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चंपत राय-अनिल मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट से बाहर, इस्तीफा मंजूर कर समिति ने कहा- 'हम शर्मिंदा हैं'

राम मंदिर चढ़ावा गबन विवाद के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा ट्रस्ट ने मंजूर कर लिया है. अब ट्रस्ट की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन संभालेंगे और नई टीम का गठन करेंगे.

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चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर. (फोटो- India Today)

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  • राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने चंदा चोरी मामले के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था, जिसे ट्रस्ट ने 6 जुलाई को मंजूर कर लिया।
  • चंदा चोरी के आरोपों के सामने आने के बाद ट्रस्ट में इस्तीफों की मांग हुई, जिससे परिषद ने विवाद के बीच स्थिति नियंत्रित करने के लिए इस्तीफे स्वीकार किए।
  • इस्तीफों के बाद कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है और 22 जुलाई को नई नियुक्तियों और एसआईटी रिपोर्ट पर बैठक तय की गई है।

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. राम मंदिर के चंदे के गबन का मामला सामने आने के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय ने इस्तीफा दिया था. उनके साथ ट्रस्ट के अन्य सदस्य अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दिया था. उनका इस्तीफा भी मंजूर कर लिया गया है. 

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ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जो कुछ हुआ, उससे हमें दुख और शर्मिंदगी है. चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. गिरि ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट का काम अब कृष्ण मोहन देखेंगे. 

गोविंद गिरी ने मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया था. महामंत्री के नाते काम करने वाले चंपत राय को इस घटना से बड़ी वेदना हुई थी. उन्हें लगा कि जब तक सारा न्याय हो नहीं जाता. अपराधी पकड़े नहीं जाते. तब तक हम लोगों को वहां पर बने रहना ठीक नहीं लगता. यह सोचकर उन्होंने इस्तीफा दिया. 

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गिरि ने कहा,  

इसे मानना या न मानना हमारे (ट्रस्ट के) हाथ में था. इस पर के. परासरण ने कहा कि संविधान से अनुसार इस्तीफा देते ही वह स्वीकृत माना जाता है. इसलिए हम लोगों के पास अन्य कोई चारा नहीं था. उन्होंने हम लोगों को समझाया कि हमारे पास कोई चॉइस नहीं है. चंपत राय ने त्यागपत्र दे दिया है तो उसे स्वीकार या अस्वीकार करना हमारे हाथ में नहीं है. हम लोगों ने उसे स्वीकार कर लिया. 

गिरी ने आगे कहा कि इसके बाद कृष्ण मोहन जी को ट्रस्ट का काम सौंपा गया है. वह राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी महासचिव होंगे. वह अपनी नई टीम बनाएंगे. कृष्ण मोहन राम मंदिर चंदा चोरी मामले के मुख्य शिकायतकर्ता और ट्रस्ट के न्यासी भी हैं.

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गिरि ने आगे बताया कि ट्रस्ट में कुछ और पदाधिकारी भी नियुक्त होंगे और कुछ न्यासी भी नियुक्त किए जाएंगे. इसके लिए एक छोटी सी समिति गठित की गई है. 22 जुलाई को दोबारा बैठक कर इस पर काम किया जाएगा. तब तक एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट भी आ जाएगी.

बता दें कि 7 जून को चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद 26 जून को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के अन्य सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया था. तब ट्रस्ट ने कहा था कि अगली मीटिंग में इस इस्तीफे पर चर्चा करके अंतिम निर्णय लिया जाएगा. 6 जुलाई को ट्रस्ट की मीटिंग में दोनों के इस्तीफे को मंजूर कर लिया गया है. 

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