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फिल्म एग्जीबिटर ने अक्षय कुमार के कॉर्पोरेट बुकिंग की पोल खोल दी!

विशेक चौहान ने शाहरुख की 'पठान' और विकी कौशल की 'छावा' पर भी बड़े दावे किए हैं.

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फिल्म प्रोड्यूसर भूषण कुमार भी कॉर्पोरेट बुकिंग के खिलाफ़ आवाज़ उठा चुके हैं.

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  • अक्षय कुमार की फिल्म 'स्काय-फोर्स' पर कॉर्पोरेट बुकिंग के जरिए टिकटें खरीदकर बॉक्स ऑफिस संग्रह में बढ़ावा देने के आरोप फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर और थिएटर ओनर विशेक चौहान ने लगाए।
  • फिल्म इंडस्ट्री में कॉर्पोरेट बुकिंग एक सामान्य प्रथा बन चुकी है, जिससे वास्तविक दर्शक संख्या और मूवी की कमाई के आंकड़ों में भारी अंतर आता है, जिससे विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं।
  • कॉर्पोरेट बुकिंग के कारण फिल्म के असली दर्शक कम होने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बढ़ा कलेक्शन दर्शाता है, जिससे ट्रेड विशेषज्ञों ने इंडस्ट्री के लिए संभावित नकारात्मक प्रभावों की चेतावनी दी है।

फिल्म इंडस्ट्री में किसी मूवी का हौवा बनाने के लिए मेकर्स अक्सर खुद ही उसकी बहुत-सी टिकटें खरीद लेते हैं. सिनेमा की भाषा में इसे कॉर्पोरेट बुकिंग कहा जाता है. ऑन-पेपर ऐसा लगता है कि फिल्म खूब धूम मचा रही. मगर असल में सिनेमाघर खाली पड़े होते हैं. हाल ही में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर और थिएटर ओनर Vishek Chauhan ने Akshay Kumar स्टारर Sky Force पर इस तरह के आरोप लगाए हैं.

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विशेक बिहार के पूर्णियां जिले में रूपबानी सिनेमा चलाते हैं. साथ ही वो ट्रेड एक्सपर्ट भी हैं. पिछले दिनों उन्होंने सिद्धार्थ कनन को एक इंटरव्यू दिया. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आजकल कॉर्पोरेट बुकिंग काफी नॉर्मल हो चुका है. इस कारण कई जेनुइन फिल्मों के आंकड़ों पर भी सवाल उठने लगे हैं. जब उनसे किसी मूवी का नाम बताने कहा गया तो उन्होंने बगैर देरी किए अक्षय की 'स्काय-फोर्स' का ज़िक्र किया. वो कहते हैं,

"स्काय-फोर्स पर काफी इल्ज़ाम लगे थे. मुझे भी उसके बॉक्स ऑफिस नंबर बहुत बढ़े-चढ़े लग रहे थे. जो नंबर उसके बताए जा रहे थे और जो मैं अपने थिएटर में कलेक्शंस देख रहा था, वो कहीं से भी मैच नहीं कर रहा था. जब ओपनिंग डे गुजरा तो लिखा आया कि फिल्म ने x-y-z कमाए हैं. पर जब मैंने अपना कलेक्शन देखा तो सोच में पड़ गया कि यहां पब्लिक क्यों नहीं आ रही."

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सैकनिल्क के मुताबिक, 'स्काय-फोर्स' ने बॉक्स ऑफिस पर 150 करोड़ रुपए कमाए थे. मगर विशेक का कहना है कि ये आंकड़ा कॉर्पोरेट बुकिंग के कारण इतना बड़ा नजर आ रहा था. उनके मुताबिक, थिएटर्स में तो इतने दर्शक आ ही नहीं रहे थे. बातचीत के दौरान विशेक ने शाहरुख स्टारर 'पठान' का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि उस मूवी पर कॉर्पोरेट बुकिंग के आरोप लग रहे थे. लेकिन अपने थिएटर में उन्हें ऐसा महसूस नहीं हुआ. 'पठान' के लिए उन्होंने पहली बार सुबह 6 बजे का शो रखा था. लेकिन वो भी हाउसफुल था.

'छावा' का ज़िक्र होने पर विशेक ने कहा कि विकी कौशल की फिल्म का सब्जेक्ट महाराष्ट्र सेंट्रिक था. इसलिए वहां तो उन्हें दर्शक मिल रहे थे लेकिन बिहार या आसपास के राज्यों में उसे स्टार्टिंग में खास रिस्पॉन्स नहीं मिला. हालांकि बाद में वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी के कारण लोग आने लगे. फिर भी, मूवी का जो आंकड़ा मैडॉक फिल्म्स ने दिखाया था, वैसा कभी देखने को नहीं मिला. 

सैकनिल्क के मुताबिक, 'छावा' का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 807 करोड़ रुपए था. लेकिन मेकर्स पर कॉर्पोरेट बुकिंग करने के आरोप लगे. ट्रेड एनलिस्ट कोमल नाहटा ने तो ये तक कह दिया था कि मैडॉक की ये हरकत इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रही है. यदि ऐसा ही चलता रहा तो वो कल को मूवी हिट कराने के लिए लोगों की हत्याएं तक करवा देंगे.

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वीडियो: धुरंधर की कमाई पर बढ़ा विवाद, ट्रेड एनलिस्ट बोले- ये सब कॉर्पोरेट बुकिंग!

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