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पड़ताल: क्या 18 देशों ने मिलकर PM मोदी को 'विश्व कोरोना नियंत्रण समिति' का अध्यक्ष बना दिया है?

दावा है इन 18 देशो में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे ताकतवर देश भी शामिल हैं.

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हमारी पड़ताल में सामने आया वायरल दावे का सच.

दावा

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक मैसेज शेयर हो रहा है. दावा
है कि दुनिया के सबसे ताकतवर देशों ने मिलकर उन्हें ‘विश्व कोरोना नियंत्रण समिति’ का अध्यक्ष चुना है.

ये मैसेज मराठी
में वायरल हो रहा है.
वायरल दावे का मराठी वर्जन.
वायरल दावे का मराठी वर्जन.

हिंदी अनुवाद देखिए,
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन समेत 18 देशों की मान्यता मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व कोरोना नियंत्रण समिति के अध्यक्ष चुने गए हैं. क्या थालियां, क्या दीये, दुनिया भर के लोगों का दिया मान बताता है कि ये आदमी कितना ताकतवर और इसका काम करने का तरीका क्या है.
7 अप्रैल को फ़ेसबुक पेज केपी मेहता भाजपा ने पोस्ट किया था (आर्काइव लिंक)
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विश्व कोरोना नियंत्रण समिति के अध्यक्ष पद पर हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी मोदी कि नियुक्ति।। नमो नम: 🙏
विश्व कोरोना नियंत्रण समिति के अध्यक्ष पद पर हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी मोदी कि नियुक्ति।। नमो नम: 🙏
Posted by के पी मेहता भाजपा
on Tuesday, 7 April 2020
इस फ़ेसबुक पोस्ट को 150 से अधिक बार शेयर किया जा चुका है. ऐसा ही दावा कई और भी फ़ेसबुक
 यूजर्स ने किया है. 

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ ने इस दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा ग़लत और भ्रामक निकला.
हमने कीवर्ड्स की मदद से इंटरनेट पर सर्च किया. वहां हमें ‘विश्व कोरोना नियंत्रण समिति (World Corona Control Committee)’’ जैसी किसी संस्था का ज़िक्र नहीं मिला. हमें ऐसी कोई प्रामाणिक रिपोर्ट भी नहीं मिली, जिसमें ऐसी किसी संस्था के बनने की जानकारी हो.
26 मार्च, 2020 की द हिंदू की रिपोर्ट
के अनुसार, G20 देशों के नेताओं ने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए बात की. इस कॉन्फ़्रेंस की अध्यक्षता सऊदी अरब
ने की थी. इस मीटिंग में भी कोरोना नियंत्रण समिति का ज़िक्र नहीं हुआ.

हमने आगे और सर्च किया. 4 अप्रैल, 2020, की लाइवमिंट की रिपोर्ट
के अनुसार, पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने टेलीफ़ोन के जरिए बातचीत की. इस दौरान, दोनों देशों ने मिलकर नोवेल कोरोना वायरस संकट का सामना करने पर जोर दिया था. दोनों नेताओं ने अपने-अपने देशों में उठाए गए कदमों की जानकारी भी साझा की. इस बातचीत में कहीं भी किसी समिति का ज़िक्र नहीं था.

8 अप्रैल को, ट्रंप ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात में ढील देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को थैंक्यू कहा था. ट्वीट देखिए, 6 अप्रैल को, प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने फ़ोन पर बात की और इस संकट में एक-दूसरे की मदद करने पर जोर दिया. इस बातचीत में भी ‘विश्व कोरोना नियंत्रण समिति’ की बात नहीं आई.
6 अप्रैल को भारत और ऑस्ट्रेलिया के पीएम के बीच क्या बातचीत हुई.
6 अप्रैल को भारत और ऑस्ट्रेलिया के पीएम के बीच क्या बातचीत हुई.

ऐसे ही आपसी सहयोग वाली बात 12 मार्च के दिन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ
 भी हुई थी. लेकिन इस बातचीत में भी किसी कोरोना कंट्रोल कमिटी की बात नहीं आई.

नतीजा

प्रधानमंत्री मोदी को 18 देशों द्वारा ‘विश्व कोरोना नियंत्रण समिति’ का अध्यक्ष बनाए जाने का दावा ग़लत है. हमारी पड़ताल में ऐसी किसी समिति के अस्तित्व में होने का ज़िक्र नहीं आया. वैश्विक स्तर पर, कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जंग का नेतृत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कर रहा है. बाकी, कोरोना संकट से निपटने के लिए कई देशों ने अपने यहां स्पेशल टास्क फ़ोर्स बनाई हैं.
हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैसेज में लिखे गए देशों के नेताओं की हालिया बातचीत की भी पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल हो रहा दावा झूठा निकला. ऐसी कोई भी समिति नहीं बनाई गई है. 

अगर आपको भी किसी ख़बर पर शक है तो हमें मेल करें- padtaalmail@gmail.com
पर.
हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.

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कोरोना वायरस से जुड़ी हर बड़ी वायरल जानकारी की पड़ताल हम कर रहे हैं. इस लिंक पर क्लिक करके जानिए वायरल दावों की सच्चाई.

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