Diljit Dosanjh स्टारर Satluj Zee5 पर रिलीज हुई. लोगों ने ये फिल्म देखी और उस पर विमर्ष शुरू हो गया. अभी इस फिल्म को लेकर रिएक्शंस आ ही रहे थे कि Zee5 ने एक और स्टेटमेंट जारी किया. इसमें बताया कि फिल्म अब उनके प्लैटफॉर्म से हटा दी गई है. वो कोशिश करेंगे कि इसे जल्द वापस लाया जाए. ‘सतलुज’ पिछले 3-4 सालों से रिलीज़ का इंतज़ार कर रही थी. मगर सेंसर बोर्ड से क्लीयरेंस नहीं मिलने की वजह से इसे सिनेमाघरों में रिलीज़ नहीं किया जा सका. ऐसे में अचानक इस फिल्म के ओटीटी रिलीज़ से लोग चौंक गए. मेकर्स ने बिना किसी हो-हल्ले या प्रमोशन के इसे Zee5 पर उतार दिया. मगर ऐसा कैसे संभव हो पाया, इस बारे में फिल्म के डायरेक्टर Honey Trehan ने बात की है. उन्होंने बताया कि इसके ओटीटी रिलीज़ की खबर उन्हें भी दो-तीन पहले ही मिली.
"मुझे सतलुज की रिलीज की भनक तक नहीं थी"... डायरेक्टर ने बताया तगड़ी प्लानिंग के बीच चुपके से कैसे रिलीज़ हुई फिल्म
'सतलुज' के डायरेक्ट हनी त्रेहान ने बताया कि उनकी फिल्म को दिल्ली इलेक्शन का हवाला देकर रोका गया. मगर कभी कोई कानूनी या तार्किक वजह नहीं बताई गई.


OTT से फिल्म के हटने से कुछ घंटों पहले दी हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया ने हनी त्रेहान से बात की थी. बातचीत में हनी ने बताया कि उन्होंने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी कि ये फिल्म कभी रिलीज हो पाएगी. हनी ने बताया कि रिलीज से पहले सिर्फ कोर कॉरपोरेट टीम को पता था कि ये कब और कहां स्ट्रीम होने जा रही है. कोर टीम के अलावा सिर्फ दिलजीत दोसांझ को इसकी जानकारी थी. हनी ने बताया,
“RSVP (रॉनी स्क्रूवाला की कंपनी, जिसने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया) और Zee की टीम पर्दे के पीछे इसको लेकर बहुत बड़े स्तर पर काम कर रही थी. सच कहूं तो, मुझे लगने लगा था कि शायद यह फिल्म कभी रिलीज़ ही नहीं होगी. मैं लगातार दुआ कर रहा था. लेकिन मन में एक डर और शक भी बैठ गया था. हम कई बार रिलीज़ के करीब पहुंचे. मगर रिलीज़ कर नहीं पाए. ऐसे में मैंने सोच लिया था कि जब तक फिल्म रिलीज़ नहीं हो जाती, तब तक मैं इसका जश्न नहीं मनाऊंगा. शुक्रवार शाम 6 बजे के करीब मैंने टीम को मैसेज करके पूछा कि क्या ये वाकई आज रात रिलीज़ हो रही है? जैसे ही मैंने RSVP को मैसेज भेजा, उसी वक्त दिलजीत पाजी का मैसेज आया कि पाजी, आज रात सच में रिलीज़ हो रही है. ऐसा लगा जैसे टेलीपैथी हो गई हो. इस फिल्म को रिलीज़ करने का पूरा क्रेडिट Zee को जाता है."
Zee और रॉनी स्क्रूवाला की कंपनी इससे पहले ‘सोनचिड़िया’ और ‘केदारनाथ’ जैसी फिल्मों पर भी साथ काम किया था. इसलिए उनका एक पुराना प्रोफेशनल संबंध रहा है. वही इक्वेशन ‘सतलुज’ की रिलीज़ के वक्त काम आया. हनी ने बताया कि उन्होंने ये फिल्म उन्होंने बड़े पर्दे पर ही रिलीज करने के लिए ही बनाई थी. मगर जैसे जैसे समय बीता, रास्ते में कई रूकावटें आती गईं. इस बाबत वो कहते हैं,
"समय के साथ मुश्किलें बढ़ती गईं. बार-बार (सेंसर बोर्ड की तरफ से) यही कहा जा रहा था कि ये हिस्सा काट दीजिए, इसे हटा दीजिए, इस सीन में बदलाव कीजिए. सबसे निराशजनक बात ये थी बदलाव करने को क्यों कहा जा रहा है CBFC की तरफ़ से इसको लेकर कभी कोई कानूनी और तार्किक वजह नहीं बताई गई."
हनी त्रेहान बताते हैं कि उन्होंने सेंसर बोर्ड से कई बार इस फिल्म को लेकर अपडेट मांगा. मगर उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया. वो कहते हैं-
“हमें कुल 127 कट लगाने को कहा गया. इस बारे में हमारी आखिरी बातचीत 24 दिसंबर हो हुई, जब हम फिल्म की इंटरनेशनल रिलीज़ स्ट्रैटेजी बना रहे थे. जब हम बिल्कुल इस फिल्म को इंटरनेशनली रिलीज़ करने की कगार पर खड़े थे, तब हमें (सेंसर बोर्ड) कहा गया, ‘अभी दिल्ली चुनाव आ रहे हैं. अभी ये रिलीज़ मत करिए. हम आपको बताएंगे कि कब आगे बढ़ना है'. मगर उसके बाद हमें कोई जानकारी नहीं दी गई. बिल्कुल चुप्पी साध ली गई. रॉनी सर ने बार-बार अथॉरिटीज से बात करने की कोशिश की. मगर हमें कोई जवाब नहीं मिला. तब रॉनी सर ने तय किया कि इस फिल्म को ओटीटी पर रिलीज़ करना ही व्यवहारिक फैसला है.”
हनी ने बताया कि ZEE की टीम को फिल्म बहुत पसंद आई. उनका मानना था कि इसे हर हाल में दर्शकों तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने इस फिल्म को ऐसे अपनाया, जैसे किसी अनाथ बच्चे को अपना लिया हो. फिल्म का नाम ‘पंजाब 95’ से ‘सतलुज’ क्यों किया गया, इसके जवाब में हनी कहते हैं-
“टेक्निकली हमने पंजाब 95 के लिए कभी ऑफिशियल क्लीयरेंस लिया ही नहीं था. अगर आप इस फिल्म की शुरुआत को ट्रेस करेंगे, तो पाएंगे कि ‘सतलुज’ टाइटल हमेशा हमारे जेहन में था. ओरिजनली, तो मैं इसे ‘गल्लूघारा’ नाम देना चाहता था. इसके बाद मैं दो और नाम सुझाए- ‘पंजाब 95’ और ‘सतलुज’. जब हमारी फिल्म के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर की डेट मालूम पड़ी, तो हमने इसे ‘पंजाब 95’ नाम से ही वहां भेजने का फैसला लिया. फिर हमें मालूम पड़ा कि ‘1995’ नाम का एक वेरिएशन किसी और ने पहले ही रजिस्टर करवा ऱखा है. मुझे लगा कि जब मेरी फिल्म खुद अपनी ज़िंदगी की लड़ाई लड़ रही है, ऐसे में मैं टाइटल को लेकर कोई कॉर्पेट लड़ाई नहीं चाहता था. ‘सतलुज’ टाइटल हमारी प्रोडक्शन कंपनी ने रजिस्टर करवा रखा था. सबको लगा कि ये बड़ा पोएटिक और खूबसूरत टाइटल है, जो फिल्म की जॉग्रफी और पंजाबी की स्पिरिट के साथ मेल भी खा रहा है. मैं तुरंत इसके लिए मान गया. अगर ये फिल्म थिएटर्स में भी रिलीज़ होती, तब भी इसका टाइटल ‘सतलुज’ ही होता.”
आपको बता दें कि फिल्म करीब 3 साल तक रिलीज का इंतजार कर रही थी. CBFC ने मेकर्स से इसमें 127 से ज़्यादा कट्स लगाने के निर्देश दिए. मेकर्स इसके लिए तैयार नहीं हुए. उनका कहना था कि इतने कट्स के बाद फिल्म में कुछ बचेगा ही नहीं. इसलिए फिल्म सेंसर बोर्ड के पास सालों अटकी रही. फिर इसे Zee5 पर लाया गया. मगर 48 घंटों के बाद वहां से भी फिल्म हट गई. ‘सतलुज’ में दिलजीत दोसांझ, सुविंदर पाल विकी, अर्जुन रामपाल, गीतिका विद्या ओहल्यान, अर्जुन रामपाल, जगजीत संधु और वरुण बडोला जैसे एक्टर्स ने काम किया है.
वीडियो: फिल्म Satluj को OTT प्लेटफार्म से हटाया गया, दिलजीत दोसांझ क्या बोले?


















