वीट किया जा चुका है.
इसी तरह का दावा फ़ेसबुक और वॉट्सऐप पर भी वायरल हो रहा है. इसमें कोविड-19 का ज़िक्र तो नहीं है, लेकिन इतने सारे देशों को संभालने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को थैंक्यू कहा गया है.
12 अप्रैल को फ़ेसबुक यूज़र रीता गुलाटी ने ये तस्वीर पोस्ट (आर्काइव लिंक)
करते हुए लिखा,
#अमेरिका
के एक NRI ने, जो कि अमेरिकन कम्पनी का CEO भी है, उसने भारतीय मैप को RE-DESIGN किया है, अपने कर्मचारियों को समझाने के लिए, कि सिर्फ जनसंख्या के अनुसार हिन्दुस्तान के प्रत्येक प्रदेश( STATE WISE) की जनसंख्या विश्व के किस देश के लगभग समान है। उस NRI ने भारत के मैप में हर प्रदेश के नाम की जगह (जैसे- उत्तर प्रदेश की जनसंख्या ब्राजील की जनसंख्या के बराबर) उस देश का नाम लिख दिया है बस।

साथ ही उसने अपने कर्मचारियों को यह भी समझाया कि हिन्दुस्तान की सत्ता सम्भालने का मतलब है कि हिन्दुस्तान का प्रधानमंत्री एक साथ कितने देशों की जनसंख्या को सम्भाल रहे है...🙏🙏
#अमेरिका के एक NRI ने, जो कि अमेरिकन कम्पनी का CEO भी है, उसने भारतीय मैप को RE-DESIGN किया है, अपने कर्मचारियों को...
Posted by Reeta Gulati
on Saturday, 11 April 2020
और भी कई यूज़र्स ने इस दावे को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है.

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ ने पूरे दावे की विस्तृत पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा झूठा निकला.
हमने सबसे पहले राम माधव के ट्वीट के रिस्पॉन्स पर गौर किया. इस ट्वीट के जवाब में फ़ैक्ट-चेक संस्था SM Hoaxplayer ने लिखा था कि राम माधव के द्वारा पोस्ट किया गया दावा झूठा है. इसी ट्वीट के जवाब में अर्पण श्रीवास्तव नाम के एक ट्विटर यूज़र ने Quora का एक लिंक पोस्ट करते हुए लिखा,
असल में, ये तस्वीर मैंने Quora पर एक सवाल के लिए, आठ साल पहले, माइक्रोसॉफ़्ट पेंट से बनाई थी. उस वक़्त, मेरे पास काफ़ी खाली समय हुआ करता था. मैं चकित हूं कि लोग ऐसा सोच रहे हैं कि किसी अमेरिकी सीईओ ने इस काम के लिए अपना समय दिया.
Quora का वो सवाल आप यहां
(आर्काइव लिंक)
देख सकते हैं. इसमें आप देख सकते हैं कि जवाब 26 नवंबर, 2012 को दिया गया था. इसी में अभी वायरल हो रहा मैप एम्बेड किया गया था. मतलब कि ये मैप नोवेल कोरोना वायरस का संकट शुरू होने या नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से काफ़ी पहले बनाया गया था.
2012 में दिया गया एक जवाब, जिसमें लगा मैप अब अलग दावे के साथ वायरल हो गया.
2012 में दिया गया एक जवाब, जिसमें लगा मैप अब अलग दावे के साथ वायरल हो गया.

Quora एक ऑनलाइन पब्लिक प्लेटफ़ॉर्म है, जहां पर यूज़र सवाल करते हैं और उनपर दूसरे यूजर्स अपनी समझ के मुताबिक़ जवाब देते हैं.
वायरल मैप को ध्यान से देखने पर कई अशुद्धियां नज़र आती हैं,
- वायरल तस्वीर में पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया है. इसी तरह अरुणाचल प्रदेश को भारत की सीमा में शामिल नहीं किया गया है.
- वायरल मैप में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को एक स्टेट के तौर पर दिखाया गया है. जबकि, 2014 में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना अलग हो गए थे.
‘Survey of India’ भारत सरकार की एक संस्था है. इसका एक काम भारत की आधिकारिक सीमाओं का रेखांकन करना भी है. हमने सर्वे ऑफ़ इंडिया की वेबसाइट
पर चेक किया. यहां हमें पता चला कि भारत के मानचित्र में देश की सीमाओं को ग़लत तरीके से दर्शाना एक दंडनीय अपराध है. ऐसा करने पर छह महीने तक की जेल या जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है.
भारत की सीमाओं को ग़लत ढंग से दिखाने पर सजा का प्रावधान है.
भारत की सीमाओं को ग़लत ढंग से दिखाने पर सजा का प्रावधान है.

हमने गूगल पर कीवर्ड्स की मदद से इंटरनेट पर भी सर्च किया. हमें ऐसी कोई प्रामाणिक रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें किसी अमेरिकी सीईओ के द्वारा इस तरह का कोई मैप डिजाइन करने का ज़िक्र हो. 

नतीजा

अमेरिकी सीईओ द्वारा भारत का मैप री-डिजाइन करने का दावा फ़र्ज़ी निकला. ये दावा भी ग़लत निकला कि ये मैप कर्मचारियों को ये बताने के लिए किया गया था कि कोरोना काल में भारत सरकार इतने सारे देशों का भार अकेले उठा रही है. असलियत है कि एक Quora यूज़र ने, एक सवाल को समझाने के लिए ये मैप MS-Paint की मदद से 2012 में बनाया था.

अगर आपको भी किसी ख़बर पर शक है तो हमें मेल करें- padtaalmail@gmail.com
पर.
हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.

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कोरोना वायरस से जुड़ी हर बड़ी वायरल जानकारी की पड़ताल हम कर रहे हैं. इस लिंक पर क्लिक करके जानिए वायरल दावों की सच्चाई.

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