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'रैलियों में सतर्कता से बोलें राहुल गांधी', चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता को जारी की एडवाइजरी

1 मार्च को चुनाव आयोग ने चेतावनी दी थी कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए पार्टियों, उम्मीदवारों और स्टार प्रचारकों को सिर्फ 'नैतिक निंदा' के बजाय कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

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चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को अपनी पार्टी के सभी स्टार कैंपेनर और प्रत्याशियों को भी इस एडवाइजरी के बारे में बताने के लिए कहा है. (फोटो- PTI)

चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को एक एडवाइजरी जारी की है. आयोग ने राहुल गांधी से कहा है कि वो चुनावी रैलियों में जनता के बीच सोच-समझकर बोलें. साथ ही सलाह दी है कि राहुल आयोग के 1 मार्च वाले नोटिस को ध्यान में रखें.

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एएनआई के मुताबिक 21 दिसंबर 2023 को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से कहा,

"आपको इलेक्शन कैंपेन के दौरान स्टार प्रचारकों और राजनीतिक नेताओं के लिए जारी किए गए नोटिस का सही ढंग से पालन करना चाहिए."

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बता दें कि नवंबर 2023 में राहुल गांधी राजस्थान के बाड़मेर और उदयपुर में चुनावी सभा कर रहे थे. उस दौरान उन्होंने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में भारत की हार के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार बताया था. राहुल ने कहा था,

"अच्छा भला वहां (फाइनल) पर हमारे लड़के वर्ल्ड कप जीत जाते, (लेकिन) पनौती हरवा दिया. टीवी वाले ये नहीं कहेंगे, लेकिन जनता जानती है."

राहुल के इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उनसे जवाब मांगा था.

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राहुल गांधी कांग्रेस के स्टार कैंपेनर की लिस्ट में शामिल हैं. आयोग ने राहुल को अपनी पार्टी के सभी स्टार कैंपेनर और प्रत्याशियों को भी इस एडवाइजरी के बारे में बताने के लिए कहा है.

1 मार्च को चुनाव आयोग ने चेतावनी दी थी कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए पार्टियों, उम्मीदवारों और स्टार प्रचारकों को सिर्फ 'नैतिक निंदा' के बजाय कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. आयोग ने कहा था कि पार्टी या प्रत्याशी मतदाताओं से जाति, धर्म या भाषा के नाम पर वोट न मांगें. वो भक्त और भगवान के बीच संबंध और उनकी श्रद्धा का मजाक न उड़ाएं. किसी मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा या फिर किसी भी धार्मिक स्थल पर चुनाव प्रचार न करें. ऐसे प्रत्याशी या स्टार कैंपेनर, जिन्हें पहले नोटिस दिया गया है, उन्होंने इस बार किसी निर्देश की अवहेलना की तो उन पर सीधे कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

वीडियो: राहुल गांधी की न्याय यात्रा में क्या बोले अखिलेश यादव?

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